ऐसा क्या है #MeToo जिसे 21वीं सदी का सबसे बड़ा आंदोलन कहा जा रहा है

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MeToo biggest movement 21st century

MeToo biggest movement 21st century : जानकारी के बता दे की 25 सितम्बर 2018 के बाद से यौन उत्पीड़न की शिकार हुई ढेर सारी भारतीय महिलाये सोशल मिडिया पर हैशटैग #MeToo के साथ अपनी कहानिया बया कर रही है ! पर यह #MeToo है क्या? क्यों इसे एक आंदोलन माना जा रहा है और इससे महिलाओ का क्या फायदा हो रहा है ! यह सब हम आपको इस आर्टिकल में बताएँगे !

MeToo biggest movement 21st century : 

क्या है #MeToo आंदोलन

बता दे की यह महिलाओ पर होने वाले यौन उत्पीड़न शोषण और बलात्कार के खिलाफ आंदोलन है जिसमे महिलाये #MeToo हैशटैग के साथ अपनी कहानिया बता रही है ! वे बता रही है की उनकी ज़िन्दगी में कब किसी प्रभावशाली या उनके करीबी शख्स ने उनका यौन उत्पीड़न किया। #मेटू के साथ महिलाये ताज़ा मामलो से लेकर दशकों पुराने मामले सामने ला रही है ! की किस तरह उन्हें प्रभाव या शारीरक ताकत से मज़बूर करके उनका यौन उत्पीड़न किया गया।

कभी कभी वे डर कर चुप हो गयी ! या कभी उन्होंने बदनामी के डर से मुँह नहीं खोला ! कभी भी उन्हें समझ में नहीं आया की क्या करना चाहिए ! लेकिन अब जबकि उनके पास सोशल मिडिया पर आवाज़ उठाने का मौका है ! तो वे अपनी कहानियो और चेहरों के साथ सामने आ रही है ! #MeToo के साथ उन महिलाओ की कहानिया सबसे ज्यादा सामने आ रही है जिनका वर्क प्लेस पर यौन उत्पीड़न किया गया।

कब शुरू हुआ #MeToo आंदोलन

#MeToo आंदोलन की असल शुरुआत तो 2006 में हुई थी ! लेकिन यह प्रचलन में आया अक्टूबर 2017 में ! जानकारी के लिए बता दे की 2006 का किस्सा बताने से पहले हम आपको 2017 का मामला बताएंगे ! 16 अक्टूबर 2017 की दोपहर अमेरिकी एक्ट्रेस एलिसा मिलानो ने यौन हमले और उत्पीड़न की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए एक ट्वीट किया गया ! जिसमे उन्होंने #MeToo का इस्तेमाल किया। एलिसा के इस ट्वीट किया जिसमे उन्होंने #MeToo का इस्तेमाल किया ! एलिसा के इस ट्वीट का असर यह हुआ की दिन ख़तम होते होते #MeToo के साथ दो लाख से ज्यादा ट्वीट हो चुके थे !

जानकारी के लिए बता दे की फेसबुक पर पहले 24 घंटे में 47 लाख से ज्यादा लोगो ने अपनी 1 करोड़ 20 लाख पोस्ट्स में #MeToo का इस्तेमाल किया ! इनमे से 45 % लोग अमेरिकी थे ! लाखो से ज्यादा लोगो ने यह हैशटैग इस्तेमाल किया और हज़ारो से ज्यादा लड़कियों ने अपने खिलाफ हुए यौन उत्पीड़न की कहानिया बताई जिनमे ग्वेनेथ पाल्ट्रो, ऐश्ली जूड, जेनिफर लॉरेंस और उमा थर्मन जैसी दिग्गज अभिनेत्रियां शामिल हैं।

आपको बता दे ढेर सारी एक्ट्रेस और मॉडल्स ने बताया की हार्वी ने उन्हें काम देने के बदले उनका यौन उत्पीड़ित किया ! हार्वी हॉलीवुड की बड़ी प्रोडक्शन कंपनी मीरामैक्स के को फाउंडर है ! हार्वी के नाम के साथ ‘गैंग्स ऑफ न्यूयॉर्क’, ‘इन टू दि वेस्ट’, ‘पल्प फिक्शन’, ‘मिमिक’, ‘स्कैरी मूवी’, ‘किल बिल’, ‘रैंबो’ और ‘दि हेटफुल एट’ जैसी बड़ी फिल्में जुड़ी हैं। जैसे की हार्वी के खिलाफ यौन उत्पीड़ित की कहानिया सामने आने लगी है ! हॉलीवुड में हर किसी ने उनसे किनारा कर लिया और उनके साथ काम करने से इनकार भी कर दिया !

#MeToo की वजह से पहला सबसे बड़ा भूचाल हॉलीवुड में आया ! जिसके बाद धीरे धीरे यह म्यूजिक इंडस्ट्री , साइंस , अकैडमिक्स और पॉलिटिक्स तक फैल गया। इस तरह तमीम सफेदपोशों और समाज के सामने संत की छवि वाले लोगों की असलियत सामने आने लगी। जानकारी के लिए बता दे की यह बात दावे के साथ नहीं कही जा सकती कि इस हैशटैग के साथ जितने भी इल्ज़ाम लगाए गए, वो सारे सही ही हैं। भारत में भी ऐसा हुआ है !

2006 में क्या हुआ था

जानकारी के लिए आपको बता दे की अमेरिका सोशल एक्टिविस्ट और कम्युनिटी ऑर्गनाइज़र तराना बर्क ने सबसे पहले 2006 में ‘माइस्पेस’ नाम के सोशल नेटवर्क पर #MeToo का इस्तेमाल किया था। ऐसा उन्होंने रंगभेद की शिकार महिलाओ के साथ यौन उत्पीड़न की कहानी बया करते हुए लिखा था ! बर्क ने बताया की यह शब्द उनके दीमक में तब आया , जब 13 साल की एक बच्ची ने उन्हें बताया की उसके साथ यौन उत्पीड़न हुआ है ! और बर्क उस बच्ची को कोई जवाब नहीं दे पाई !

आपको बता दे की तराना बर्क सेक्शुअल असॉल्ट सर्वाइवर हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था ! की बचपन से लेकर बड़े होने तक तीन बार उनका यौन शोषण हो चुका है। उनके इन दो शब्दों ने एक आंदोलन का रूप ले लिया , जिसमे यौन शोषण पीड़ितों को यह अहसास दिलाने की कोशिश की गई की वे अकेली नहीं है !

भारत में #MeToo

अक्टूबर 2017 में जब अमेरिका में जब #MeToo आंदोलन चला तो इसका कुछ असर भारत में भी देखने को मिला ! बहुत सारी महिलाओ ने कुछ ये भी बताया की कैसे वर्क प्लेस पर उनका यौन उत्पीड़न किया गया ! लेकिन भारत में यह आंदोलन सही मायने में 25 सितम्बर 2018 को शुरू हुआ जब बॉलीवुड एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता ने एक्टर नाना पाटेकर के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया। एक चैनल को दिए इंटरव्यू में तनुश्री ने कहा की साल 2008 में फिल्म ‘हॉर्न ओके प्लीज़’ की शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर ने उनका यौन उत्पीड़न किया था !

तनुश्री ने क्या कहानी सुनाई

तनुश्री ने बताया की 2004 में मिस इंडिया यूनिवर्स रहीं और ‘आशिक बनाया आपने’, ‘चॉकलेट’ जैसी फिल्मों से फेमस हुईं ! तनुश्री दत्ता ने मुंबई के ओशिवारा पुलिस थाने में कराई FIR में लिखाया, ‘2008 में डायरेक्टर राकेश सारंग और प्रड्यूसर समी सिद्दीकी ने फिल्म ‘हॉर्न ओके प्लीज़’ में एक आइटम सॉन्ग के लिए मुझसे संपर्क किया। ! लेकिन पहले मुझे बताया गया की मुझे गाने में अकेले डांस करना होगा और नाना पाटेकर की एक लाइन अलग शूट की जाएगी ! और अश्लील स्टेप न करने की शर्त रखी!

लेकिन शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर को सेट पर नहीं होना था लेकिन फिर भी वो आये मुझे स्टेप सीखने के बहाने से मुझे टच करने लगे ! सब लोग वह पर देख रहे थे ! फिर मेरे शिकायत करने पर मुझे बताया गया की कुछ नए स्टेप्स जोड़ दिए गए है ! और मुझे नाना पाटेकर के साथ इंटिमेट स्टेप्स करने होंगे ! फिर मै स्टेप्स छोड़ कर वैनिटी वन में चली गई और फिर नाना पाटेकर सेट से चले गए ! उसके बाद जब मई वैनिटी वैन से निकली, तो वहां महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के कार्यकर्ता नारे लगा रहे थे और उन्होंने मेरी कार पर हमला किया।’

जानकारी के लिए बता दे की तनुश्री के बाद भारत फिल्म और टीवी इंडस्ट्री की तमाम महिलाएं आगे आई और उन्होंने एक से एक दिग्गज कलाकारों का नाम लेते हुए कहा की उन्होंने काम देने के बहाने उनका यौन उत्पीड़न किया था !

इस क्रम में एक्टर आलोक नाथ, पीयूष मिश्रा, रजत कपूर, रोहित रॉय, डायरेक्टर विकास बहल, सुभाष घई, साजिद खान, सुभाष कपूर, लव रंजन, विवेक अग्निहोत्री, प्रड्यूसर गौरांग दोषी, नाटककार किरण नागरकर, कमीडियन उत्सव चक्रवर्ती, गुरसिमरन खंबा, अदिति मित्तल, क्रिकेटर लसिथ मलिंगा, अर्जुन रणतुंगा, सिंगर कैलाश खेर, रघु दीक्षित, अभिजीत भट्टाचार्य, वैरामुत्तू रामासामी, राइटर वरुण ग्रोवर, चेतन भगत, मॉडल जुल्फी सईद, पत्रकार एमजे अकबर, विनोद दुआ, केआर श्रीनिवास, गौतम अधिकारी, मनोज रामचंद्रन, मयंक जैन, सिद्धार्थ भाटिया, मेघनाद बोस, उदय सिंह राणा, सिद्धांत मिश्रा और सताद्रु ओझा का नाम आया, जिनके खिलाफ महिलाओं ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए।

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