रोचक : हिन्दुओ की सबसे बड़ी कमजोरी?

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Hindu biggest weakness: रोचक : हिन्दुओ की सबसे बड़ी कमजोरी? धर्म के कई पक्ष होते है कितुं हम यहां सिर्फ़ हिँदू समाज की कमजोरी की चर्चा करेंगे!

Hindu biggest weakness –

कूपमंडूकता-

भारत मे तुर्की और मुग़लो का अधिकार होने का एक ही कारण है! वह है कंधार में तुर्की और बाद में मुग़लो का अधिकार हो जाना! कितुं जब जब कंधार हिंदुओं के हाथ से फिसल रहा था! तब भारत के हिन्दू क्या कर रहे थे? वो सोच रहे थे! कि हमे क्या फर्क पड़ता है! हम तो सुरक्षित है कंधार तो हमसे बहुत दूर है! होने दो वहां जो हो रहा है! ठीक इसी तरह आज जब केरल में हिंदू सबरीमाला की परंपरा बचाने के लिए लड़ रहे है! तब भारत के अन्य राज्यों में किसी को कोई फर्क नही पड़ रहा है!

जाति का अहम –

हिंदु समाज की इस बुराई ने हमे कही का नही छोड़ा! आज सुधार तो हुआ है कितुं कई राजनैतिक दल आज भी जाति की राजनीति करने के लिए समाज मे फुट डालते रहते है! इससे बचने की जरूरत है!

हिन्दू आध्यात्मिक, दार्शनिक और सांस्कृतिक सभ्यता –

हिन्दू आध्यात्मिक, दार्शनिक, और सांस्कृतिक सभ्यता का कोई ज्ञान नही हमने अपने धार्मिक परंपराओं को सिर्फ कर्मकांड तक सीमित कर दिया पढ़ने के नाम पर सिर्फ कथाओ तक!

आधुनिक परिपेक्ष –

हमे अपने ग्रन्थों को फिर से आधुनिक परिपेक्ष में लिखना होगा! जैसे अतीत में वेदों से ज्ञान को बार बार अलग अलग रूपो में कभी ब्राह्मण और कभी उपनिषद के रूप में लिखा गया! ताकि लोगो को समझ आये! अतः हमें अपने ग्रंथो को फिर से जिस रूप में आधुनिक पीढ़ी समझे उसी रूप में लिखना चाहिए!

सेकुलरिज्म को लेकर पागलपन-

हिन्दू धर्म ने कभी किसी पर धर्म के कारण अत्याचार नही किया! हमने पारसियों को शरण दी जब उन पर ईरान के अत्याचार हुआ , हमने जीयूस लोगो को शरण दी! सिंध के हिन्दू राजा दाहिर ने हजरत पैगम्बर जी के परिवार को शरण दी! जब अरब में ख़िलाफ़त के कारण उनके परिवार असुरक्षित हो गया था! बाद में अरब के खलीफा ने राजा दाहिर की हत्या कर दी! और राजपरिवार की महिलाओं के साथ अत्याचार किया!

Hindu biggest weakness –

हमने तो कभी किसी पर अत्याचार किया ही नही फिर हमें सेकुलरिज्म की क्या जरूरत? हा हम पर जो अत्याचार हुआ है! उसको हमे नही भूलना चाहिए! क्योंकि अगर हम भूल गए अतीत को तो फिर भविष्य में खून के आशू रोने होंगे!

और देखें – एक ऐसा वीर, जिन्हे दो बार उम्र कैद की सजा मिली, जिनका मुकदमा अंतराष्ट्रीय अदालत में चला …