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आज भी यहां भगवान भोलेनाथ माता सती को लेकर खड़े है, जानिए इस अद्भुत मंदिर के बारे में

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दिल्ली, इंडियावायरलस: देवों के देव महादेव, जिनको हिन्दू धर्म में सभी देवी-देवताओ में सबसे पहले माना जाता है! भोलेनाथ के लिए कहा जाता है कि भोले शंकर अधिक क्रोध में रहने वाले देवता है! लेकिन आज हम आपको बताने जा रहे है महादेव के सबसे दिलचस्प मंदिर के बारे में! जो महादेव की अर्धांगनी माता सती के पिता के नाम कर है!

जी हां, माता सती जिनके बारे में आपने पढ़ा और सुना होगा! माता सती प्रजापति दक्ष की पुत्री थी! प्रजापति दक्ष भगवान ब्रहमा के पुत्र थे! प्रजापति दक्ष चाहते थे कि उनकी पुत्री का विवाह भगवान विष्णु के साथ हो! लेकिन नियति को कौन बदल पाया है! भगवान शिव और माता सती का मिलान तो निश्चित था!

जिसके चलते माता सती ने भगवान शिव शंकर से विवाह कर लिया! जो बात प्रजापति को पसंद नहीं थी! प्रजापति इसे अपनी बेइज्जती समझ रहे थे!

जब एक बार प्रजापति ने महायग करवाया तो सभी देवी-देवताओ को आमंत्रित किया! परन्तु भगवान भोलेनाथ को नहीं! यह बात सती माता को अच्छी नहीं लगी और वे भगवान भोलेनाथ के मना करने के बावजूद उस महायग में पहुंच गयी! जहा माता सती का और भोलेनाथ का अनादर हुआ!

सती माता भोलेनाथ के अनादर का कारण खुद को समझ कर उन्होंने देह त्याग दिया! जिसके बाद भोले नाथ का क्रोध अपनी चरम सीमा पर आ गया और उन्होंने प्रजापति के सर को काट दिया!

तब प्रजापति ने जब भोलेनाथ का विकराल रूप देखा तो आखिरी समय में उन्होंने भोलेनाथ से क्षमा मांगी! वह उपस्तिथ तमाम देवी देवताओ ने भोलेनाथ से प्रजापति को क्षमा करने के लिए आग्रह किया! सभी देवी-देवता के अनुरोध करने पर भगवान भोलेनाथ ने प्रजापति को क्षमा कर उन्हें नई ज़िंदगी प्रदान की!

प्रजापति के सर की जगह बकरे का सर लगा दिया! तब भगवान् भोलेनाथ ने कहा था कि हर साल सावन के महीने में क्षद्धालु कनखल आएंगे और मेरी आराधना करेंगे!

जिसके चलते कनखल में यग कुंड के स्थान भगवान् शिव का दक्षिणेश्वर मंदिर बनवाया गया! दक्षेश्वर महादेव मंदिर के पास गंगा के किनारे ‘दक्षा घाट‘ है जहां शिवभक्त गंगा में स्नान कर भगवान शिव के दर्शन करते हैं!

राजा दक्ष के यज्ञ का विवरण वायु पुराण में दिया गया है! बता दे इस मंदिर का निर्माण रानी दनकौर द्वारा 1810 ई में करवाया गया था! बाद में 1962 में इस मंदिर पूर्ण निर्माण किया गया था! इस मंदिर में आज भी भगवान भोलेनाथ माता सती को लेकर खड़े है!

कनखल के बारे कुछ जरूरी बाते

कनखल हरिद्वार ने स्थित है! जिसे इंडस्ट्रियल एरिया भी कहा जाता है! कनखल में बहुत सी बड़ी बड़ी फैक्ट्री भी है! हीरो हौंडा से लेकर स्विच बनाने तक की सभी फैक्ट्री मौजूद है! आपको हरिद्वार के कनखल की सड़के और एरिया देखने में भी बड़ा आनंद मिलेगा क्योकि साफ़ सुथरा एरिया है!

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