जेडीएस की नैया पर सवार होकर कांग्रेस पहुंचेगी सत्ता के किनारे तक..

karnataka election result 2018: कर्नाटक विधानसभा चुनावों के नतीजों और रूझानों से साफ है कि किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिल पाया है। बीजेपी भले ही सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी, लेकिन सत्ता के सिंहासन के लिए जिस जादुई आंकड़े की जरूरत थी उसके बेहद करीब पहुंचकर भी वो नहीं मिल सका। कांग्रेस और जेडीएस को भी स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। लेकिन कांग्रेस ने गठजोड़ की राजनीति का रास्ता अपनाया है। मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक कांग्रेस ने जेडीएस को समर्थन देते हुए मुख्यमंत्री पद की पेशकश की है. karnataka election result 2018 मायावती ने की देवगौड़ा से फोन पर बात तेजी से बदलते घटनाक्रम में राजनीतिक हलचल तेज हो गई हैं। जेडी(एस) के प्रदेश अध्यक्ष एचडी कुमारस्वामी अपने पिता एचडी देवगौड़ा से मिल रहे हैं। उधर बसपा प्रमुख मायावती ने भी देवगौड़ा से फोन पर बातचीत की है। गौरतलब है कि कर्नाटक विधानसभा चुनावों में बसपा ने जेडी(एस) को समर्थन दिया था। जेडीएस ने कांग्रेस के फॉर्मूले को मान लिया कांग्रेस के फॉर्मूले के मुताबिक कुमारस्वामी मुख्यमंत्री होंगे। वहीं दो मुख्यमंत्री कांग्रेस के होंगे। जेडीएस ने कांग्रेस के फॉर्मूले को मान लिया है और उनका समर्थन स्वीकार कर लिया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि आज शाम तक राज्यपाल से मिल सकते हैं। चर्चा ये भी है कि 18 मई को कुमारस्वामी मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। बसपा के साथ चुनावी गठबंधन माना जा रहा है कि जेडीएस को कांग्रेस के करीब लाने में जेडीएस के महासचिव कुंवर दानिश अली ने अहम भूमिका निभाई है। दानिश देवगौड़ा के नजदीक लोगों में शुमार हैं और बसपा के साथ चुनावी गठबंधन उन्हीं की वजह से बन पाया। वे चुनाव से पहले गुलाम नबी आजाद समेत शीर्ष कांग्रेस नेताओं के संपर्क में थे। उन्होंने देवेगौड़ा और कुमारस्वामी को कांग्रेस के साथ हाथ मिलाने के लिए राजी किया. और पढ़े: Congress लालटेन लेकर विकास की चिड़िया ढूंढ रही है, आया चौंका देने वाला सच ! Follow @Indiavirals ? ------
 

जेडीएस की नैया पर सवार होकर कांग्रेस पहुंचेगी सत्ता के किनारे तक..

karnataka election result 2018: कर्नाटक विधानसभा चुनावों के नतीजों और रूझानों से साफ है कि किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिल पाया है। बीजेपी भले ही सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी, लेकिन सत्ता के सिंहासन के लिए जिस जादुई आंकड़े की जरूरत थी उसके बेहद करीब पहुंचकर भी वो नहीं मिल सका। कांग्रेस और जेडीएस को भी स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। लेकिन कांग्रेस ने गठजोड़ की राजनीति का रास्ता अपनाया है। मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक कांग्रेस ने जेडीएस को समर्थन देते हुए मुख्यमंत्री पद की पेशकश की है. जेडीएस की नैया पर सवार होकर कांग्रेस पहुंचेगी सत्ता के किनारे तक..

karnataka election result 2018

मायावती ने की देवगौड़ा से फोन पर बात

तेजी से बदलते घटनाक्रम में राजनीतिक हलचल तेज हो गई हैं। जेडी(एस) के प्रदेश अध्यक्ष एचडी कुमारस्वामी अपने पिता एचडी देवगौड़ा से मिल रहे हैं। उधर बसपा प्रमुख मायावती ने भी देवगौड़ा से फोन पर बातचीत की है। गौरतलब है कि कर्नाटक विधानसभा चुनावों में बसपा ने जेडी(एस) को समर्थन दिया था।

जेडीएस ने कांग्रेस के फॉर्मूले को मान लिया

कांग्रेस के फॉर्मूले के मुताबिक कुमारस्वामी मुख्यमंत्री होंगे। वहीं दो मुख्यमंत्री कांग्रेस के होंगे। जेडीएस ने कांग्रेस के फॉर्मूले को मान लिया है और उनका समर्थन स्वीकार कर लिया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि आज शाम तक राज्यपाल से मिल सकते हैं। चर्चा ये भी है कि 18 मई को कुमारस्वामी मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।

बसपा के साथ चुनावी गठबंधन

माना जा रहा है कि जेडीएस को कांग्रेस के करीब लाने में जेडीएस के महासचिव कुंवर दानिश अली ने अहम भूमिका निभाई है। दानिश देवगौड़ा के नजदीक लोगों में शुमार हैं और बसपा के साथ चुनावी गठबंधन उन्हीं की वजह से बन पाया। वे चुनाव से पहले गुलाम नबी आजाद समेत शीर्ष कांग्रेस नेताओं के संपर्क में थे। उन्होंने देवेगौड़ा और कुमारस्वामी को कांग्रेस के साथ हाथ मिलाने के लिए राजी किया. और पढ़े: Congress लालटेन लेकर विकास की चिड़िया ढूंढ रही है, आया चौंका देने वाला सच !

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