इजरायल बदलेगा जंग का नक्‍शा, पहली बार भेजी हमास को चुन-चुनकर मारने वाली सेना

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इसराइल ने दुनिया में पहली बार किसी सैनिक कार्रवाई में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल किया है. अनुमान लगाया जा रहा है कि इजराइल (Isreal) का यह कदम भविष्य में होने वाले युद्ध का नक्शा ही बदल सकता है. इजरायल ने गाजा पट्टी में हमास चरमपंथियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस युक्त ड्रोन फार्म का प्रयोग किया है. इस ऑपरेशन के दौरान इसराइली सेना ने गाजा पट्टी में बिना घुसे ही अपने लक्ष्य को खोज-खोज कर सफाई सफलतापूर्वक उसका खात्मा कर दिया. इस हाइब्रिड वॉर में शामिल इजरायली सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अपने बयान में कहा कि,’यह पहली बार है जब यह आई तकनीकी का व्यापक रूप से ऑपरेशन में इस्तेमाल किया गया है इससे पहले ही तकनीक का इस्तेमाल हम आपके मिसाइल हमलों से बचाव लक्षणों की पहचान करने के लिए किया गया था. इस ऑपरेशन से हमें जो अनुभव सीखने को मिले हैं उनका उपयोग हमले की सटीकता को और सुधारने के लिए भविष्य में किया जाएगा.’

इजराइली मिसाइल को बताएंगे-कहां करना है हमला

इसराइल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग रडार की सूचना के आधार पर रॉकेट का पथ निर्धारित करने के लिए किया गया. ये इजरायली रॉकेट को गाजा पट्टी के घनी आबादी वाले इलाकों में जाने से रोकते हैं. इतना ही नहीं, इस प्रणाली को जरूरत के हिसाब से खुद ही रॉकेट लॉन्च करने के लिए भी डिजाइन किया गया है. अगर गाजा पट्टी में उड़ रहे इजरायली एआई ड्रोन को हमले की जरूरत होगी तो उसके कमांड पर मिसाइल खुद ब खुद टॉरगेट को लॉक कर लॉन्च हो जाएगी.इनकी मदद से इजरायल हमास के रॉकेट हमले के पहले ही जवाबी कार्रवाई कर सकता है.

इसराइल को AI ड्रोन की जरूरत क्यों पड़ी

गौरतलब है कि इस साल मई में हमास ने इजरायल पर कम से कम 4000 रॉकेट दागे थे. जवाबी कार्रवाई में इजरायल की आयरन डोम मिसाइल सिस्टम 90 फ़ीसदी से ज्यादा हमास के रॉकेट को मार गिराया था हालांकि फिर भी 10 फ़ीसदी रॉकेट इसराइल जमीन पर काफी तबाही मचाई थी. इजराइल के पास आयरन डोम सहित कई एंटी मिसाइल डिफेंस सिस्टम है. प्रत्येक इंटरसेप्टर मिसाइल की कीमत 50000 अमेरिकी डॉलर के आसपास होती है. ऐसे में दुश्मन के एक रॉकेट को रोकने के लिए कई बार दो या इससे भी ज्यादा मिसाइलों को फायर करना पड़ता है. आर्थिक रूप से यह लड़ाई काफी भारी पड़ती है. इसलिए, इजरायल ने लॉन्च से पहले ही मिसाइल हमला कर हमास के ठिकानों को बर्बाद करने का फैसला किया है.

इजरायल ने बनाया गाजा पट्टी का 3D नक्शा

इजरायल ने गाजा पट्टी पर एकदम सटीक हमले के लिए ह्यूमन इंटेलिजेंस और भौगोलिक जानकारी से मिले जानकारी के माध्यम से गाजा पट्टी गायक 3D नक्शा तैयार किया है. यह नक्शा हमास के रॉकेट लॉन्चिंग साइट को पहचानने मैं सक्षम है. जिसके बाद AI तकनीक से इन स्थानों पर सटीक हमले किए जा सकेंगे. इसराइल के इस तकनीक के कारण ही हमले के लिए प्रयोग किए जाने वाले सटीक हथियार का इस्तेमाल कर सकता है.

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