यूपी दौरे पर ओवैसी: मोहन भागवत के डीएनए वाले बयान पर किया पलटवार, साथ ही अतीक अहमद की पत्नी एआईएमआईएम में शामिल

Mohan Bhagwat retaliated on DNA statement: उत्तर प्रदेश दौरे पर आए ओवौसी (Owaisi) के तीन दिवसीय दौरे के पहले दिन अयोध्या में ही बाहुबली व पूर्व सांसद अतीक अहमद का परिवार एआईएमआईएम में शामिल हो गया. इस दौरान अतीक अहमद की पत्नी ने ओवैसी के सामने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की. अतीक की पत्नी शाइस्ता प्रवीन ने कहा कि ओवैसी दलित, मुसलमान के बीच के काम करते हैं. इस दौरान ओवैसी ने अपने बयान में कहा कि हम यह चाहते हैं कि उत्तर प्रदेश में हर समाज हर बिरादरी के लोग हैं. उसी तरह प्रदेश में मुस्लिम का भी नाम हो. आगे उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर दंगे के दौरान 50000 लोग बेघर हुए उस समय समाजवादी पार्टी के मुस्लिम नेताओं को उनकी याद क्यों नहीं आई. भाजपा को हराना हमारा पहला मकसद: ओवैसी उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि सरकार बताए क्या तालिबान आतंकी संगठन है या नहीं. अफगानिस्तान में जो हुआ वो भारत के लिए ठीक नहीं है. अपने भाषण में ओवैसी ने स्पष्ट कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा को हराना ही हमारा लक्ष्य है. यूपी में अब हमारा संगठन काफी मजबूत है. अब हालात पहले से बदल गए हैं. वहीं, हिंदुओं को टिकट देने के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि कि हम उन्हें टिकट क्यों नहीं देंगे वो भी हमारे भाई हैं. किया मोहन भागवत के बयान पर पलटवार संघ प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) द्वारा दिए गए बयान पर भी असदुद्दीन ओवैसी ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि,'हमारा डीएनए टेस्ट करवा लें, हम तैयार हैं. लेकिन आप सभी को भी कराना होगा. ये भी नौबत अब आ गई है. ये लोग भारत के संविधान को नहीं मानेंगे, लेकिन डीएनए टेस्ट करवाएंगे. आरएसएस वाले इतिहास में कमजोर होते हैं.' अपने पोस्टरों पर अयोध्या को लिखा 'फैजाबाद' बता दें कि ओवैसी का आज अयोध्या जिले में आने का कार्यक्रम पहले से तय था, लेकिन इस दौरे को लेकर लगाए गए एआईएमआईएम के पोस्टरों में जिले का नाम अयोध्या की जगह फैजाबाद लिखा गया है. संतों ने इस पर भी गंभीर आपत्ति जताई है. गौरतलब है कि हनुमानगढ़ी के पुजारी राजूदास ने ओवैसी के पोस्टर पर सवाल उठाया. कहा कि फैजाबाद का नाम सरकारी अभिलेख में अयोध्या हो गया है तो पोस्टर पर फैजाबाद का नाम क्यों दिखाया जा रहा है. यदि अयोध्या नाम से ओवैसी को इतनी चिढ़ है तो यहां आने की क्या जरूरत। इस विचारधारा की संत समाज निंदा करता है.
 

यूपी दौरे पर ओवैसी: मोहन भागवत के डीएनए वाले बयान पर किया पलटवार, साथ ही अतीक अहमद की पत्नी एआईएमआईएम में शामिल

Mohan Bhagwat retaliated on DNA statement: उत्तर प्रदेश दौरे पर आए ओवौसी ( Owaisi) के तीन दिवसीय दौरे के पहले दिन अयोध्या में ही बाहुबली व पूर्व सांसद अतीक अहमद का परिवार एआईएमआईएम में शामिल हो गया. इस दौरान अतीक अहमद की पत्नी ने ओवैसी के सामने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की. अतीक की पत्नी शाइस्ता प्रवीन ने कहा कि ओवैसी दलित, मुसलमान के बीच के काम करते हैं. इस दौरान ओवैसी ने अपने बयान में कहा कि हम यह चाहते हैं कि उत्तर प्रदेश में हर समाज हर बिरादरी के लोग हैं. उसी तरह प्रदेश में मुस्लिम का भी नाम हो. आगे उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर दंगे के दौरान 50000 लोग बेघर हुए उस समय समाजवादी पार्टी के मुस्लिम नेताओं को उनकी याद क्यों नहीं आई.

भाजपा को हराना हमारा पहला मकसद: ओवैसी

उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि सरकार बताए क्या तालिबान आतंकी संगठन है या नहीं. अफगानिस्तान में जो हुआ वो भारत के लिए ठीक नहीं है. अपने भाषण में ओवैसी ने स्पष्ट कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा को हराना ही हमारा लक्ष्य है. यूपी में अब हमारा संगठन काफी मजबूत है. अब हालात पहले से बदल गए हैं. वहीं, हिंदुओं को टिकट देने के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि कि हम उन्हें टिकट क्यों नहीं देंगे वो भी हमारे भाई हैं.

किया मोहन भागवत के बयान पर पलटवार

संघ प्रमुख मोहन भागवत ( Mohan Bhagwat) द्वारा दिए गए बयान पर भी असदुद्दीन ओवैसी ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि,'हमारा डीएनए टेस्ट करवा लें, हम तैयार हैं. लेकिन आप सभी को भी कराना होगा. ये भी नौबत अब आ गई है. ये लोग भारत के संविधान को नहीं मानेंगे, लेकिन डीएनए टेस्ट करवाएंगे. आरएसएस वाले इतिहास में कमजोर होते हैं.'

अपने पोस्टरों पर अयोध्या को लिखा 'फैजाबाद'

बता दें कि ओवैसी का आज अयोध्या जिले में आने का कार्यक्रम पहले से तय था, लेकिन इस दौरे को लेकर लगाए गए एआईएमआईएम  के पोस्टरों में जिले का नाम अयोध्या की जगह फैजाबाद लिखा गया है. संतों ने इस पर भी गंभीर आपत्ति जताई है. गौरतलब है कि हनुमानगढ़ी के पुजारी राजूदास ने ओवैसी के पोस्टर पर सवाल उठाया. कहा कि फैजाबाद का नाम सरकारी अभिलेख में अयोध्या हो गया है तो पोस्टर पर फैजाबाद का नाम क्यों दिखाया जा रहा है. यदि अयोध्या नाम से ओवैसी को इतनी चिढ़ है तो यहां आने की क्या जरूरत। इस विचारधारा की संत समाज निंदा करता है.