मोदी के करीबी से टकरा गए बाबा रामदेव, दांव पर लगा दिए अरबों रूपये..

baba ramdev ready buy big company india: बाबा रामदेव ने अपनी पहचान industry में बड़ी लड़ाइयां लड़ने वाले शख्स के तौर पर बना ली है। वह अपने brands के दम पर HUL, कोलगेट, डाबर, ITC जैसी देश और विदेश की कई दिग्गज कंपनियों को टक्कर दे रहे हैं। अब वे सीधे ऐसे शख्स से टकरा गए हैं, जिसे PM नरेंद्र मोदी का करीबी माना जाता है। ये हैं 55000 करोड़ रुपए की नेटवर्थ के मालिक गौतम अडाणी। दरअसल बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद ने एक ऐसी कंपनी के लिए बोली लगाई है, जिसके लिए खुद अडानी की कंपनी अडानी Wilmar race में है. baba ramdev ready buy big company india भारत के 10वें बड़े अमीर हैं अडानी फोर्ब्स के मुताबिक अडानी 55 हजार करोड़ रुपए (82 अरब डॉलर) की नेटवर्थ के साथ भारत के 10वें बड़े अमीर हैं। अडानी ग्रुप बिजली, पोर्ट, इन्फ्रा से लेकर Edible Oil Sector में एक्टिव है। अडानी विल्मर उनकी Edible Oil business से जुड़ी कंपनी है। Fortune देश का सबसे सबसे ज्यादा बिकने वाला Edible Oil ब्रांड है। इसकी स्थापना वर्ष 2000 में हुई थी। इस ब्रांड के माध्यम से कंपनी Rice Bran, Mustard Oil, Sunflower Oil and Groundnut Oil की बिक्री करती है. इस ब्रांड के लिए भिड़े अडानी और रामदेव दरअसल अडानी विल्मर ने दिवालिया होने की कार्रवाई से गुजर रही एक अन्य Edible Oil कंपनी रुचि सोया को खरीदने के लिए बोली लगाई थी। अब इसके लिए अचानक पतंजलि आयुर्वेद भी मैदान में आ गई है। माना जा रहा है कि पतंजलि इसके माध्यम से देश का बड़ा Edible Oil मार्केट कब्जाने के लक्ष्य पर काम कर रही है। अगर पतंजलि रुचि सोया को खरीदने में कामयाब रहती है, तो इसका सीधा नुकसान अडानी को होगा. पतंजलि ने लगाई 4 हजार करोड़ की बोली आयुर्वेद ने बैंकरप्ट हो चुकी Edible Oil कंपनी रुचि सोया को खरीदने के लिए 4,000 करोड़ रुपए की बोली लगाई है। सूत्रों के मुताबिक रुचि सोया को खरीदने के लिए बाबा रामदेव की अगुआई वाली कंपनी की बोली सबसे ऊंची है। पतंजलि आयुर्वेद का Edible Oil रिफाइनिंग और पैकेजिंग के लिए रुचि सोया के साथ पहले से ही टाई-अप है। insolvency procedures का सामना कर रही इंदौर की रुचि सोया पर लगभग 12 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है। कंपनी के कई मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स और न्यूट्रिला, महाकोष, सनरिच, रुचि स्टार और रुचि गोल्ड सहित कई लीडिंग ब्रांड हैं. सबसे बड़ी सोयाबीन ऑयल कंपनी बनना चाहती है पतंजलि एक सूत्र ने कहा, ‘पतंजलि ने रुचि सोया के लिए 4,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की बिड लगाई है।’ पिछले सप्ताह पतंजलि के एक स्पोक्सपर्सन ने कहा था कि कंपनी ने रुचि सोया के लिए बिड लगाई है, क्योंकि वह इडिबल ऑयल सेगमेंट खासकर सोयाबीन ऑयल की बड़ी कंपनी बनना चाहती है। कंपनी इसके माध्यम से किसानों को फायदा पहुंचाने की दिशा में काम करना चाहती है। गोदरेज, इमामी और अडानी भी दौड़ में baba ramdev ready buy big company india गोदरेज एग्रोवेट और इमामी एग्रोटेक ने भी पुष्टि की है कि उन्होंने रुचि सोया के लिए बिड लगाई है। हालांकि उन्होंने वैल्यु का खुलासा नहीं किया है। सूत्रों ने कहा कि अडानी विल्मर ने भी बिड लगाई है, जो फॉर्च्यून ब्रांड के अंतर्गत कुकिंग ऑयल की बिक्री करती है. और पढ़े: योगी आदित्यनाथ की कुछ रोमांचित करने वाली बातें,बदल दिया अपना नाम.. Follow @Indiavirals ? ------
 

मोदी के करीबी से टकरा गए बाबा रामदेव, दांव पर लगा दिए अरबों रूपये..

baba ramdev ready buy big company india: बाबा रामदेव ने अपनी पहचान industry में बड़ी लड़ाइयां लड़ने वाले शख्स के तौर पर बना ली है। वह अपने brands के दम पर HUL, कोलगेट, डाबर, ITC जैसी देश और विदेश की कई दिग्गज कंपनियों को टक्कर दे रहे हैं। अब वे सीधे ऐसे शख्स से टकरा गए हैं, जिसे PM नरेंद्र मोदी का करीबी माना जाता है। ये हैं 55000 करोड़ रुपए की नेटवर्थ के मालिक गौतम अडाणी। दरअसल बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद ने एक ऐसी कंपनी के लिए बोली लगाई है, जिसके लिए खुद अडानी की कंपनी अडानी Wilmar race में है. मोदी के करीबी से टकरा गए बाबा रामदेव, दांव पर लगा दिए अरबों रूपये..

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भारत के 10वें बड़े अमीर हैं अडानी

फोर्ब्स के मुताबिक अडानी 55 हजार करोड़ रुपए (82 अरब डॉलर) की नेटवर्थ के साथ भारत के 10वें बड़े अमीर हैं। अडानी ग्रुप बिजली, पोर्ट, इन्फ्रा से लेकर Edible Oil Sector में एक्टिव है। अडानी विल्मर उनकी Edible Oil business से जुड़ी कंपनी है। Fortune देश का सबसे सबसे ज्यादा बिकने वाला Edible Oil ब्रांड है। इसकी स्थापना वर्ष 2000 में हुई थी। इस ब्रांड के माध्यम से कंपनी Rice Bran, Mustard Oil, Sunflower Oil and Groundnut Oil की बिक्री करती है. मोदी के करीबी से टकरा गए बाबा रामदेव, दांव पर लगा दिए अरबों रूपये..

इस ब्रांड के लिए भिड़े अडानी और रामदेव

दरअसल अडानी विल्‍मर ने दिवालिया होने की कार्रवाई से गुजर रही एक अन्य Edible Oil कंपनी रुचि सोया को खरीदने के लिए बोली लगाई थी। अब इसके लिए अचानक पतंजलि आयुर्वेद भी मैदान में आ गई है। माना जा रहा है कि पतंजलि इसके माध्यम से देश का बड़ा Edible Oil मार्केट कब्जाने के लक्ष्य पर काम कर रही है। अगर पतंजलि रुचि सोया को खरीदने में कामयाब रहती है, तो इसका सीधा नुकसान अडानी को होगा. मोदी के करीबी से टकरा गए बाबा रामदेव, दांव पर लगा दिए अरबों रूपये..

पतंजलि ने लगाई 4 हजार करोड़ की बोली

आयुर्वेद ने बैंकरप्ट हो चुकी Edible Oil कंपनी रुचि सोया को खरीदने के लिए 4,000 करोड़ रुपए की बोली लगाई है। सूत्रों के मुताबिक रुचि सोया को खरीदने के लिए बाबा रामदेव की अगुआई वाली कंपनी की बोली सबसे ऊंची है। पतंजलि आयुर्वेद का Edible Oil रिफाइनिंग और पैकेजिंग के लिए रुचि सोया के साथ पहले से ही टाई-अप है। insolvency procedures का सामना कर रही इंदौर की रुचि सोया पर लगभग 12 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है। कंपनी के कई मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स और न्यूट्रिला, महाकोष, सनरिच, रुचि स्टार और रुचि गोल्ड सहित कई लीडिंग ब्रांड हैं. मोदी के करीबी से टकरा गए बाबा रामदेव, दांव पर लगा दिए अरबों रूपये..

सबसे बड़ी सोयाबीन ऑयल कंपनी बनना चाहती है पतंजलि

एक सूत्र ने कहा, ‘पतंजलि ने रुचि सोया के लिए 4,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की बिड लगाई है।’ पिछले सप्ताह पतंजलि के एक स्पोक्सपर्सन ने कहा था कि कंपनी ने रुचि सोया के लिए बिड लगाई है, क्योंकि वह इडिबल ऑयल सेगमेंट खासकर सोयाबीन ऑयल की बड़ी कंपनी बनना चाहती है। कंपनी इसके माध्यम से किसानों को फायदा पहुंचाने की दिशा में काम करना चाहती है।

गोदरेज, इमामी और अडानी भी दौड़ में

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गोदरेज एग्रोवेट और इमामी एग्रोटेक ने भी पुष्टि की है कि उन्होंने रुचि सोया के लिए बिड लगाई है। हालांकि उन्होंने वैल्यु का खुलासा नहीं किया है। सूत्रों ने कहा कि अडानी विल्‍मर ने भी बिड लगाई है, जो फॉर्च्यून ब्रांड के अंतर्गत कुकिंग ऑयल की बिक्री करती है. और पढ़े: योगी आदित्यनाथ की कुछ रोमांचित करने वाली बातें,बदल दिया अपना नाम..

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