प्रशांत भूषण ने खुद को बताया “लोकतंत्र का रक्षक, अच्छाई का चैंपियन”

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20 अगस्त को तिहाड़ जाने से पहले ही गिडगिडा उठा है, प्रशान्त भूषण। जो की वकील है! वैसे तो अवमानना के केस में सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों प्रशांत भूषण को दोषी घोषित कर दिया है और 20 अगस्त को उसे सजा सुनाये जाने का ऐलान भी किया है।

6 महीने की जेल की सजा सुना सकती है, कोर्ट प्रशांत भूषण को और उसके बाद प्रशांत भूषण को दिल्ली के तिहाड़ जेल में भी डाला जा सकता है।

20 अगस्त से पहले प्रशांत भूषण ने गिडगिडाना शुरू कर दिया है और खुद को लोकतंत्र का रक्षक और अच्छाई का चैंपियन भी घोषित कर दिया है।

प्रशांत भूषण ने खुद को कोस अज सुनाये जाने से पहले ही काफी सारे नेताओं का समर्थन पत्र सोशल मीडिया पर भी शेयर कर दिया है और इन नेताओं में दिग्विजय सिंह, शरद यादव, फारुख अब्दुल्ला, शशि थरूर, सीताराम येचुरी, यशवंत सिन्हा, डी राजा, सैफुद्दीन सोज़ ये सब लोग शामिल है। इन सभी ने प्रशांत भूषण का समर्थन किया है

प्रशांत भूषण ने जो पत्र आज जारी किया है। उन्होंने उस पत्र के सबसे ऊपर वाले हिस्से में खुद को लोकतंत्र का रक्षक और अच्छाई का चैंपियन भी बताया है।

20 अगस्त से पहले ही प्रशांत भूषण जमकर विक्टिम कार्ड खेल रहा है और लोकतंत्र, मानवाधिकार इन सब की दुहाई दे रहा है।

वैसे तो ये सारी कोशिश ही है ताकि प्रशांत भूषण को सुप्रीम कोर्ट कोई कड़ी सजा ना दे और उसे सिर्फ चेतावनी देकर ही छोड़ दे। अब तो ये 20 अगस्त को ही पता चलेगा की कोर्ट प्रशांत भूषण को क्या सज़ा सुनाती है लेकिन इस से पहले ही प्रशांत भूषण जमकर गिडगिडा रहा है।