किताब “बैकस्टेज” ने किया खुलासा, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह देना चाहते थे इस्तीफा

Book "backstage" revealed, former PM Manmohan Singh wanted to resign: देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है! जी हां डॉक्टर मनमोहन सिंह जो हमारे देश में 10 साल तक प्रधानमंत्री रहे हैं! साल 2013 में राहुल गांधी ने ऑर्डिनेंस फाड़ दिया था उसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने क्या किया था? दरअसल नीति आयोग के पूर्व अध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने दावा किया है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के द्वारा फाड़े गए ऑर्डिनेंस को लेकर कांग्रेस नेता और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह काफी नाराज थे! उस समय मनमोहन सिंह इतने नाराज थे कि उन्होंने मन बना दिया था कि अब वह इस्तीफा दे देंगे! जी हां उस समय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इस्तीफा देने के लिए तैयार हो गए थे! जब अहलूवालिया से पूछा गया कि क्या मुझे इस्तीफा दे देना चाहिए तो अहलूवालिया ने उन्हें सलाह दी नहीं उन्हें अभी इस्तीफा नहीं देना चाहिए! मनमोहन सिंह उस समय अमेरिका की यात्रा पर थे! 2013 में दागी जनप्रतिनिधियों के चुनाव लड़ने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को निष्प्रभावी करते हुए यूपीए सरकार अध्यादेश लाई थी तब राहुल गांधी ने अध्यादेश की कॉपी फाड़ कर अपनी सरकार ए-सहायक स्थिति पैदा कर दी थी! राहुल गांधी ने अध्यादेश को बकवास बताकर कहा था कि इसे फाड़ देना चाहिए और फाड़ भी दिया था! अहलूवालिया ने अपनी नई किताब ‘बैकस्टेज: द स्टोरी बिहाइंड इंडिया हाई ग्रोथ ईयर्स’ में इसका खुलासा किया! अहलूवालिया ने कहा- ‘‘मैं न्यूयॉर्क में प्रधानमंत्री के प्रतिनिधिमंडल में शामिल था। मेरे भाई संजीव (रिटा. आईएएस) ने यह बताने के लिए मुझे फोन किया कि उन्होंने एक आर्टिकल लिखा था, जिसमें प्रधानमंत्री की आलोचना की थी! उन्होंने (संजीव ने) आर्टिकल ईमेल किया था और कहा था कि मुझे इससे शर्मिंदगी नहीं होनी चाहिए! इस आर्टिकल की मीडिया में काफी चर्चा हुई थी!’’ अहलूवालिया ने तीन दशकों तक भारत के आर्थिक नीति निर्माता के रूप में काम किया! उन्होंने अपनी किताब में यूपीए सरकार की सफलताओं और विफलताओं का जिक्र किया है! अहलूवालिया ने अपनी किताब में लिखा कि मैंने सबसे पहले काम यह किया कि जो आर्टिकल लिखा था उसको लेकर प्रधानमंत्री के पास गया क्योंकि मैं चाहता था कि वह मुझसे ही पहली बार सुने! आर्टिकल को मनमोहन सिंह ने चुपचाप पड़ा और कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी! जिसके बाद उन्होंने अचानक मुझसे पूछा क्या मुझे इस्तीफा दे देना चाहिए? कुछ देर में भी सोच में पड़ा और मैंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि आपको इस्तीफा देना चाहिए! मुझे विश्वास था कि मैंने उनको सही सलाह दी है! उन्होंने यह भी लिखा कि मेरे काफी दोस्त संजीव की बात से सहमत थे! दोस्तों का मानना था कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लंबे समय से बाधाओं के बीच काम किया है जिससे उनकी प्रतिष्ठा को चोट पहुंची है! अध्यादेश फाड़ने वाले घटनाक्रम को प्रधानमंत्री पद की गरिमा कम करने के रूप में देखा गया और इस्तीफा देना उचित ठहराया, लेकिन इससे मैं सहमत नहीं था! इन दिनों मनमोहन सिंह मोदी सरकार को घेरने में लगे हैं वजह है घटती हुई जीडीपी! जीडीपी को लेकर मनमोहन सिंह मोदी सरकार पर सवाल उठाते रहते हैं लेकिन ऐसे में एक सवाल और भी उठता है कि मनमोहन सिंह के समय में जीडीपी कैसी थी और आज कैसी है? बता दे कि भारत आज दुनिया की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था है और ऐसा एक रिपोर्ट में दावा भी किया गया है कि आने वाले 3 से 4 साल में भारत दुनिया की सबसे बड़ी तीसरी अर्थव्यवस्था बन जाएगा! आज कांग्रेस पार्टी मोदी सरकार को घेरने में लगी है लेकिन उस समय कांग्रेस पार्टी के हाल क्या थे? दरअसल जुलाई 2013 में 4.8% की दर से अर्थव्यवस्था बढ़ी थी यानी जीडीपी बढ़ी थी! यह उस समय कांग्रेस के हिला थे जो कॉन्ग्रेस आज जीडीपी को लेकर ढिंढोरा पीट रही है!
 

किताब “बैकस्टेज” ने किया खुलासा, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह देना चाहते थे इस्तीफा

Book "backstage" revealed, former PM Manmohan Singh wanted to resign: देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है! जी हां डॉक्टर मनमोहन सिंह जो हमारे देश में 10 साल तक प्रधानमंत्री रहे हैं! साल 2013 में राहुल गांधी ने ऑर्डिनेंस फाड़ दिया था उसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने क्या किया था? दरअसल नीति आयोग के पूर्व अध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने दावा किया है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के द्वारा फाड़े गए ऑर्डिनेंस को लेकर कांग्रेस नेता और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह काफी नाराज थे! उस समय मनमोहन सिंह इतने नाराज थे कि उन्होंने मन बना दिया था कि अब वह इस्तीफा दे देंगे! जी हां उस समय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इस्तीफा देने के लिए तैयार हो गए थे! जब अहलूवालिया से पूछा गया कि क्या मुझे इस्तीफा दे देना चाहिए तो अहलूवालिया ने उन्हें सलाह दी नहीं उन्हें अभी इस्तीफा नहीं देना चाहिए! मनमोहन सिंह उस समय अमेरिका की यात्रा पर थे! 2013 में दागी जनप्रतिनिधियों के चुनाव लड़ने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को निष्प्रभावी करते हुए यूपीए सरकार अध्यादेश लाई थी तब राहुल गांधी ने अध्यादेश की कॉपी फाड़ कर अपनी सरकार ए-सहायक स्थिति पैदा कर दी थी! राहुल गांधी ने अध्यादेश को बकवास बताकर कहा था कि इसे फाड़ देना चाहिए और फाड़ भी दिया था! अहलूवालिया ने अपनी नई किताब ‘बैकस्टेज: द स्टोरी बिहाइंड इंडिया हाई ग्रोथ ईयर्स’ में इसका खुलासा किया! अहलूवालिया ने कहा- ‘‘मैं न्यूयॉर्क में प्रधानमंत्री के प्रतिनिधिमंडल में शामिल था। मेरे भाई संजीव (रिटा. आईएएस) ने यह बताने के लिए मुझे फोन किया कि उन्होंने एक आर्टिकल लिखा था, जिसमें प्रधानमंत्री की आलोचना की थी! उन्होंने (संजीव ने) आर्टिकल ईमेल किया था और कहा था कि मुझे इससे शर्मिंदगी नहीं होनी चाहिए! इस आर्टिकल की मीडिया में काफी चर्चा हुई थी!’’ अहलूवालिया ने तीन दशकों तक भारत के आर्थिक नीति निर्माता के रूप में काम किया! उन्होंने अपनी किताब में यूपीए सरकार की सफलताओं और विफलताओं का जिक्र किया है! अहलूवालिया ने अपनी किताब में लिखा कि मैंने सबसे पहले काम यह किया कि जो आर्टिकल लिखा था उसको लेकर प्रधानमंत्री के पास गया क्योंकि मैं चाहता था कि वह मुझसे ही पहली बार सुने! आर्टिकल को मनमोहन सिंह ने चुपचाप पड़ा और कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी! जिसके बाद उन्होंने अचानक मुझसे पूछा क्या मुझे इस्तीफा दे देना चाहिए? कुछ देर में भी सोच में पड़ा और मैंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि आपको इस्तीफा देना चाहिए! मुझे विश्वास था कि मैंने उनको सही सलाह दी है! उन्होंने यह भी लिखा कि मेरे काफी दोस्त संजीव की बात से सहमत थे! दोस्तों का मानना था कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लंबे समय से बाधाओं के बीच काम किया है जिससे उनकी प्रतिष्ठा को चोट पहुंची है! अध्यादेश फाड़ने वाले घटनाक्रम को प्रधानमंत्री पद की गरिमा कम करने के रूप में देखा गया और इस्तीफा देना उचित ठहराया, लेकिन इससे मैं सहमत नहीं था! इन दिनों मनमोहन सिंह मोदी सरकार को घेरने में लगे हैं वजह है घटती हुई जीडीपी! जीडीपी को लेकर मनमोहन सिंह मोदी सरकार पर सवाल उठाते रहते हैं लेकिन ऐसे में एक सवाल और भी उठता है कि मनमोहन सिंह के समय में जीडीपी कैसी थी और आज कैसी है? बता दे कि भारत आज दुनिया की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था है और ऐसा एक रिपोर्ट में दावा भी किया गया है कि आने वाले 3 से 4 साल में भारत दुनिया की सबसे बड़ी तीसरी अर्थव्यवस्था बन जाएगा! आज कांग्रेस पार्टी मोदी सरकार को घेरने में लगी है लेकिन उस समय कांग्रेस पार्टी के हाल क्या थे? दरअसल जुलाई 2013 में 4.8% की दर से अर्थव्यवस्था बढ़ी थी यानी जीडीपी बढ़ी थी! यह उस समय कांग्रेस के हिला थे जो कॉन्ग्रेस आज जीडीपी को लेकर ढिंढोरा पीट रही है!