कांग्रेस के आचार्य प्रमोद कृष्णम के बिगड़े बोल, शिवराज सिंह चौहान को कहा- कंस और शकुनि और …

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मध्यप्रदेश में नेता अब एक दूसरे पर बदजुबानी के साथ उल्ल-जलूल ब्यान दे रहें हैं. इसका मुख्य कारण मध्यप्रदेश में होने वाले उप-चुनाव भी हैं. ऐसे में राजस्थान के पूर्व उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट की मौजूदगी में कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को कंस, शकुनि और मारीच का निचोड़ बता दिया हैं.

मध्यप्रदेश में मुरैना के जौरा में सभा के लिए इक्क्ठे हुए कांग्रेस नेताओं में से जब आचार्य प्रमोद कृष्णम के भाषण देने की बारी आई तो उन्होंने कहा की, “त्रेता में मामा मारीच हुए. द्वापर युग में कंस मामा का नाम रहा. इसके बाद शकुनि मामा ने छल और प्रपंच से पांडवों को बर्बाद कर दिया. तीनों मामाओं का कमीनापन निचोड़ दिया जाए, तो इससे मिलकर शिवराज मामा बनता है.”

उन्होंने फिर विस्तार से उन मामाओं का व्याख्यान करते हुए कहा की, “पहला मामा मारीच, जिसने रूप बदलकर सीता माता का हरण कराया था. दूसरा मामा कंस, जिसने अपनी सत्ता को बचाने के लिए बहन के बच्चों को मार दिया और तीसरा मामा शकुनि, जिसने छल-फरेब कर पांडवों का सर्वनाश करना चाहा था. इन तीनों मामाओं को मिला दें तो मामा शिवराज बनता है. शिवराज ऐसे व्यक्ति हैं, जो 15 साल CM रहे, लेकिन इसके बाद भी उनकी सत्ता की भूख कम नहीं हुई.”

कांग्रेस वैसे तो हिन्दू धार्मिक ग्रंथों को केवल काल्पनिक कहानियां मानती हैं. लेकिन जब कांग्रेस के नेताओं को बीजेपी या फिर सीधा हिन्दुवों के आचरण पर वार करना होता है तो यह उन्हीं ग्रंथों का सहारा लेकर उनमे मजूद सबसे दुष्ट पात्र का व्याख्यान भी करते हैं. ऐसे में सवाल यह उठता हैं की क्या कांग्रेस के नेताओं ने हिन्दुवों के धार्मिक ग्रंथों में मात्र दुष्ट पात्रों के बारे में ही ज्ञान प्राप्त किया हैं? क्योंकि अब तो यह लोग रावण का भी बहुत गुणगान गाने लगे हैं और दूसरी तरफ प्रभु श्री राम को काल्पनिक भी बताते हैं.

खैर कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम की इस बदजुबानी पर बीजेपी के मध्यप्रदेश के पार्टी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज़ करवा दी हैं. मीडिया से बातचीत करते हुए रजनीश ने कहा की, “कांग्रेस के स्टार प्रचारक प्रमोद कृष्णन ने जो आपत्तिजनक और शर्मनाक भाषण मुरैना जिले में कांग्रेस के मंच से दिया, वह निंदनीय है. अब कमलनाथ की जिम्मेदारी है कि वे प्रदेश के भांजे-भांजियों से माफी मांगे. साथ ही कृष्णम के प्रचार करने पर रोक लगाएं.”

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