बाराबंकी सभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने उगला जहर, कहा: जब 11% यादव अखिलेश को बना सकते हैं CM, तो 19% मुस्लिम को क्यों नहीं

When 11% Yadav can make Akhilesh CM then why not 19% Muslim: अपने तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश दौरे पर असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) आज बाराबंकी पहुंचे. यहां पर पहुंचते हैं जनसभा को संबोधित किया और कहा कि हम केवल 2022 के यूपी विधान सभा चुनाव की तैयारी नहीं कर रहे बल्कि हम उत्तर प्रदेश में एक मजबूत पार्टी के तौर पर उभर कर सामने आएंगे. ओवैसी ने इस रैली के दौरान सपा के यादव 'वोट बैंक' का उदाहरण देते हुए मुसलमानों से AIMIM के पक्ष में एकजुट होने की विनती की. मॉब लिंचिंग पर UP सरकार पर हमला ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने अपने भाषण में कहा कि 2014 से मॉब लिंचिंग (Mob Lynching) के नाम पर केवल मुसलमानों को मारा जा रहा है. उत्तर प्रदेश में मुसलमानों पर जुल्म करने वालों को पुलिस गिरफ्तार करती है, लेकिन 24 घंटे में उन्हें जमानत दे दी जाती है. बता दूं कि जुल्म करने वालों को यह पता है कि बीजेपी की सरकार उनके साथ है. वह उन्हें बचा लेगी. ट्रिपल तलाक पर निशाना इस भाषण में उन्होंने मोदी सरकार द्वारा बनाए गए ट्रिपल तलाक कानून पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि ट्रिपल तलाक कानून लाकर मोदी सरकार ने मर्दों को और मजबूत कर दिया है. इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार उन लोगों के खिलाफ कानून क्यों नहीं लाती, जो अपनी बीवियों को अपने साथ नहीं रखते और उनकी बीवियां दर-दर की ठोकरें खा रही हैं. ओवैसी ने सीएए कानून को लेकर भी निशाना साधा और कहा कि यह सरकार केवल भ्रम फैलाने का काम कर रही है इसके अलावा सरकार निकम्मी है. '100 साल पुरानी मस्जिद शहीद' बता दें कि इस दौरान ओवैसी ने कहा कि '17 मई को बाराबंकी में 100 साल पुरानी मस्जिद को शहीद कर दिया गया था. उस समय के एसडीएम जो अब सीडीओ पद पर प्रमोट हो गए हैं उन्होंने सैकड़ों लोगों को जेल भेज दिया था, कई लोगों पर एनएसए के तहत कार्रवाई की. एसडीएम ने 100 साल पुरानी मस्जिद को बिना किसी नोटिस के गिरवा दिया. मैं उसे पॉलिटकल डेमोलिशन कहूंगा. वह मस्जिद किसी के बाप की जागीर थी क्या, जो उसे तोड़ दिया गया. क्या उस समय सपा-बसपा ने इस कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाई थी. उस समय केवल मैंने इस कार्रवाई के खिलाफ आवाज बुलंद की.' मुसलमानों से साथ आने की अपील वेस्ट रैली को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा,'अब तक मुस्लिम केवल सेकुलरिज्म के नाम पर वोट डालते आए हैं. सपा-बसपा को वोट डालते आए हैं, लेकिन क्या ये लोग कभी मुसलमानों का नाम लेते हैं. इसलिए आप सभी हमारे साथ आएं, मैं आपकी आवाज को मजबूत करूंगा. उन्होंने कहा कि अब चुनाव आए हैं यूपी में इसलिए सभी लोग मुसलमानों से मीठी-मीठी बातें करेंगे लेकिन अब मुसलमानों को नेता बनने का समय आ गया है. अब मुसलमानों को जंजीर में बंधकर रहने की जरूरत नहीं. मुसलमान अब खुद सामने आएं और अपनी ताकत का एहसास कराएं.' मुस्लिम किसी मुसलमान को मुख्यमंत्री क्यों नहीं बनाता? इस दौरान ओवैसी ने सपा, बसपा और भाजपा समेत सभी पार्टियों को कव्वाल पार्टी कहते हुए उन पर निशाना साधा. उन्होंने कहा,'जब हिंदुओं में अलग-अलग जाति के लोग सभी पार्टियों को वोट कर सकते हैं तो उन्हें वोट कटवा नहीं कहा जाता फिर हमें वोट कटवा क्यों कहा जाता है. जब 11 फीसदी यादव अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बना सकते हैं, तो 19 फीसदी मुस्लिम किसी मुसलमान को मुख्यमंत्री क्यों नहीं बना सकते. उन्होंने कहा कि भारत तब मजबूत बनेगा जब मुसलमानों को उनका हक मिलेगा.'
 

बाराबंकी सभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने उगला जहर, कहा: जब 11% यादव अखिलेश को बना सकते हैं CM, तो 19% मुस्लिम को क्यों नहीं

When 11% Yadav can make Akhilesh CM then why not 19% Muslim: अपने तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश दौरे पर असदुद्दीन ओवैसी ( Asaduddin Owaisi) आज बाराबंकी पहुंचे. यहां पर पहुंचते हैं जनसभा को संबोधित किया और कहा कि हम केवल 2022 के यूपी विधान सभा चुनाव की तैयारी नहीं कर रहे बल्कि हम उत्तर प्रदेश में एक मजबूत पार्टी के तौर पर उभर कर सामने आएंगे. ओवैसी ने इस रैली के दौरान सपा के यादव 'वोट बैंक' का उदाहरण देते हुए मुसलमानों से AIMIM के पक्ष में एकजुट होने की विनती की.

मॉब लिंचिंग पर UP सरकार पर हमला

ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने अपने भाषण में कहा क‍ि 2014 से मॉब लिंचिंग ( Mob Lynching) के नाम पर केवल मुसलमानों को मारा जा रहा है. उत्तर प्रदेश में मुसलमानों पर जुल्म करने वालों को पुलिस गिरफ्तार करती है, लेकिन 24 घंटे में उन्हें जमानत दे दी जाती है. बता दूं कि जुल्म करने वालों को यह पता है कि बीजेपी की सरकार उनके साथ है. वह उन्हें बचा लेगी.

ट्रिपल तलाक पर निशाना

इस भाषण में उन्होंने मोदी सरकार द्वारा बनाए गए ट्रिपल तलाक कानून पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि ट्रिपल तलाक कानून लाकर मोदी सरकार ने मर्दों को और मजबूत कर दिया है. इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार उन लोगों के खिलाफ कानून क्यों नहीं लाती, जो अपनी बीवियों को अपने साथ नहीं रखते और उनकी बीवियां दर-दर की ठोकरें खा रही हैं. ओवैसी ने सीएए कानून को लेकर भी निशाना साधा और कहा कि यह सरकार केवल भ्रम फैलाने का काम कर रही है इसके अलावा सरकार निकम्मी है.

'100 साल पुरानी मस्जिद शहीद'

बता दें कि इस दौरान ओवैसी ने कहा कि '17 मई को बाराबंकी में 100 साल पुरानी मस्जिद को शहीद कर दिया गया था. उस समय के एसडीएम जो अब सीडीओ पद पर प्रमोट हो गए हैं उन्होंने सैकड़ों लोगों को जेल भेज दिया था, कई लोगों पर एनएसए के तहत कार्रवाई की. एसडीएम ने 100 साल पुरानी मस्जिद को बिना किसी नोटिस के गिरवा दिया. मैं उसे पॉलिटकल डेमोलिशन कहूंगा. वह मस्जिद किसी के बाप की जागीर थी क्या, जो उसे तोड़ दिया गया. क्या उस समय सपा-बसपा ने इस कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाई थी. उस समय केवल मैंने इस कार्रवाई के खिलाफ आवाज बुलंद की.'

मुसलमानों से साथ आने की अपील

वेस्ट रैली को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा,'अब तक मुस्लिम केवल सेकुलरिज्म के नाम पर वोट डालते आए हैं. सपा-बसपा को वोट डालते आए हैं, लेकिन क्या ये लोग कभी मुसलमानों का नाम लेते हैं. इसलिए आप सभी हमारे साथ आएं, मैं आपकी आवाज को मजबूत करूंगा. उन्होंने कहा कि अब चुनाव आए हैं यूपी में इसलिए सभी लोग मुसलमानों से मीठी-मीठी बातें करेंगे लेकिन अब मुसलमानों को नेता बनने का समय आ गया है. अब मुसलमानों को जंजीर में बंधकर रहने की जरूरत नहीं. मुसलमान अब खुद सामने आएं और अपनी ताकत का एहसास कराएं.'

मुस्लिम किसी मुसलमान को मुख्यमंत्री क्यों नहीं बनाता?

इस दौरान ओवैसी ने सपा, बसपा और भाजपा समेत सभी पार्टियों को कव्वाल पार्टी कहते हुए उन पर निशाना साधा. उन्होंने कहा,'जब हिंदुओं में अलग-अलग जाति के लोग सभी पार्टियों को वोट कर सकते हैं तो उन्हें वोट कटवा नहीं कहा जाता फिर हमें वोट कटवा क्यों कहा जाता है. जब 11 फीसदी यादव अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बना सकते हैं, तो 19 फीसदी मुस्लिम किसी मुसलमान को मुख्यमंत्री क्यों नहीं बना सकते. उन्होंने कहा कि भारत तब मजबूत बनेगा जब मुसलमानों को उनका हक मिलेगा.'