अमेरिका के साथ हुआ भारत का BECA समझौता, कांग्रेस ने उठाये सवाल

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India’s BECA agreement with America: पाकिस्तान के साथ साथ देशद्रोहियों के लिए कल सबसे बुरी खबर आई, जगह जगह किसान आंदोलन को तेज़ करके भारतीय दौरे पर आए अमेरिका उच्च अधिकारीयों को समझौते करने से रोकने में नाकाम रहें. आपको बता दें की रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी ने भारत और अमेरिका के बीच 2+2 मंत्रीस्तरीय बैठक में बेसिक एक्सचेंज एंड कोऑपरेशन एग्रीमेंट को साइन कर दिया हैं.

इस एग्रीमेंट के तहत अब अमेरिका भारत के साथ जियो स्पेशल इंटेलिजेंस को साझा करेगा और भारत सेना को जटिल मिसाइल तकनीक के साथ मिसाइलों के निर्माण में भी मदद मिलेगी. आपको बता दें की, अमेरिकी के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो और रक्षा मंत्री मार्क एस्पर सोमवार से भारत में मजूद हैं. इन्होने सबसे पहले भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से गहरी चर्चा भी की थी.

BECA समझौते के बाद भारत और अमेरिका दोनों एक दूसरे के साथ मैप, नॉटिकल और एरोनॉटिकल चार्ट कमर्शियल और दूसरी अनक्लासिफाइड तस्वीरें जैसे डाटा साझा कर सकेंगे. इस समझौते के बाद एक तरफ अमेरिका जहां हिंद-महासागर में मजूद चीनी जहाज़ों और युद्धपोतों पर नज़र रख पाएगा वहीं अमेरिका अपने आर्मी सैटेलाइट के जरिए संवेदनशील भौगोलिक क्षेत्रों को भारतीय सेना के साथ साझा करेगा.

उदाहरण के लिए अगर भारत फिर एक बार पाकिस्तान पर स्ट्राइक करने के लिए जाता है तो वह अमेरिका सेटेलाइट का इस्तेमाल करते हुए अपने दुश्मनों को बहुत बारीकी से जायज़ा ले सकता हैं. इसके साथ ही कुछ गुप्त समझौते भी हुए जिसे लेकर भारतीय और अमेरिकी सुरक्षा के लिहाज़ से मीडिया को नहीं बताया गया, हालाँकि भारतीय विपक्ष की माने तो इन रक्षा सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों को भी डिटेल में मीडिया को बताना चाहिए.

अमेरिका और भारत के रक्षा मंत्रियों ने चीन के साथ पिछले 175 दिनों से चले आ रहे संघर्ष को लेकर भी बातचीत की हैं. अमेरिका ने आश्वासन दिया है की वह इस स्थिति में पूरी तरह से भारत के साथ खड़ा हैं और वह कोशिश करेगा की भारत और चीन का यह मसला वार्तालाप के जरिए हल हो जाये. जिससे किसी प्रकार का वैश्विक संकट न पैदा हो, क्योंकि चीन के साथ भारत का युद्ध होता है तो इस युद्ध को विश्व युद्ध में बदलने में समय नहीं लगेगा.

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