उत्तर प्रदेश के मुसलमानों को एक झटके में अखिलेश से छीन लिया ओवैसी ने

क्याविधानसभा चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी (Owaisi) की पार्टी एक सौ सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है. ओवैसी की पार्टी का गठबंधन केवल ओम प्रकाश राजभर (Omprakash Rajbhar) की पार्टी (भारतीय समाज पार्टी) के साथ है. ओवैसी के इस ऐलान से सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को बहुत जोर का झटका लगा है क्योंकि अखिलेश यादव राजभर के साथ गठबंधन की तैयारी कर रहे थे ताकि दलित समाज का समर्थन मिल सके. असदुद्दीन ओवैसी और राजभर के गठबंधन ने अखिलेश यादव की नींद उड़ा दी है. बिहार विधानसभा चुनाव में ओवैसी की पार्टी की निर्णायक जीत के वजह से उत्तर प्रदेश में उसके जीत को एक महत्वपूर्ण नजरिए से देखा जा रहा है. वहीं उन्होंने अब यह साफ कर दिया है कि वह उत्तर प्रदेश में 100 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे. वही उनका साथ ओमप्रकाश राजभर देंगे. दिलचस्प बात यह है कि ओवैसी के इस ऐलान ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) को दोहरा झटका दे दिया है. उत्तर प्रदेश में सियासी बिसात बिछाने लगी है. गौरतलब है कि पहले यह अनुमान लगाई जा रही थी कि ओवैसी की पार्टी का गठबंधन बसपा के साथ होगा मगर मायावती (Mayawati) ने ने यह साफ कर दिया है कि वह उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के चुनाव में अकेले चुनाव लड़ेंगी. गौरतलब है कि ओवैसी ने अपने इस फैसले की ट्विटर पर जानकारी देते हुए बताया कि 'पार्टी के लिए उम्मीदवारों के आवेदन और चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.' वही गठबंधन पर बताते हुए उन्होंने कहा कि राजभर की पार्टी के साथ उनकी किसी भी और दूसरे पार्टी के साथ कोई गठबंधन नहीं है. ओवैसी और राजभर के गठबंधन को भारतीय संकल्प मोर्चा नाम दिया गया है. ध्यान देने वाली बात यह है कि उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में ओमप्रकाश राजभर को दलित समाज में एक जाना माना चेहरा माना जाता है. राजभर के ओवैसी के साथ ही इस गठबंधन से अखिलेश यादव के हाथों से दलित समाज का वोट निकल चुका है. वहीं दूसरी ओर राजभर ने ओवैसी का साथ देते हुए कहा कि वह ओवैसी को 100 क्या 125 सीट दे देंगे अगर ओवैसी ने मजबूत कैंडिडेट खड़ा किए तो.
 

उत्तर प्रदेश के मुसलमानों को एक झटके में अखिलेश से छीन लिया ओवैसी ने

क्याविधानसभा चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी (Owaisi) की पार्टी एक सौ सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है. ओवैसी की पार्टी का गठबंधन केवल ओम प्रकाश राजभर (Omprakash Rajbhar) की पार्टी (भारतीय समाज पार्टी) के साथ है. ओवैसी के इस ऐलान से सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को बहुत जोर का झटका लगा है क्योंकि अखिलेश यादव राजभर के साथ गठबंधन की तैयारी कर रहे थे ताकि दलित समाज का समर्थन मिल सके. असदुद्दीन ओवैसी और राजभर के गठबंधन ने अखिलेश यादव की नींद उड़ा दी है. बिहार विधानसभा चुनाव में ओवैसी की पार्टी की निर्णायक जीत के वजह से उत्तर प्रदेश में उसके जीत को एक महत्वपूर्ण नजरिए से देखा जा रहा है. वहीं उन्होंने अब यह साफ कर दिया है कि वह उत्तर प्रदेश में 100 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे. वही उनका साथ ओमप्रकाश राजभर देंगे. दिलचस्प बात यह है कि ओवैसी के इस ऐलान ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) को दोहरा झटका दे दिया है. उत्तर प्रदेश में सियासी बिसात बिछाने लगी है. गौरतलब है कि पहले यह अनुमान लगाई जा रही थी कि ओवैसी की पार्टी का गठबंधन बसपा के साथ होगा मगर मायावती (Mayawati) ने ने यह साफ कर दिया है कि वह उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के चुनाव में अकेले चुनाव लड़ेंगी. गौरतलब है कि ओवैसी ने अपने इस फैसले की ट्विटर पर जानकारी देते हुए बताया कि 'पार्टी के लिए उम्मीदवारों के आवेदन और चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.' वही गठबंधन पर बताते हुए उन्होंने कहा कि राजभर की पार्टी के साथ उनकी किसी भी और दूसरे पार्टी के साथ कोई गठबंधन नहीं है. ओवैसी और राजभर के गठबंधन को भारतीय संकल्प मोर्चा नाम दिया गया है. ध्यान देने वाली बात यह है कि उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में ओमप्रकाश राजभर को दलित समाज में एक जाना माना चेहरा माना जाता है. राजभर के ओवैसी के साथ ही इस गठबंधन से अखिलेश यादव के हाथों से दलित समाज का वोट निकल चुका है. वहीं दूसरी ओर राजभर ने ओवैसी का साथ देते हुए कहा कि वह ओवैसी को 100 क्या 125 सीट दे देंगे अगर ओवैसी ने मजबूत कैंडिडेट खड़ा किए तो.