ड्रग्स मामले में अब विवेक ओबरॉय का भी नाम आया सामने

सुशांत सिंह राजपूत की मौत ने बॉलीवुड में चल रहे ड्रग्स रैकेट का पर्दाफास कर दिया हैं. जिसमें एक के बाद एक हस्तियों के नाम इस रैकेट में जुड़ने लगे हैं, हालाँकि मामले की शुरुआत सुशांत सिंह राजपूत के आत्महत्या के पीछे कारण को जानने की हुई थी. लेकिन अब ऐसा लग रहा है, क्राइम ब्रांच सुशांत सिंह राजपूत को छोड़कर ड्रग्स रैकेट में उलझ चुकी हैं. ऐसे में अब जहाँ रोज़-रोज़ नए नाम इस रैकेट से जुड़ रहें हैं वहीं कल विवेक ओबरॉय के बहनोई आदित्य आल्वा का नाम इस रैकेट में आने के चलते क्राइम ब्रांच ने विवेक के घर पर भी छापा मार दिया. इससे पहले ड्रग्स मामले में रिया चक्रवर्ती, दीपिका पादुकोण, रकुल प्रीत सिंह, श्रद्धा कपूर, सारा अली खान आदि का भी नाम इस रैकेट में आ चूका हैं. Bengaluru City Crime Branch conducts raid at residence of actor Vivek Oberoi (file pic) in Mumbai in search of his relative Aditya Alva in connection with Cottonpet drugs case. pic.twitter.com/fyZo5aicaA — ANI (@ANI) October 15, 2020 पुलिस का कहना हैं की विवेक ओबरॉय के घर उन्होंने इस लिए छापा मारा था क्योंकि उन्हें टिप मिली थी की उनका बहनोई आदित्य आल्वा विवेक के घर में ही छुपा हुआ हैं. उनकी टिप गलत निकली और आदित्य आल्वा की तलाश अभी भी जारी हैं. छापा मारने को लेकर पुलिस ने यह भी साफ़ किया की उन्होंने कानून का पालन करते हुए अदालत से सर्च वारंट प्राप्त करने के बाद ही छापा मारा था. ऐसे में सवाल यह भी उठता है की, क्या टिप सच में गलत थी या फिर किसी ने छापे की खबर पहले ही विवेक ओबरॉय तक पहुंचा दी थी. शायद आपको न पता हो लेकिन एक सर्च वारंट प्राप्त करने के लिए एक फाइल लगभग 15 से 17 अधिकारीयों से लेकर छोटे मोटे कर्मियों के हाथों से निकलती हैं. ऐसे में पहले भी कई मामले ऐसे सामने आये हैं, जहाँ छापा पड़ने से पहले ही अपराधी को पता होता है की छापा पड़ने वाला हैं. बात करें विवेक ओबरॉय की तो उन्होंने इस छापे को लेकर मीडिया और सोशल मीडिया पर किसी भी सवाल का कोई जवाब नहीं दिया. वहीं उनके बहनोई को लेकर मुंबई पुलिस के क्राइम ब्रांच की तलाश अभी भी ख़त्म नहीं हुई.
 

ड्रग्स मामले में अब विवेक ओबरॉय का भी नाम आया सामने

सुशांत सिंह राजपूत की मौत ने बॉलीवुड में चल रहे ड्रग्स रैकेट का पर्दाफास कर दिया हैं. जिसमें एक के बाद एक हस्तियों के नाम इस रैकेट में जुड़ने लगे हैं, हालाँकि मामले की शुरुआत सुशांत सिंह राजपूत के आत्महत्या के पीछे कारण को जानने की हुई थी. लेकिन अब ऐसा लग रहा है, क्राइम ब्रांच सुशांत सिंह राजपूत को छोड़कर ड्रग्स रैकेट में उलझ चुकी हैं. ऐसे में अब जहाँ रोज़-रोज़ नए नाम इस रैकेट से जुड़ रहें हैं वहीं कल विवेक ओबरॉय के बहनोई आदित्य आल्वा का नाम इस रैकेट में आने के चलते क्राइम ब्रांच ने विवेक के घर पर भी छापा मार दिया. इससे पहले ड्रग्स मामले में रिया चक्रवर्ती, दीपिका पादुकोण, रकुल प्रीत सिंह, श्रद्धा कपूर, सारा अली खान आदि का भी नाम इस रैकेट में आ चूका हैं. पुलिस का कहना हैं की विवेक ओबरॉय के घर उन्होंने इस लिए छापा मारा था क्योंकि उन्हें टिप मिली थी की उनका बहनोई आदित्य आल्वा विवेक के घर में ही छुपा हुआ हैं. उनकी टिप गलत निकली और आदित्य आल्वा की तलाश अभी भी जारी हैं. छापा मारने को लेकर पुलिस ने यह भी साफ़ किया की उन्होंने कानून का पालन करते हुए अदालत से सर्च वारंट प्राप्त करने के बाद ही छापा मारा था. ऐसे में सवाल यह भी उठता है की, क्या टिप सच में गलत थी या फिर किसी ने छापे की खबर पहले ही विवेक ओबरॉय तक पहुंचा दी थी. शायद आपको न पता हो लेकिन एक सर्च वारंट प्राप्त करने के लिए एक फाइल लगभग 15 से 17 अधिकारीयों से लेकर छोटे मोटे कर्मियों के हाथों से निकलती हैं. ऐसे में पहले भी कई मामले ऐसे सामने आये हैं, जहाँ छापा पड़ने से पहले ही अपराधी को पता होता है की छापा पड़ने वाला हैं. बात करें विवेक ओबरॉय की तो उन्होंने इस छापे को लेकर मीडिया और सोशल मीडिया पर किसी भी सवाल का कोई जवाब नहीं दिया. वहीं उनके बहनोई को लेकर मुंबई पुलिस के क्राइम ब्रांच की तलाश अभी भी ख़त्म नहीं हुई.