इसराइल ने भारत को दी खतरनाक खास तकनीक, अब सीमा पर घुसपैठ करने वालों की खैर नहीं

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चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा पर अन्य क्षेत्रों पर नजर रखने के लिए भारतीय सेना को जल्द ही इजरायल से अपडेटेड हेरॉन ड्रोन मिलने वाले हैं। भारत को ये ड्रोन पहले ही मिल चुके थे लेकिन कोरोना महामारी के कारण इसमें देरी हुई है। लेकिन अब समय आ गया है जब भारत को इजरायल से चार ड्रोन मिलने वाले हैं। बता दें कि हेरॉन ड्रोन की खासियत यह है कि यह लगातार दो दिन से ज्यादा उड़ सकता है और 10 हजार मीटर की ऊंचाई से टोल लेने में सक्षम है।

समाचार एजेंसी एएनआई ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया कि भारत में जल्द आने वाले चार ड्रोन मौजूदा बगुले से ज्यादा उन्नत हैं और उनकी एंटी-जैमिंग क्षमता पिछले संस्करण की तुलना में काफी बेहतर है। इन ड्रोनों को पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा रक्षा बलों को दी गई आपातकालीन वित्तीय शक्तियों के तहत किया जा रहा है। सेना को आपातकालीन वित्तीय सहायता के रूप में 500 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जिसका उपयोग वे उपकरण और सिस्टम खरीदने के लिए कर सकते हैं।

सूत्रों के मुताबिक चार हेरॉन ड्रोन के अलावा कई अन्य छोटे ड्रोन भी सेना खरीद रहे हैं जिनका इस्तेमाल बटालियन स्तर की सेना मुहैया कराने में किया जाएगा। ये ड्रोन जवान खुद ऑपरेट करेंगे। आपको बता दें कि पिछले कुछ महीनों में भारतीय सेना ऐसे हथियार हासिल करने में लगी हुई है जो चीन के साथ जारी संघर्ष में उनकी मदद कर सकें।

पाकिस्तान में आतंकवादी शिविरों के खिलाफ बालाकोट हवाई हमले के ठीक बाद सरकार ने 2019 में सना को कई उपकरण उपलब्ध कराए थे। इस सुविधा का इस्तेमाल करते हुए भारतीय नौसेना ने अमेरिकी फर्म जनरल एटॉमिक्स से लिए गए दो प्रीडेटर ड्रोन को लीज पर लिया है। भारतीय वायु सेना ने इन शक्तियों का उपयोग बड़ी संख्या में टैंक रोधी मिसाइलों, लंबी दूरी की हैमर एयर टू ग्राउंड स्टैंडऑफ मिसाइलों के साथ लगभग 70 किमी की स्ट्राइक रेंज खरीदने के लिए किया है।

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