जब जावेद अख्तर ने अटल बिहारी वाजपेई से RSS को लेकर पूछा था सवाल, तो अटल जी ने कुछ ऐसे दिया जवाब

Javed Akhtar Atal Vihari Vajpai: जब दो बड़े दिग्गज आमने-सामने होते हैं तो क्या होता है? इसका एक नजारा हम आज आपको दिखाने जा रहे हैं जब बॉलीवुड के जाने-माने गीतकार जावेद अख्तर में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई से सवाल किया था तो वाजपेई ने क्या जवाब दिया था? वही आपको बता दें कि जावेद अख्तर हमेशा हर एक मुद्दे पर मुखर होकर अपनी बातों को लगते ही रहते हैं ऐसा ही एक मौका उस समय आया था जब उनका सामना पूर्व प्रधानमंत्री से हुआ था! ऐसे में जावेद अख्तर ने दिवंगत राजनेता अटल बिहारी वाजपेई से सेकुलरिज्म से लेकर इसके द्वारा संचालित के शिशु मंदिरों तक सवाल पूछ डाले थे! इंटरव्यू के दौरान जावेद अख्तर में अटल बिहारी वाजपेई से सवाल पूछते हुए कहा था कि जिस तरीके से आप मदरसे की शिक्षा पर प्रश्न चिन्ह लगाया करते हैं क्या आप उसी तरीके से राष्ट्रीय स्वयं संघ के द्वारा बनाए गए शिशु मंदिर में बच्चों को दी जाने वाली सांप्रदायिक शिक्षा को समाप्त करके एक समान शिक्षा की पद्धति लागू करेंगे? जावेद अख्तर ने इंटरव्यू के अंदर यह भी कहा था कि चाहे फिल्म उधर से हो या फिर शिशु मंदिर वहां बच्चों की घुट्टी में जहर भरा जाता है उनको सांप्रदायिक शिक्षा दी जाती है ऐसे में क्या आप भारत की एकता अखंडता शांति और भाईचारे के खिलाफ जो शिक्षा पद्धति चल रही है उसे दूर करके एक समान हो अच्छी शिक्षा की पॉलिसी बनाएंगे? तो ऐसे में बॉलीवुड के गीतकार जावेद अख्तर ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई से सवाल किए थे उसके जवाब में अटल बिहारी वाजपेई का कहना था कि पहले जो आपने शिशु मंदिर का हवाला दिया है तो इस पर मुझे लगता है कि आपने शायद उसको करीब से देखा ही नहीं है शिशु मंदिर के अंदर सांप्रदायिक भेदभाव जैसी कोई भी चीज नहीं है क्योंकि मैं खुद से जुड़ा रहा हूं! हां शिशु मंदिर के अंदर देशभक्ति जरूर दी जाती है और हम भारत से प्यार करें इससे तो किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए! वहीं पूर्व प्रधानमंत्री ने आगे कहा था कि अगर किताबों के अंदर कुछ ऐसी चीजें छप रही है या पढ़ाई में कुछ ऐसी चीजें शामिल हो गई है जो भाईचारे के अंदर रुकावट हो या इतिहास को गलत तरीके से फल पारित करती हो तो उसके ऊपर हमारी सरकार विशेष ध्यान देगी! वहीं उन्होंने आगे कहा था कि पढ़ाई के जरिए जहर नहीं फैलाना चाहिए इसका मतलब यह नहीं है कि पढ़ाई ही बंद कर दी जाए क्योंकि जहर फैलना और ना फैलना पढ़ाई ही यह तय करेगी!
 

जब जावेद अख्तर ने अटल बिहारी वाजपेई से RSS को लेकर पूछा था सवाल, तो अटल जी ने कुछ ऐसे दिया जवाब

Javed Akhtar Atal Vihari Vajpai: जब दो बड़े दिग्गज आमने-सामने होते हैं तो क्या होता है? इसका एक नजारा हम आज आपको दिखाने जा रहे हैं जब बॉलीवुड के जाने-माने गीतकार जावेद अख्तर में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई से सवाल किया था तो वाजपेई ने क्या जवाब दिया था? वही आपको बता दें कि जावेद अख्तर हमेशा हर एक मुद्दे पर मुखर होकर अपनी बातों को लगते ही रहते हैं ऐसा ही एक मौका उस समय आया था जब उनका सामना पूर्व प्रधानमंत्री से हुआ था! ऐसे में जावेद अख्तर ने दिवंगत राजनेता अटल बिहारी वाजपेई से सेकुलरिज्म से लेकर इसके द्वारा संचालित के शिशु मंदिरों तक सवाल पूछ डाले थे! इंटरव्यू के दौरान जावेद अख्तर में अटल बिहारी वाजपेई से सवाल पूछते हुए कहा था कि जिस तरीके से आप मदरसे की शिक्षा पर प्रश्न चिन्ह लगाया करते हैं क्या आप उसी तरीके से राष्ट्रीय स्वयं संघ के द्वारा बनाए गए शिशु मंदिर में बच्चों को दी जाने वाली सांप्रदायिक शिक्षा को समाप्त करके एक समान शिक्षा की पद्धति लागू करेंगे? जावेद अख्तर ने इंटरव्यू के अंदर यह भी कहा था कि चाहे फिल्म उधर से हो या फिर शिशु मंदिर वहां बच्चों की घुट्टी में जहर भरा जाता है उनको सांप्रदायिक शिक्षा दी जाती है ऐसे में क्या आप भारत की एकता अखंडता शांति और भाईचारे के खिलाफ जो शिक्षा पद्धति चल रही है उसे दूर करके एक समान हो अच्छी शिक्षा की पॉलिसी बनाएंगे? तो ऐसे में बॉलीवुड के गीतकार जावेद अख्तर ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई से सवाल किए थे उसके जवाब में अटल बिहारी वाजपेई का कहना था कि पहले जो आपने शिशु मंदिर का हवाला दिया है तो इस पर मुझे लगता है कि आपने शायद उसको करीब से देखा ही नहीं है शिशु मंदिर के अंदर सांप्रदायिक भेदभाव जैसी कोई भी चीज नहीं है क्योंकि मैं खुद से जुड़ा रहा हूं! हां शिशु मंदिर के अंदर देशभक्ति जरूर दी जाती है और हम भारत से प्यार करें इससे तो किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए! वहीं पूर्व प्रधानमंत्री ने आगे कहा था कि अगर किताबों के अंदर कुछ ऐसी चीजें छप रही है या पढ़ाई में कुछ ऐसी चीजें शामिल हो गई है जो भाईचारे के अंदर रुकावट हो या इतिहास को गलत तरीके से फल पारित करती हो तो उसके ऊपर हमारी सरकार विशेष ध्यान देगी! वहीं उन्होंने आगे कहा था कि पढ़ाई के जरिए जहर नहीं फैलाना चाहिए इसका मतलब यह नहीं है कि पढ़ाई ही बंद कर दी जाए क्योंकि जहर फैलना और ना फैलना पढ़ाई ही यह तय करेगी!