मिर्ज़ापुर 2: ससुर के साथ संबंध बनाती दिखाई गयी ब्राह्मण परिवार की बहु

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Mirzapur 2 Pankaj Tripathi Ali Fazal: सबसे पहले तो मिर्ज़ापुर 2 (Mirzapur 2) गालियों से भरपूर एक वेबसीरीज हैं. इस वेबसीरीज में बिहार के युवाओं को ऐसे दिखाया गया हैं की जैसे वह मज़ाक मज़ाक में ऐसे ही एक दूसरे को माँ और बहन की गलियां देते रहते हैं. अश्लीलता की कमी इस वेबसीरीज में न तो पहले सीजन में थी और न ही दूसरे सीजन में हैं.

Mirzapur 2 Pankaj Tripathi Ali Fazal-

इस वेबसीरीज की एक ख़ास बात यह है की, मुस्लिम किरदारों को वेबसीरीज में बहुत ही ज्यादा वफादार, भरोसेमंद और ईमानदार दिखाया गया हैं. इसके उल्ट ब्राह्मणों को गुंडा, बईमान और खुनी दिखाया गया हैं. बिलकुल वैसे ही जैसे 80-90 के दशक में बॉलीवुड में बनने वाली फिल्मों में हुआ करता था.

सीजन 2 (Mirzapur 2 Web Series) की शुरुआत में ही जब मुन्ना त्रिपाठी का इलाज चल रहा होता हैं, उसके पिता अखंडानंद त्रिपाठी उर्फ़ ‘कालीन भइया’ उसकी ‘लम्बी उम्र’ के लिए पूजा पाठ रखवाते हैं. वेबसीरीज के इस प्लाट में भी आपको बॉलीवुड की फिल्मों की झलक दिखाई देगी, क्योंकि बॉलीवुड अक्सर ऐसे लोगों को पूजा-पाठ करते हुए दिखाता हैं. जिसका किरदार पुराने ख्यालात वाला होता हैं या फिर मानसिक रूप से कमजोर होता हैं.

उसके बाद पूजा पाठ करने वाले पंडित का किरदार भी ब्राह्मण चुगलखोर, लालची और रूढ़िवादी दिखाया गया हैं. उधर बूढ़े त्रिपाठी की बात करें तो उसका कहना था की, जाती प्रथा केवल इसलिए बनाई गयी थी ताकि सत्ता हमेशा ब्राह्मणों के हाथ में रहे. जबकि मनुस्मृति में ऐसा कोई उल्लेख देखने को नहीं मिलता. इस वेबसीरीज में धोती पहनने वाले के साथ ऐसे व्यवहार किया जाता हैं, जैसे वह इस समाज का हिस्सा ही न हो.

त्रिपाठी परिवार की बहुवों की बात करें तो इसमें दिखाया गया है की कैसे एक ब्राह्मण परिवार की बहु का उसके अपने ससुर के साथ संबंध होते हैं, इसके इलावा घर के नौकर के साथ भी उसके संबंध होते हैं. घर में आने वाली नई बहु पर बूढ़े ससुर की गंदी नज़र होती हैं. ऐसे में इस वेबसीरीज के बाद महिला सम्मान की बाते करने वाले, फेमिनिज्म या फिर महिला आयोग द्वारा किसी प्रकार का कोई विरोध न जताये जाना अपने आप में हैरानी की बात हैं.

अगर आप इस वेबसीरीज को देखेंगे तो आपको समझ आएगा ब्राह्मण परिवार में किसी एक की पत्नी सबकी पत्नी होती हैं, त्रिपाठी, शुक्ला, त्यागी और पंडित सरनेम वाले सभी लोग गुंडे, बदमाश, बईमान और खुनी होते हैं. अगर सबसे ईमानदार, शरीफ, दरिया दिल कोई है तो वह इमरान, मकबूल और लाला यानी मुस्लिम और इसी के साथ इस सीरीज का भाग दो समाप्त हो जाता हैं.

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