दिल्ली की किस सीट का समीकरण क्या कहता है, जानिए किसका पलड़ा है कितना भारी

Delhi Loksabha Election: देश की राजधानी दिल्ली में लोकसभा की सिर्फ 7 सीटें हैं लेकिन इनका चुनाव किसी भी बड़े राज्य से कम मायने नहीं रखता! छठे चरण में 12 मई 2019 को दिल्ली की सभी 7 लोकसभा सीटों पर एक साथ वोट डाले जाएंगे! बीजेपी-कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के मैदान में होने से मुकाबला त्रिकोणीय माना जा रहा है! 2014 के चुनाव में राजधानी की सभी 7 सीटें बीजेपी के खाते में गईं थीं! इस बार कांग्रेस और आम आदमी पार्टी बीजेपी से सीटें झटकने के लिए पूरा जोर लगाए हुए हैं! बीजेपी ने भी सितारों से लेकर तमाम बड़े नेताओं को दिल्ली को साधने के मिशन पर लगा दिया है! दिल्ली की सातों सीटों पर बीजेपी को चुनौती देने के लिए पहले कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच गठबंधन की कोशिशें भी हुईं लेकिन बात बनी नहीं और अब दोनों दल एक-दूसरे के सामने चुनावी टक्कर के लिए खड़े हैं! Delhi Loksabha Election - दिल्ली की किस सीट का समीकरण क्या कहता है- बीजेपी ने पांच वर्तमान सांसदों और दो सीटों पर क्रिकेटर गौतम गंभीर और सिंगर हंसराज हंस को मैदान में उतारा है! हर सीट को लेकर हर पार्टी का अपना गुनागणित है अपने अलग-अलग समीकरण हैं! यहां तक कि वोटरों को लुभाने के लिए हर पार्टी दिल्ली की हर सीट के लिए अलग-अलग घोषणापत्र भी लेकर आई है! आइए देखते हैं दिल्ली की किस सीट का समीकरण क्या कहता है! नई दिल्ली सीट - नई दिल्ली सीट (Delhi Loksabha Election) देश की सबसे वीआईपी सीट मानी जाती है! इस इलाके में देश की सत्ता का केंद्र लुटियंस दिल्ली आता है तो केंद्र सरकार की नौकरियों में लगे लाखों अधिकारियों-कर्मचारियों के सरकारी आवास भी इसी इलाके में हैं! यहां हर जाति-तबके और धर्म के वोटर हैं! नई दिल्ली नगर निगम (NDMC) इस इलाके की देखभाल करता है और बुनियादी तौर पर साफ-सफाई के मामले में इस इलाके में कोई दिक्कत नहीं है! इस संसदीय क्षेत्र के तहत करोल बाग, पटेल नगर, मोती नगर, दिल्ली कैंट, राजेंद्र नगर, नई दिल्ली, कस्तूरबा नगर, मालवीय नगर, आरके पुरम और ग्रेटर कैलाश जैसे इलाके आते हैं! नई दिल्ली सीट से 2014 में बीजेपी की मीनाक्षी लेखी सांसद बनी थीं! इस बार भी बीजेपी ने मीनाक्षी लेखी को मौका दिया है! उनके सामने हैं कांग्रेस के अजय माकन और आम आदमी पार्टी की ओर से ब्रजेश गोयल! सियासी जंग - 2014 के चुनाव में नई दिल्ली सीट पर हुए चुनाव में मीनाक्षी लेखी को 4,53,350 वोट मिले थे! दूसरे नंबर पर रहे थे आम आदमी पार्टी के आशीष खेतान जिन्हें 2,90,642 वोट मिले थे! अजय माकन तीसरे स्थान पर रहे थे! उन्हें 1,82,893 वोट मिले थे! इस बार मुकाबला जटिल है! मीनाक्षी लेखी मशहूर वकील हैं और बीजेपी की बड़ी नेता हैं! वो अपनी जीत दोहराने के लिए मैदान में हैं! अजय माकन कांग्रेस के बड़े नेता हैं और केंद्र की राजनीति में फिर से अपनी जगह बनाने के लिए लोकसभा पहुंचना चाहते हैं! वहीं ब्रजेश गोयल आम आदमी पार्टी ट्रेड विंग के संयोजक हैं और केजरीवाल सरकार के ट्रैक रिकॉर्ड के बूते नई दिल्ली की सियासी जंग जीतने पर नजर गड़ाए हुए हैं! पूर्वी दिल्ली सीट - पूर्वी दिल्ली सीट (Delhi Loksabha Election) से बीजेपी ने क्रिकेटर गौतम गंभीर को मौका दिया है! इस क्षेत्र में पंजाबी वोटरों का अच्छा खासा प्रभाव है! इसके अलावा पूर्वांचली वोटरों का भी यहां प्रभाव है! कांग्रेस ने इस सीट से अरविंदर सिंह लवली को उतारा है तो आम आदमी पार्टी ने आतिशी मार्लेना को मौका दिया है! गौतम गंभीर खुद जाने माने क्रिकेट स्टार हैं तो आतिशी के प्रचार में कई सितारे देशभर में जुट रहे हैं! आम आदमी पार्टी आतिशी को शिक्षा के क्षेत्र में सुधारों का श्रेय देती है! अरविंदर सिंह लवली की पंजाबी वोटरों में अच्छी पकड़ मानी जाती है! पूर्वी दिल्ली देश के सबसे सघन आबादी वाले क्षेत्रों में से एक है! इस संसदीय क्षेत्र के तहत जंगपुरा, ओखला, त्रिलोकपुरी, कोंडली, पटपड़गंज, लक्ष्मी नगर, विश्वास नगर, कृष्णा नगर, गांधी नगर और शाहदरा जैसे इलाके आते हैं! यहां के मुद्दे भी पानी-बिजली-सड़क, सफाई जैसे आम लोगों के मुद्दे हैं! सियासी जंग - 2014 के मोदी लहर में यहां से बीजेपी के महेश गिरी जीते थे! महेश गिरी को 5,72,202 वोट मिले थे! दूसरे स्थान पर रहे थे आम आदमी पार्टी के राजमोहन गांधी जिन्हें 3,81,739 वोट मिले थे! तीसरे नंबर कांग्रेस के संदीप दीक्षित रहे थे जिन्हें 2,03,240 वोट मिले थे! उत्तर पूर्वी दिल्ली - उत्तर पूर्वी दिल्ली (Delhi Loksabha Election) में इस बार फाइट पूर्वांचली वोटों को लेकर है! तीनों ही दलों ने पूर्वांचली वोटरों की ताकत को देखते हुए यहां से यूपी-बिहार के उम्मीदवारों को उतारा है! बीजेपी ने जहां प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान सांसद भोजपुरी सिंगर-एक्टर मनोज तिवारी को मौका दिया है!वहीं कांग्रेस ने पूर्व सीएम शीला दीक्षित को और आम आदमी पार्टी ने दिलीप पांडेय को! खास बात ये है कि ये तीनों ही नेता अपने-अपने दलों के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं! इस संसदीय क्षेत्र के तहत बुरारी, तिमारपुर, सीमापुरी, रोहतास नगर, सीलमपुर, घोंडा, बाबरपुर, गोकलपुर, मुस्तफाबाद और करावल नगर जैसे इलाके आते हैं! सियासी जंग - 2014 के चुनाव में इस सीट से मनोज तिवारी को 5,96,125 वोट मिले थे! दूसरे नंबर पर रहे थे आम आदमी पार्टी के प्रो! आनंद कुमार जिन्हें 4,52,041 वोट मिले थे! वहीं 2,14,792 वोटों के साथ कांग्रेस के जेपी अग्रवाल तीसरे स्थान पर रहे थे! कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष जे पी अग्रवाल इस सीट से 2009 में सांसद रह चुके हैं! कारोबारी इतिहास और दिल्ली की पुरानी गलियों-किलों वाली - चांदनी चौक देश (Delhi Loksabha Election) के सबसे पुराने बाजार, कारोबारी इतिहास और दिल्ली की पुरानी गलियों-किलों वाली असल पहचान वाला इलाका है! यहां वोटों का समीकरण व्यापारी वर्ग तय करता है! आदर्श नगर, शालीमार बाग, शकूर बस्ती, त्री नगर, वजीरपुर, मॉडल टाउन, सदर बाजार, चांदनी चौक, मटिया महल और बल्लीमारान इलाके इस संसदीय क्षेत्र के तहत आते हैं! सियासी जंग - यहां से बीजेपी ने वर्तमान सांसद, केंद्रीय मंत्री और अपने दिग्गज नेता डॉ हर्षवर्धन को उतारा है! उनके मुकाबले के लिए कांग्रेस ने जय प्रकाश अग्रवाल और आम आदमी पार्टी ने पंकज गुप्ता को उतारा है! 2014 के चुनाव में चांदनी चौक से डॉ हर्षवर्धन को 4,37,938 वोट मिले थे! दूसरे नंबर पर आम आदमी पार्टी के आशुतोष 3,01,618 वोटों के साथ रहे थे! तीसरे नंबर पर कांग्रेस के कपिल सिब्बल रहे थे जिन्हें 1,76,206 वोट हासिल हुए थे! पश्चिमी दिल्ली संसदीय सीट - पश्चिमी दिल्ली संसदीय सीट (Delhi Loksabha Election) पर पूर्वांचली वोटरों, अनाधिकृत कालोनियों की समस्याएं और पंजाबी तथा जाट वोटरों का गणित तय करेगा जीत का समीकरण! यहां से बीजेपी ने दिल्ली के पूर्व सीएम साहिब सिंह वर्मा के बेटे प्रवेश वर्मा को दोबारा मौका दिया है! प्रवेश वर्मा 2014 में भी यहां से जीतकर सांसद बने थे! कांग्रेस ने मुकाबले के लिए पूर्व सांसद महाबल मिश्रा को मौका दिया है! वहीं आम आदमी पार्टी ने बलबीर जाखड़ को उतारा है! पश्चिमी दिल्ली संसदीय क्षेत्र के तहत मादीपुर, राजौरी गार्डन, हरि नगर, तिलक नगर, जनकपुरी, विकासपुरी, उत्तम नगर, द्वारका, मटियाला और नजफगढ़ के इलाके आते हैं! सियासी जंग - 2014 के चुनाव में यहां से प्रवेश वर्मा को 6,51,395 वोट मिले थे! वहीं दूसरे नंबर पर आम आदमी पार्टी के जरनैल सिंह रहे थे जिन्हें 3,82,809 वोट मिले थे! महाबल मिश्रा को 1,93,266 वोट मिले थे और वे तीसरे नंबर पर रहे थे! 2009 में इस सीट से महाबल मिश्रा ने चुनाव जीता था! उत्तर पश्चिम दिल्ली संसदीय सीट - उत्तर पश्चिम दिल्ली संसदीय सीट (Delhi Loksabha Election) एससी वर्ग के लिए आरक्षित सीट है! यहां से 2014 में बीजेपी के उदित राज सांसद बने थे! इस बार बीजेपी ने सिंगर हंसराज हंस को उतारा है! टिकट कटने से नाराज उदित राज अब कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं! वहीं कांग्रेस ने राजेश लिलोथिया को और आम आदमी पार्टी ने गगन सिंह रंगा को उतारा है! बीजेपी को उम्मीद है कि सूफी सिंगर हंसराज हंस स्टार फैक्टर के अलावा पंजाबी वोटों और दलित वोटों को साध पाएंगे! इस संसदीय क्षेत्र के तहत नरेला, बादली, रिठाला, बवाना, मुंडका, किरारी, सुल्तान पुर माजरा, नांगलोई जाट, मंगोल पुरी, रोहिणी, नागलोई, मंगोलपुरी और रोहिणी इलाके आते हैं! सियासी जंग - 2014 के चुनाव में यहां से बीजेपी के उदित राज 6,29,860 वोटों के साथ जीते थे! वहीं 5,23,058 वोटों के साथ आम आदमी पार्टी की राखी बिड़लान दूसरे स्थान पर रही थीं जबकि कांग्रेस की कृष्णा तीरथ 1,57,468 तीसरे नंबर पर! 2009 में यहां से कृष्णा तीरथ जीतकर लोकसभा पहुंची थीं! 2014 चुनाव के बाद वे बीजेपी में चली गई थीं लेकिन फिर 2019 चुनाव से पहले कांग्रेस में वापसी कर चुकी हैं! हंसराज हंस के बाहरी उम्मीदवार होने और बीजेपी से नेताओं के जाने का इस सीट के समीकरणों पर असर हो सकता है! दक्षिणी दिल्ली - दक्षिणी दिल्ली (Delhi Loksabha Election) जहां देश के सबसे संपन्न इलाकों में से एक है वहीं गांवों के जातीय समीकरण भी वोटों का गणित तय करते हैं! इस सीट पर गुर्जर-जाट और पूर्वांचली वोटरों के हाथ है जीत का बटन! इस संसदीय क्षेत्र के तहत बिजवासन, पालम, महरौली, छतरपुर, देवली, अम्बेडकर नगर, संगम विहार, कालकाजी, तुगलकाबाद और बदरपुर इलाके आते हैं!बाहरी इलाकों में अनधिकृत कॉलोनियों की समस्याएं विकराल हैं तो दक्षिण दिल्ली के इलाकों में बेहतर सुविधाओं की उम्मीदें काफी व्यापक हैं! इस सीट से सुषमा स्वराज और मदनलाल खुराना भी चुनाव जीत चुके हैं! सियासी जंग - बीजेपी ने फिर इस सीट से वर्तमान सांसद रमेश बिधूड़ी को उतारा है तो कांग्रेस ने मुक्केबाज विजेंदर सिंह को उतारा है! वहीं आम आदमी पार्टी ने युवा नेता राघव चड्ढा को चुनावी जंग में उतारा है! 2014 के चुनाव में दक्षिण दिल्ली सीट से बीजेपी के रमेश बिधूड़ी जीते थे! बिधूड़ी को 4,97,980 वोट मिले थे! दूसरे नंबर पर आम आदमी पार्टी के कर्नल दविंदर सहरावत रहे थे जिन्हें 3,90,980 वोट मिले थे! तीसरे नंबर पर कांग्रेस के रमेश कुमार 1,25,213 वोटों के साथ रहे थे! कर्नल दविंदर सहरावत अब बीजेपी में शामिल हो चुके हैं!
 

दिल्ली की किस सीट का समीकरण क्या कहता है, जानिए किसका पलड़ा है कितना भारी

Delhi Loksabha Election: देश की राजधानी दिल्ली में लोकसभा की सिर्फ 7 सीटें हैं लेकिन इनका चुनाव किसी भी बड़े राज्य से कम मायने नहीं रखता! छठे चरण में 12 मई 2019 को दिल्ली की सभी 7 लोकसभा सीटों पर एक साथ वोट डाले जाएंगे! बीजेपी-कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के मैदान में होने से मुकाबला त्रिकोणीय माना जा रहा है! 2014 के चुनाव में राजधानी की सभी 7 सीटें बीजेपी के खाते में गईं थीं! इस बार कांग्रेस और आम आदमी पार्टी बीजेपी से सीटें झटकने के लिए पूरा जोर लगाए हुए हैं! बीजेपी ने भी सितारों से लेकर तमाम बड़े नेताओं को दिल्ली को साधने के मिशन पर लगा दिया है! दिल्ली की सातों सीटों पर बीजेपी को चुनौती देने के लिए पहले कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच गठबंधन की कोशिशें भी हुईं लेकिन बात बनी नहीं और अब दोनों दल एक-दूसरे के सामने चुनावी टक्कर के लिए खड़े हैं! Delhi Loksabha Election - दिल्ली की किस सीट का समीकरण क्या कहता है-  बीजेपी ने पांच वर्तमान सांसदों और दो सीटों पर क्रिकेटर गौतम गंभीर और सिंगर हंसराज हंस को मैदान में उतारा है! हर सीट को लेकर हर पार्टी का अपना गुनागणित है अपने अलग-अलग समीकरण हैं! यहां तक कि वोटरों को लुभाने के लिए हर पार्टी दिल्ली की हर सीट के लिए अलग-अलग घोषणापत्र भी लेकर आई है! आइए देखते हैं दिल्ली की किस सीट का समीकरण क्या कहता है!

नई दिल्ली सीट -

नई दिल्ली सीट (Delhi Loksabha Election) देश की सबसे वीआईपी सीट मानी जाती है! इस इलाके में देश की सत्ता का केंद्र लुटियंस दिल्ली आता है तो केंद्र सरकार की नौकरियों में लगे लाखों अधिकारियों-कर्मचारियों के सरकारी आवास भी इसी इलाके में हैं! यहां हर जाति-तबके और धर्म के वोटर हैं! नई दिल्ली नगर निगम (NDMC) इस इलाके की देखभाल करता है और बुनियादी तौर पर साफ-सफाई के मामले में इस इलाके में कोई दिक्कत नहीं है! इस संसदीय क्षेत्र के तहत करोल बाग, पटेल नगर, मोती नगर, दिल्ली कैंट, राजेंद्र नगर, नई दिल्ली, कस्तूरबा नगर, मालवीय नगर, आरके पुरम और ग्रेटर कैलाश जैसे इलाके आते हैं! नई दिल्ली सीट से 2014 में बीजेपी की मीनाक्षी लेखी सांसद बनी थीं! इस बार भी बीजेपी ने मीनाक्षी लेखी को मौका दिया है! उनके सामने हैं कांग्रेस के अजय माकन और आम आदमी पार्टी की ओर से ब्रजेश गोयल!

सियासी जंग -

2014 के चुनाव में नई दिल्ली सीट पर हुए चुनाव में मीनाक्षी लेखी को 4,53,350 वोट मिले थे! दूसरे नंबर पर रहे थे आम आदमी पार्टी के आशीष खेतान जिन्हें 2,90,642 वोट मिले थे! अजय माकन तीसरे स्थान पर रहे थे! उन्हें 1,82,893 वोट मिले थे! इस बार मुकाबला जटिल है! मीनाक्षी लेखी मशहूर वकील हैं और बीजेपी की बड़ी नेता हैं! वो अपनी जीत दोहराने के लिए मैदान में हैं! अजय माकन कांग्रेस के बड़े नेता हैं और केंद्र की राजनीति में फिर से अपनी जगह बनाने के लिए लोकसभा पहुंचना चाहते हैं! वहीं ब्रजेश गोयल आम आदमी पार्टी ट्रेड विंग के संयोजक हैं और केजरीवाल सरकार के ट्रैक रिकॉर्ड के बूते नई दिल्ली की सियासी जंग जीतने पर नजर गड़ाए हुए हैं!

पूर्वी दिल्ली सीट -

पूर्वी दिल्ली सीट (Delhi Loksabha Election) से बीजेपी ने क्रिकेटर गौतम गंभीर को मौका दिया है! इस क्षेत्र में पंजाबी वोटरों का अच्छा खासा प्रभाव है! इसके अलावा पूर्वांचली वोटरों का भी यहां प्रभाव है! कांग्रेस ने इस सीट से अरविंदर सिंह लवली को उतारा है तो आम आदमी पार्टी ने आतिशी मार्लेना को मौका दिया है! गौतम गंभीर खुद जाने माने क्रिकेट स्टार हैं तो आतिशी के प्रचार में कई सितारे देशभर में जुट रहे हैं! आम आदमी पार्टी आतिशी को शिक्षा के क्षेत्र में सुधारों का श्रेय देती है! अरविंदर सिंह लवली की पंजाबी वोटरों में अच्छी पकड़ मानी जाती है! पूर्वी दिल्ली देश के सबसे सघन आबादी वाले क्षेत्रों में से एक है! इस संसदीय क्षेत्र के तहत जंगपुरा, ओखला, त्रिलोकपुरी, कोंडली, पटपड़गंज, लक्ष्मी नगर, विश्वास नगर, कृष्णा नगर, गांधी नगर और शाहदरा जैसे इलाके आते हैं! यहां के मुद्दे भी पानी-बिजली-सड़क, सफाई जैसे आम लोगों के मुद्दे हैं!

सियासी जंग -

2014 के मोदी लहर में यहां से बीजेपी के महेश गिरी जीते थे! महेश गिरी को 5,72,202 वोट मिले थे! दूसरे स्थान पर रहे थे आम आदमी पार्टी के राजमोहन गांधी जिन्हें 3,81,739 वोट मिले थे! तीसरे नंबर कांग्रेस के संदीप दीक्षित रहे थे जिन्हें 2,03,240 वोट मिले थे!

उत्तर पूर्वी दिल्ली -

उत्तर पूर्वी दिल्ली (Delhi Loksabha Election) में इस बार फाइट पूर्वांचली वोटों को लेकर है! तीनों ही दलों ने पूर्वांचली वोटरों की ताकत को देखते हुए यहां से यूपी-बिहार के उम्मीदवारों को उतारा है! बीजेपी ने जहां प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान सांसद भोजपुरी सिंगर-एक्टर मनोज तिवारी को मौका दिया है!वहीं कांग्रेस ने पूर्व सीएम शीला दीक्षित को और आम आदमी पार्टी ने दिलीप पांडेय को! खास बात ये है कि ये तीनों ही नेता अपने-अपने दलों के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं! इस संसदीय क्षेत्र के तहत बुरारी, तिमारपुर, सीमापुरी, रोहतास नगर, सीलमपुर, घोंडा, बाबरपुर, गोकलपुर, मुस्तफाबाद और करावल नगर जैसे इलाके आते हैं!

सियासी जंग -

2014 के चुनाव में इस सीट से मनोज तिवारी को 5,96,125 वोट मिले थे! दूसरे नंबर पर रहे थे आम आदमी पार्टी के प्रो! आनंद कुमार जिन्हें 4,52,041 वोट मिले थे! वहीं 2,14,792 वोटों के साथ कांग्रेस के जेपी अग्रवाल तीसरे स्थान पर रहे थे! कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष जे पी अग्रवाल इस सीट से 2009 में सांसद रह चुके हैं!

कारोबारी इतिहास और दिल्ली की पुरानी गलियों-किलों वाली -

चांदनी चौक देश (Delhi Loksabha Election) के सबसे पुराने बाजार, कारोबारी इतिहास और दिल्ली की पुरानी गलियों-किलों वाली असल पहचान वाला इलाका है! यहां वोटों का समीकरण व्यापारी वर्ग तय करता है! आदर्श नगर, शालीमार बाग, शकूर बस्ती, त्री नगर, वजीरपुर, मॉडल टाउन, सदर बाजार, चांदनी चौक, मटिया महल और बल्लीमारान इलाके इस संसदीय क्षेत्र के तहत आते हैं!

सियासी जंग -

यहां से बीजेपी ने वर्तमान सांसद, केंद्रीय मंत्री और अपने दिग्गज नेता डॉ हर्षवर्धन को उतारा है! उनके मुकाबले के लिए कांग्रेस ने जय प्रकाश अग्रवाल और आम आदमी पार्टी ने पंकज गुप्ता को उतारा है! 2014 के चुनाव में चांदनी चौक से डॉ हर्षवर्धन को 4,37,938 वोट मिले थे! दूसरे नंबर पर आम आदमी पार्टी के आशुतोष 3,01,618 वोटों के साथ रहे थे! तीसरे नंबर पर कांग्रेस के कपिल सिब्बल रहे थे जिन्हें 1,76,206 वोट हासिल हुए थे!

पश्चिमी दिल्ली संसदीय सीट -

पश्चिमी दिल्ली संसदीय सीट (Delhi Loksabha Election) पर पूर्वांचली वोटरों, अनाधिकृत कालोनियों की समस्याएं और पंजाबी तथा जाट वोटरों का गणित तय करेगा जीत का समीकरण! यहां से बीजेपी ने दिल्ली के पूर्व सीएम साहिब सिंह वर्मा के बेटे प्रवेश वर्मा को दोबारा मौका दिया है! प्रवेश वर्मा 2014 में भी यहां से जीतकर सांसद बने थे! कांग्रेस ने मुकाबले के लिए पूर्व सांसद महाबल मिश्रा को मौका दिया है! वहीं आम आदमी पार्टी ने बलबीर जाखड़ को उतारा है! पश्चिमी दिल्ली संसदीय क्षेत्र के तहत मादीपुर, राजौरी गार्डन, हरि नगर, तिलक नगर, जनकपुरी, विकासपुरी, उत्तम नगर, द्वारका, मटियाला और नजफगढ़ के इलाके आते हैं!

सियासी जंग -

2014 के चुनाव में यहां से प्रवेश वर्मा को 6,51,395 वोट मिले थे! वहीं दूसरे नंबर पर आम आदमी पार्टी के जरनैल सिंह रहे थे जिन्हें 3,82,809 वोट मिले थे! महाबल मिश्रा को 1,93,266 वोट मिले थे और वे तीसरे नंबर पर रहे थे! 2009 में इस सीट से महाबल मिश्रा ने चुनाव जीता था!

उत्तर पश्चिम दिल्ली संसदीय सीट -

उत्तर पश्चिम दिल्ली संसदीय सीट (Delhi Loksabha Election) एससी वर्ग के लिए आरक्षित सीट है! यहां से 2014 में बीजेपी के उदित राज सांसद बने थे! इस बार बीजेपी ने सिंगर हंसराज हंस को उतारा है! टिकट कटने से नाराज उदित राज अब कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं! वहीं कांग्रेस ने राजेश लिलोथिया को और आम आदमी पार्टी ने गगन सिंह रंगा को उतारा है! बीजेपी को उम्मीद है कि सूफी सिंगर हंसराज हंस स्टार फैक्टर के अलावा पंजाबी वोटों और दलित वोटों को साध पाएंगे! इस संसदीय क्षेत्र के तहत नरेला, बादली, रिठाला, बवाना, मुंडका, किरारी, सुल्तान पुर माजरा, नांगलोई जाट, मंगोल पुरी, रोहिणी, नागलोई, मंगोलपुरी और रोहिणी इलाके आते हैं!

सियासी जंग -

2014 के चुनाव में यहां से बीजेपी के उदित राज 6,29,860 वोटों के साथ जीते थे! वहीं 5,23,058 वोटों के साथ आम आदमी पार्टी की राखी बिड़लान दूसरे स्थान पर रही थीं जबकि कांग्रेस की कृष्णा तीरथ 1,57,468 तीसरे नंबर पर! 2009 में यहां से कृष्णा तीरथ जीतकर लोकसभा पहुंची थीं! 2014 चुनाव के बाद वे बीजेपी में चली गई थीं लेकिन फिर 2019 चुनाव से पहले कांग्रेस में वापसी कर चुकी हैं! हंसराज हंस के बाहरी उम्मीदवार होने और बीजेपी से नेताओं के जाने का इस सीट के समीकरणों पर असर हो सकता है!

दक्षिणी दिल्ली -

दक्षिणी दिल्ली (Delhi Loksabha Election) जहां देश के सबसे संपन्न इलाकों में से एक है वहीं गांवों के जातीय समीकरण भी वोटों का गणित तय करते हैं! इस सीट पर गुर्जर-जाट और पूर्वांचली वोटरों के हाथ है जीत का बटन! इस संसदीय क्षेत्र के तहत बिजवासन, पालम, महरौली, छतरपुर, देवली, अम्बेडकर नगर, संगम विहार, कालकाजी, तुगलकाबाद और बदरपुर इलाके आते हैं!बाहरी इलाकों में अनधिकृत कॉलोनियों की समस्याएं विकराल हैं तो दक्षिण दिल्ली के इलाकों में बेहतर सुविधाओं की उम्मीदें काफी व्यापक हैं! इस सीट से सुषमा स्वराज और मदनलाल खुराना भी चुनाव जीत चुके हैं!

सियासी जंग -

बीजेपी ने फिर इस सीट से वर्तमान सांसद रमेश बिधूड़ी को उतारा है तो कांग्रेस ने मुक्केबाज विजेंदर सिंह को उतारा है! वहीं आम आदमी पार्टी ने युवा नेता राघव चड्ढा को चुनावी जंग में उतारा है! 2014 के चुनाव में दक्षिण दिल्ली सीट से बीजेपी के रमेश बिधूड़ी जीते थे! बिधूड़ी को 4,97,980 वोट मिले थे! दूसरे नंबर पर आम आदमी पार्टी के कर्नल दविंदर सहरावत रहे थे जिन्हें 3,90,980 वोट मिले थे! तीसरे नंबर पर कांग्रेस के रमेश कुमार 1,25,213 वोटों के साथ रहे थे! कर्नल दविंदर सहरावत अब बीजेपी में शामिल हो चुके हैं!