चीन के विस्तार वादी नीति के खिलाफ भारत अमेरिका ने खोज ली है काट, अब बच नहीं सकेगा चीन

India America has found a cut against China: चीन के विस्तारवाद कि रणनीति को रोकने के लिए बने क्वाड (QUAD) ने शी जिनपिंग के महत्वकांक्षी प्रॉजेक्ट बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) की काट ढूंढ ली है. अगले हफ्ते वॉशिंगटन डीसी में होने वाले क्वाड शिखर सम्मेलन में इंडो-पैसिफिक में बुनियादी ढांचे के निर्माण पर बड़ा ऐलान होने की संभावना जताई जा रही है. बता दें कि, 24 सितंबर को क्वाड शिखर सम्मेलन से पहले पीएम मोदी (Modi) और बाइडन (Joe Biden) के बीच एक द्विपक्षीय बैठक भी हो सकती है. इस सम्मेलन को मोदी-बाइडन शिखर सम्मेलन का नाम दिया है. गौरतलब है कि, जो बाइडन के राष्ट्रपति बनने के बाद यह पहला मौका होगा जब दोनो नेता आमने-सामने बैठक करेंगे. हालांकि, पहले यह योजना बनाई गई थी कि भारत-अमेरिका द्विपक्षीय बैठक 23 सितंबर, क्वाड शिखर सम्मेलन 24 सितंबर और संयुक्त राष्ट्र महासभा में पीएम मोदी का संबोधन 25 सितंबर को होगा. लेकिन अब 23 सितंबर वाले प्लान को 24 सितंबर को ही प्रस्तावित किया गया है. हाल ही में, अफगानिस्तान से वापसी के बाद से ही अमेरिका अपने दूसरे सबसे बड़े दुश्मन चीन को घेरने की तैयारी शुरू कर दी है. दरअसल, अफगानिस्तान में अमेरिका की खाली जगह चीन ने ले ली है. इसका सीधा प्रभाव वर्ल्ड ऑर्डर पर देखने को मिल रहा है. पूरी दुनिया में आलोचना का सामना कर रहे जो बाइडन प्रशासन अब हर हाल में चीन को काउंटर करने की योजना पर जोर लगा रहा है. इसी कारण से कुछ ही दिन पहले अमेरिका और ब्रिटेन ने ऑस्ट्रेलिया के साथ AUKUS समझौते को अंजाम दिया था. गौरतलब है कि, इस समझौते के जरिए अमेरिका अपनी परमाणु पनडुब्बियों की तकनीक ऑस्ट्रेलिया को देगा.अमेरिका ने अभी तक ऐसा समझौता केवल ब्रिटेन के साथ ही किया हुआ है. ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मंत्री ने भी पुष्टि करते हुए कहा है कि उनका देश परमाणु शक्ति से संचालित होने वाली ऐसी आठ पनडुब्बियों का निर्माण करेगा. वही, अगर चीन की परमाणु पनडुब्बियों से इसकी तुलना की जाए तो अमेरिका की पनडुब्बियां कई गुना अधिक फायर पावर से लैस हैं. जानकारी के मुताबिक, मार्च में क्वाड की वर्चुअल समिट में चारों देशों ने अपना ध्यान वैक्सीनेश, महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों और जलवायु परिवर्तन पर केंद्रित किया था. अधिकारियों का कहना है कि भारत की कंपनी जैविक ई 2022 की शुरुआत से इंडो पैसिफिक देशों के लिए जॉनसन एंड जॉनसन की सिंगल-शॉट वैक्सीन का उत्पादन शुरू करने के रास्ते पर बढ़ रहा है. बता दें कि, क्वाड के इंफ्रास्ट्रक्टचर इनिशिएटिव का प्रमुख लक्ष्य चीन के बीआरआई को उसके पैसों को लेकर मात देना है. क्वाड के जरिए इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करने का प्लान चीन के बीआरआई के सिद्धांतों से बिलकुल अलग है. शुक्रवार को एससीओ शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने भी कहा था कि सभी कनेक्टिविटी इनिशिएटिव परामर्शी, पारदर्शी और सभी देशों की क्षेत्रीय अखंडता के लिए उचित सम्मान के साथ लागू होनी चाहिए.
 

चीन के विस्तार वादी नीति के खिलाफ भारत अमेरिका ने खोज ली है काट, अब बच नहीं सकेगा चीन

India America has found a cut against China: चीन के विस्तारवाद कि रणनीति को रोकने के लिए बने क्वाड ( QUAD) ने शी जिनपिंग के महत्वकांक्षी प्रॉजेक्ट बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव ( BRI) की काट ढूंढ ली है. अगले हफ्ते वॉशिंगटन डीसी में होने वाले क्वाड शिखर सम्मेलन में इंडो-पैसिफिक में बुनियादी ढांचे के निर्माण पर बड़ा ऐलान होने की संभावना जताई जा रही है. बता दें कि, 24 सितंबर को क्वाड शिखर सम्मेलन से पहले पीएम मोदी ( Modi) और बाइडन ( Joe Biden) के बीच एक द्विपक्षीय बैठक भी हो सकती है. इस सम्मेलन को मोदी-बाइडन शिखर सम्मेलन का नाम दिया है. गौरतलब है कि, जो बाइडन के राष्ट्रपति बनने के बाद यह पहला मौका होगा जब दोनो नेता आमने-सामने बैठक करेंगे. हालांकि, पहले यह योजना बनाई गई थी कि भारत-अमेरिका द्विपक्षीय बैठक 23 सितंबर, क्वाड शिखर सम्मेलन 24 सितंबर और संयुक्त राष्ट्र महासभा में पीएम मोदी का संबोधन 25 सितंबर को होगा. लेकिन अब 23 सितंबर वाले प्लान को 24 सितंबर को ही प्रस्तावित किया गया है. हाल ही में, अफगानिस्तान से वापसी के बाद से ही अमेरिका अपने दूसरे सबसे बड़े दुश्मन चीन को घेरने की तैयारी शुरू कर दी है. दरअसल, अफगानिस्तान में अमेरिका की खाली जगह चीन ने ले ली है. इसका सीधा प्रभाव वर्ल्ड ऑर्डर पर देखने को मिल रहा है. पूरी दुनिया में आलोचना का सामना कर रहे जो बाइडन प्रशासन अब हर हाल में चीन को काउंटर करने की योजना पर जोर लगा रहा है. इसी कारण से कुछ ही दिन पहले अमेरिका और ब्रिटेन ने ऑस्ट्रेलिया के साथ AUKUS समझौते को अंजाम दिया था. गौरतलब है कि, इस समझौते के जरिए अमेरिका अपनी परमाणु पनडुब्बियों की तकनीक ऑस्ट्रेलिया को देगा.अमेरिका ने अभी तक ऐसा समझौता केवल ब्रिटेन के साथ ही किया हुआ है. ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मंत्री ने भी पुष्टि करते हुए कहा है कि उनका देश परमाणु शक्ति से संचालित होने वाली ऐसी आठ पनडुब्बियों का निर्माण करेगा. वही, अगर चीन की परमाणु पनडुब्बियों से इसकी तुलना की जाए तो अमेरिका की पनडुब्बियां कई गुना अधिक फायर पावर से लैस हैं. जानकारी के मुताबिक, मार्च में क्वाड की वर्चुअल समिट में चारों देशों ने अपना ध्यान वैक्सीनेश, महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों और जलवायु परिवर्तन पर केंद्रित किया था. अधिकारियों का कहना है कि भारत की कंपनी जैविक ई 2022 की शुरुआत से इंडो पैसिफिक देशों के लिए जॉनसन एंड जॉनसन की सिंगल-शॉट वैक्सीन का उत्पादन शुरू करने के रास्ते पर बढ़ रहा है. बता दें कि, क्वाड के इंफ्रास्ट्रक्टचर इनिशिएटिव का प्रमुख लक्ष्य चीन के बीआरआई को उसके पैसों को लेकर मात देना है. क्वाड के जरिए इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करने का प्लान चीन के बीआरआई के सिद्धांतों से बिलकुल अलग है. शुक्रवार को एससीओ शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने भी कहा था कि सभी कनेक्टिविटी इनिशिएटिव परामर्शी, पारदर्शी और सभी देशों की क्षेत्रीय अखंडता के लिए उचित सम्मान के साथ लागू होनी चाहिए.