मेरे गाने से मेरे धर्म के लोग मुझे गंदी नज़र से देखते थे, परिवार ने भी नहीं दिया साथ

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गानों के रियलिटी शो इंडियन आइडल में बिहार के एक छोटे से गाँव से आई सितारा परवीन ने अपने संघर्षों पर से पर्दा उठाते हुए सबको चौंका दिया. सितारा परवीन ने बताया की कैसे उन्हें अपने धर्म के लोगों की बातों और गंदी नज़रों का सामना करना पड़ा था. नाच गाना हमारे धर्म में हराम माना जाता हैं और इसी वजह से मेरा अपना परिवार भी मेरा साथ नहीं देता था.

सोनी टीवी पर आने वाले इंडियन आइडल शो की कंटेस्टंट सितारा परवीन ने बताया की मैंने 5 साल की उम्र में अपना मन बना लिया था की मैं आगे चलकर एक गीतकार बनूँगी, इसके लिए मैं बचपन से ही खुद को तैयार करने लगी थी. लेकिन जैसे-जैसे उम्र बढ़ती गयी, मेरे परिवार और समाज के लोग मुझे ऐसी नज़रों से देखने लगे जैसे मैंने नजाने कितना बड़ा पाप कर दिया हो.

सितारा परवीन ने कहा की पहली बात तो यह थी की हम ज्यादा पैसे वाले नहीं थे. इस वजह से अगर परिवार मुझे सिर्फ पढ़ाई ही पूरी करवा पाने की हालत में था, संगीत सिखने के लिए किसी के पास भेजना दूर की बात थी. ऊपर से हमारे परिवार में कभी किसी लड़की ने अपना पैशन फॉलो नहीं किया था.

सितारा परवीन ने कहा की परिवार में केवल मेरे पिता जी ने ही मुझे प्रोत्साहित किया था. उन्होंने समाज और परिवार दोनों से दुत्कार और उलाहनाएँ सुनी, इसके बावजूद उन्होंने कभी मुझे रोकने का प्रयास नहीं किया. सितारा परवीन ने बताया की मैंने अपने परिवार को समाज के दुत्कार से बचाने के लिए अपनी संगीत की क्लासों को भी सीक्रेट रखा.

वैसे तो आपने देखा होगा की कैसे जायरा वसीम और सना खान जैसी मुस्लिम महिलाओं पर बॉलीवुड छोड़ते हुए धर्म के रास्ते पर चलना शुरू कर दिया. इससे यह तो साफ़ है की बॉलीवुड में मुस्लिम महिलाओं की एंट्री पर कोई रोक लगा रहा हैं, कोई तो है जो चाहता है की बॉलीवुड में मुस्लिम अदाकार तो हों लेकिन मुस्लिम महिला न हो, वर्ना सीक्रेट सुपरस्टार जैसी फिल्म करने वाली जायरा वसीम खुद ही बॉलीवुड छोड दे यह आपने आप में हैरानी की बात हैं.

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