इधर आप तालिबान में उलझे रह गए उधर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इतिहास बदलने जा रहे

Chief Minister Yogi Adityanath is going to change history: अफगानिस्तान जल रहा है और तालिबान की वापसी हो गई है जो कट्टरता और बर्बरता मुगलों ने दिखाई थी उसकी झलक आज अफगानिस्तान में देखने को मिल रही है. मुगलों ने भी हिंदुओं पर अत्याचार किए, मंदिरों को तोड़ा और जगहों के नाम बदले. लेकिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) इतिहास को दुरुस्त करने में लगे हैं. सीएम बनते ही योगी आदित्यनाथ ने कई शहरों को उनके पुराने नाम लौटा दिए हैं. हमेशा से योगी आदित्यनाथ इस मुद्दे को काफी जोर-शोर से उठाते रहे हैं. जगहों के नाम बदलने की एक बार फिर से अपील उठ चुकी है. फिरोजाबाद अलीगढ़ और मैनपुरी के नाम बदलने के प्रस्ताव सीएम योगी के पास भेजे गए हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में लगभग 700 से ज्यादा नाम मुगलों के नाम पर रखे गए हैं. इसमें सबसे आगे है उत्तर प्रदेश. एक लाख से ज्यादा गांव और कस्बे है यहां पर एक लाख से ज्यादा गांव और कस्बे हैं जिनमें से लगभग 396 से ऊपर के नाम मुगलों के नाम पर रखे गए हैं. अभी हाल ही में आगरा में बन रहे मुगल म्यूजियम का नाम योगी ने बदलकर शिवाजी महाराज के नाम से स्थापित होगा. उस समय मुख्यमंत्री योगी ने पूछा था कि कैसे हो सकते हैं मुगल हमारे हीरो. उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के नेतृत्व में जिलों के नाम बदलने की मांग फिर से उठने लगी है. योगी सरकार में फिरोजाबाद अलीगढ़ और मैनपुरी जिले के नाम बदलने की मांग उठी है. अब इन 3 जिलों अलीगढ़ (Aligarh), फिरोजाबाद और मैनपुरी के नाम बदलने को लेकर अटकलें तेज हो गई है. हम आपको बता दें कि फिरोजाबाद का नाम चंद्र नगर, अलीगढ़ का नाम हरी गढ़ और मैनपुरी का नाम माया नगरी करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के पास गया है. आपको बता दें कि जब कल्याण सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे तब भी अलीगढ़ का नाम बदलने का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन यह हो नहीं पाया. 2018 में इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज कर दिया गया था जिसके बाद कुंभ मेले का भव्य आयोजन किया गया था. नाम बदलने के बाद योगी आदित्यनाथ ने भरे मंच से विपक्षियों पर चुटकी लेते हुए कहा था कि,' लोग अक्सर कहते हैं नाम बदलने से क्या होगा. मैं उनसे पूछना चाहता हूं तुम्हारे मां-बाप ने नाम रावण क्यों नहीं रख दिया.' वहीं दूसरी और फैजाबाद का भी नाम बदलकर उसे उसके पुराने नाम अयोध्या को वापस दे दिया गया. इस कदम से काफी लोग खुश भी हैं तो कुछ लोग सवाल भी उठाते रहे हैं.
 

इधर आप तालिबान में उलझे रह गए उधर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इतिहास बदलने जा रहे

Chief Minister Yogi Adityanath is going to change history: अफगानिस्तान जल रहा है और तालिबान की वापसी हो गई है जो कट्टरता और बर्बरता मुगलों ने दिखाई थी उसकी झलक आज अफगानिस्तान में देखने को मिल रही है. मुगलों ने भी हिंदुओं पर अत्याचार किए, मंदिरों को तोड़ा और जगहों के नाम बदले. लेकिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ( Yogi Adityanath) इतिहास को दुरुस्त करने में लगे हैं. सीएम बनते ही योगी आदित्यनाथ ने कई शहरों को उनके पुराने नाम लौटा दिए हैं. हमेशा से योगी आदित्यनाथ इस मुद्दे को काफी जोर-शोर से उठाते रहे हैं. जगहों के नाम बदलने की एक बार फिर से अपील उठ चुकी है. फिरोजाबाद अलीगढ़ और मैनपुरी के नाम बदलने के प्रस्ताव सीएम योगी के पास भेजे गए हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में लगभग 700 से ज्यादा नाम मुगलों के नाम पर रखे गए हैं. इसमें सबसे आगे है उत्तर प्रदेश. एक लाख से ज्यादा गांव और कस्बे है यहां पर एक लाख से ज्यादा गांव और कस्बे हैं जिनमें से लगभग 396 से ऊपर के नाम मुगलों के नाम पर रखे गए हैं. अभी हाल ही में आगरा में बन रहे मुगल म्यूजियम का नाम योगी ने बदलकर शिवाजी महाराज के नाम से स्थापित होगा. उस समय मुख्यमंत्री योगी ने पूछा था कि कैसे हो सकते हैं मुगल हमारे हीरो. उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के नेतृत्व में जिलों के नाम बदलने की मांग फिर से उठने लगी है. योगी सरकार में फिरोजाबाद अलीगढ़ और मैनपुरी जिले के नाम बदलने की मांग उठी है. अब इन 3 जिलों अलीगढ़ ( Aligarh), फिरोजाबाद और मैनपुरी के नाम बदलने को लेकर अटकलें तेज हो गई है. हम आपको बता दें कि फिरोजाबाद का नाम चंद्र नगर, अलीगढ़ का नाम हरी गढ़ और मैनपुरी का नाम माया नगरी करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के पास गया है. आपको बता दें कि जब कल्याण सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे तब भी अलीगढ़ का नाम बदलने का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन यह हो नहीं पाया. 2018 में इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज कर दिया गया था जिसके बाद कुंभ मेले का भव्य आयोजन किया गया था. नाम बदलने के बाद योगी आदित्यनाथ ने भरे मंच से विपक्षियों पर चुटकी लेते हुए कहा था कि,' लोग अक्सर कहते हैं नाम बदलने से क्या होगा. मैं उनसे पूछना चाहता हूं तुम्हारे मां-बाप ने नाम रावण क्यों नहीं रख दिया.' वहीं दूसरी और फैजाबाद का भी नाम बदलकर उसे उसके पुराने नाम अयोध्या को वापस दे दिया गया. इस कदम से काफी लोग खुश भी हैं तो कुछ लोग सवाल भी उठाते रहे हैं.