हिमा दास की राह पर निकली देश की एक और बेटी, जीते 2 गोल्ड मैडल, किया देश का नाम रोशन

Aayesha Win 2 Gold Medal: देश में इस समय क्रिकेट से ज्यादा एथलीट सुर्खियों में बना हुआ है! जब एथलीट की बात आती है तो हिमा दास को कौन भूल सकता है! जिन्होंने मात्र 20 दिनों के अंदर 5 गोल्ड मेडल जीते! जिसकी बदौलत आज भारत एथलीट की दुनिया में बड़े मुकाम पर खड़ा है! हिमा दास की राह पर ही देश की एक और छोटी परी इस दौड़ में शामिल हो गई है! बता दे दिल्ली के मुस्तफाबाद मैं रहने वाली छोटी सी लड़की ने कॉन्टीनेंटल रोप स्किपिंग चैंपियनशिप में दो गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीतकर देश का नाम रोशन कर दिया है! जहां एक तरफ देश का सिर हिमा दास ने ऊंचा किया वहीं दूसरी ओर इस बच्ची ने भी देश का कद ऊंचा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी! जानते हैं कौन है वह लड़की और क्या हुआ बता दे की हम जिस लड़की के बारे में बात कर रहे हैं दिल्ली के मुस्तफाबाद की रहने वाली है! जिनका नाम आयशा है! यह लड़की काफी बड़ी परिवार से ताल्लुक रखती है! आयशा दिल्ली के यमुना विहार के सर्वोदय कन्या विद्यालय में 11वीं कक्षा में पढ़ाई करती है! उसके साथ साथ आयशा ने कॉन्टीनेंटल रोप स्किपिंग चैंपियनशिप में दो गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीतकर देश का नाम रोशन कर दिया है! इस चैंपियनशिप में आयशा शानदार प्रदर्शन को देख हर कोई गर्म कर रहा होगा क्योंकि मात्र 30 सेकंड में 95 जंप लगाइ! बता दे आयशा 4 साल से इस टूर्नामेंट की तैयारी कर रही थी! राष्ट्रीय स्तर पर भी मेडल जीत चुकी है! और अब देश का नाम गर्व से ऊंचा किया है! आयशा का परिवार जैसा कि हमने आपको बताया ऐसा कोई रहीस खानदान से नहीं आती! उनका परिवार बड़ा ही सरल जीवन व्यतीत करता है! आयशा के परिवार में उसकी मां के अलावा विचार बहन भाई है! आयशा चौथे नंबर की अपने परिवार की बेटी है! आयशा ने बताया कि वह अपने परिवार के लिए कुछ करना चाहती थी और देश के लिए कुछ करना चाहती थी ताकि मेरा परिवार सम्मान पूर्वक जिंदगी व्यतीत कर सकें! पिता से मिली सीख आयशा के पिता शमीम अहमद उसे रोप स्किपिंग का इंटरनेशनल प्लेयर बनाना चाहते थे! इस खेल में ध्यान, स्टेमिना और जबरदस्त प्रेक्टिस की जरूरत पड़ती है! जिसके लिए आयशा खूब मेहनत भी करती थी! आयशा सरकार से चाहती थी कि खेल स्तर को आगे बढ़ाने के लिए मदद की जाए ताकि देश का नाम गर्व से ऊंचा हो सके! उनके पिता का कहना था कि मेरी छोटी बेटी बहुत मेहनती है, काबिल है जो कि उसने साबित करके दिखाया है! अगर सरकार भी थोड़ा सा कदम बढ़ाए तो हमारी बेटियां भी देश के लिए बहुत काम कर सकती है!
 

हिमा दास की राह पर निकली देश की एक और बेटी, जीते 2 गोल्ड मैडल, किया देश का नाम रोशन

Aayesha Win 2 Gold Medal: देश में इस समय क्रिकेट से ज्यादा एथलीट सुर्खियों में बना हुआ है! जब एथलीट की बात आती है तो हिमा दास को कौन भूल सकता है! जिन्होंने मात्र 20 दिनों के अंदर 5 गोल्ड मेडल जीते! जिसकी बदौलत आज भारत एथलीट की दुनिया में बड़े मुकाम पर खड़ा है! हिमा दास की राह पर ही देश की एक और छोटी परी इस दौड़ में शामिल हो गई है! बता दे दिल्ली के मुस्तफाबाद मैं रहने वाली छोटी सी लड़की ने कॉन्टीनेंटल रोप स्किपिंग चैंपियनशिप में दो गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीतकर देश का नाम रोशन कर दिया है! जहां एक तरफ देश का सिर हिमा दास ने ऊंचा किया वहीं दूसरी ओर इस बच्ची ने भी देश का कद ऊंचा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी!

जानते हैं कौन है वह लड़की और क्या हुआ

बता दे की हम जिस लड़की के बारे में बात कर रहे हैं दिल्ली के मुस्तफाबाद की रहने वाली है! जिनका नाम आयशा है! यह लड़की काफी बड़ी परिवार से ताल्लुक रखती है! आयशा दिल्ली के यमुना विहार के सर्वोदय कन्या विद्यालय में 11वीं कक्षा में पढ़ाई करती है! उसके साथ साथ आयशा ने कॉन्टीनेंटल रोप स्किपिंग चैंपियनशिप में दो गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीतकर देश का नाम रोशन कर दिया है! हिमा दास की राह पर निकली देश की एक और बेटी, जीते 2 गोल्ड मैडल, किया देश का नाम रोशन इस चैंपियनशिप में आयशा शानदार प्रदर्शन को देख हर कोई गर्म कर रहा होगा क्योंकि मात्र 30 सेकंड में 95 जंप लगाइ! बता दे आयशा 4 साल से इस टूर्नामेंट की तैयारी कर रही थी! राष्ट्रीय स्तर पर भी मेडल जीत चुकी है! और अब देश का नाम गर्व से ऊंचा किया है!

आयशा का परिवार

जैसा कि हमने आपको बताया ऐसा कोई रहीस खानदान से नहीं आती! उनका परिवार बड़ा ही सरल जीवन व्यतीत करता है! आयशा के परिवार में उसकी मां के अलावा विचार बहन भाई है! आयशा चौथे नंबर की अपने परिवार की बेटी है! हिमा दास की राह पर निकली देश की एक और बेटी, जीते 2 गोल्ड मैडल, किया देश का नाम रोशन आयशा ने बताया कि वह अपने परिवार के लिए कुछ करना चाहती थी और देश के लिए कुछ करना चाहती थी ताकि मेरा परिवार सम्मान पूर्वक जिंदगी व्यतीत कर सकें!

पिता से मिली सीख

आयशा के पिता शमीम अहमद उसे रोप स्क‍िपिंग का इंटरनेशनल प्लेयर बनाना चाहते थे! इस खेल में ध्यान, स्टेमिना और जबरदस्त प्रेक्टिस की जरूरत पड़ती है! जिसके लिए आयशा खूब मेहनत भी करती थी! आयशा सरकार से चाहती थी कि खेल स्तर को आगे बढ़ाने के लिए मदद की जाए ताकि देश का नाम गर्व से ऊंचा हो सके! हिमा दास की राह पर निकली देश की एक और बेटी, जीते 2 गोल्ड मैडल, किया देश का नाम रोशन उनके पिता का कहना था कि मेरी छोटी बेटी बहुत मेहनती है, काबिल है जो कि उसने साबित करके दिखाया है! अगर सरकार भी थोड़ा सा कदम बढ़ाए तो हमारी बेटियां भी देश के लिए बहुत काम कर सकती है!