प्रियंका गाँधी से मिलने पहुँचे राजस्थान के बेरोजगारों को कॉन्ग्रेसियों ने मारा: किसी का सिर फोड़ा, किसी के कपड़े फाड़े

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Congressmen hit the unemployed people: उत्तर प्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर राजस्थान के बेरोजगार युवकों के साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया गया है. प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की प्रभारी हैं. राजस्थान से बेरोजगार युवक उनसे मिलने के लिए लखनऊ पहुंचे थे. लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोक दिया. प्रियंका गांधी ने अपने यूपी दौरे में बेरोजगारों के दुख-दर्द सुनने की तो की थी लेकिन हालात कुछ अलग ही नजर आ रहे हैं शुक्रवार को यूपी के कंप्यूटर ग्रैजुएट्स और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में झड़प हो गई थी.

इस दौरान कई बेरोजगार युवक गंभीर रूप से घायल हो गए उनके साथ काफी धक्का-मुक्की की गई और पीटा भी गया. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gahlot) ने स्पष्ट कह दिया है कि सरकार चाहे किसी को हो, सभी लोगों को नौकरी कोई नहीं दे सकता. इससे युवक नाराज हैं. दिल्ली से जयपुर तक 100 से भी अधिक राजस्थान के बेरोजगार युवक धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. लखनऊ में प्रियंका गाँधी ने ‘बेरोजगार सम्मलेन’ आयोजित किया था, जिसमें ये पहुँचे थे.

राजस्थान के बाराँ स्थित छबड़ा से 6 बार के रहे विधायक प्रताप सिंह सिंघवी ने इस घटना के बारे में ट्विटर पर बताते हुए लिखा की, “लखनऊ में प्रदेश कॉन्ग्रेस कमिटी ऑफिस के बाहर प्रियंका गाँधी से मिलने के लिए पहले तो राजस्थान के बेरोजगार कंप्यूटर अभ्यर्थियों को दिन भर बिठा के रखा गया. रात को इन युवाओं के साथ कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा मारपीट की गई. प्रियंका जी जवाब दें कि राजस्थान के बेरोजगारों के ऐसा सलूक क्यों?”

वहीं दूसरी ओर भाजपा नेता प्रताप सिंह सिंघवी ने इन घायल युवकों की तस्वीर को साझा करते हुए पूछा कि आखिर इन बेरोजगार युवाओं का क्या दोष था? उन्होंने प्रियंका गाँधी से कहा कि यह बस आपसे मिलना चाह रहे थे, क्योंकि लगा कि आप अगर यूपी में संविदा पर भर्ती के खिलाफ हैं तो राजस्थान में तो आपकी सरकार है तो आप मदद करेंगी. उन्होंने इसके साथ आरोप लगाते हुए कहा कि इन्हें बेरहमी से मारा गया. यूपी में संविदा का विरोध करने वाली प्रियंका गाँधी राजस्थान पर चुप हैं.

गौरतलब है कि यूपी वाले मुद्दे पर प्रियंका गांधी ने कहा था “संविदा = नौकरियों से सम्मान विदा। 5 साल की संविदा = युवा अपमान कानून. माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने पहले भी इस तरह के कानून पर अपनी तीखी टिप्पणी की है. इस सिस्टम को लाने का उद्देश्य क्या है? सरकार युवाओं के दर्द पर मरहम न लगाकर दर्द बढ़ाने की योजना ला रही है. नहीं चाहिए संविदा.” पर वही राजस्थान वाले मुद्दे पर अब तक उनका कोई ट्वीट नहीं आया है.

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