वोट के लिए ओवैसी का राम मंदिर पर चोट, दी योगी को खुली चुनौती, पोस्टर में अयोध्या का नाम लिखा फैजाबाद

Owaisi's attack on Ram temple for vote: उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाले विधान सभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी सियासी जमीन तलाशनी शुरू कर दी है और यहां की मिट्टी पर सियासी महाभारत शुरू हो चुका है. इस कड़ी में AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) आज अयोध्या से अपने तीन दिवसीय यूपी दौरे की शुरुआत करने वाले हैं. बता दें कि इसके बाद 8 सितंबर को असदुद्दीन ओवैसी का सुल्तानपुर में कार्यक्रम है. फिर दौरे के आखिरी दिन यानी 9 सितंबर को ओवैसी बाराबंकी जाएंगे. रिपोर्ट के मुताबिक, असदुद्दीन ओवैसी के दौरे के पहले ही दिन उनका विरोध शुरू हो गया है. वजह अयोध्या को फैजाबाद बताना है, जिसका पोस्टर कई दिन पहले आया था. संत समाज और पूर्व मुस्लिम पक्षकार ने ओवैसी के दौरे पर रोक लगाने की मांग की है. विवाद बढ़ा तो पोस्टर हटाने की बात कही गई, लेकिन अब भी AIMIM के ट्विटर हैंडल पर वही पोस्टर ट्वीट किया गया है, जिसमें अयोध्या को फैजाबाद लिखा गया है. ओवैसी के दौरे का कार्यक्रम बता दें कि AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) आज (7 सितंबर) अयोध्या से अपने तीन दिवसीय दौरे की शुरुआत करेंगे. ओवैसी आज अयोध्या के रूदौली कस्बे में वंचित शोषित सम्मेलन को संबोधित करेंगे. इसके बाद असदुद्दीन ओवैसी 8 सितंबर को सुल्तानपुर जाएंगे. यूपी दौरे के आखिरी दिन यानी 9 सितंबर को ओवैसी बाराबंकी जाएंगे. परमहंस आचार्य ने जिन्ना से की ओवैसी की तुलना गौरतलब है कि हाल ही में तपस्वी छावनी के महंत जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने ओवैसी को लेकर बड़ा बयान दिया है. तपस्वी छावनी के महंत परमहंस आचार्य ने कहा कि ओवैसी हमेशा नफरत भरा बयान देते हैं. वह देश के संविधान और अदालत को नहीं मानते हैं. देश में नफरत की राजनीति करना चाहते हैं. इतना ही नहीं, परमहंस आचार्य ने ओवैसी की तुलना दूसरे जिन्ना के रूप में करते हुए कहा कि ओवैसी देश में दूसरा जिन्ना बनना चाहते हैं, लेकिन यह संभव नहीं है. ओवैसी ने राम मंदिर को लेकर कई बार सवाल उठाए नवंबर 2019: मुझे मेरी मस्जिद वापस चाहिए. नवंबर 2019: सुप्रीम कोर्ट सर्वोच्च है, लेकिन अचूक नहीं है. नवंबर 2019: अगर बाबरी मस्जिद नहीं गिराई जाती, तो क्या सुप्रीम कोर्ट का फैसला यही होता. अगस्त 2020: बाबरी मस्जिद थी और रहेगी. जुलाई 2020: राम मंदिर के भूमि पूजन में पीएम का शामिल होना संवैधानिक शपथ का उल्लंघन.
 

वोट के लिए ओवैसी का राम मंदिर पर चोट, दी योगी को खुली चुनौती, पोस्टर में अयोध्या का नाम लिखा फैजाबाद

Owaisi's attack on Ram temple for vote: उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाले विधान सभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी सियासी जमीन तलाशनी शुरू कर दी है और यहां की मिट्टी पर सियासी महाभारत शुरू हो चुका है. इस कड़ी में AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ( Asaduddin Owaisi) आज अयोध्या से अपने तीन दिवसीय यूपी दौरे की शुरुआत करने वाले हैं. बता दें कि इसके बाद 8 सितंबर को असदुद्दीन ओवैसी का सुल्तानपुर में कार्यक्रम है. फिर दौरे के आखिरी दिन यानी 9 सितंबर को ओवैसी बाराबंकी जाएंगे. रिपोर्ट के मुताबिक, असदुद्दीन ओवैसी के दौरे के पहले ही दिन उनका विरोध शुरू हो गया है. वजह अयोध्या को फैजाबाद बताना है, जिसका पोस्टर कई दिन पहले आया था. संत समाज और पूर्व मुस्लिम पक्षकार ने ओवैसी के दौरे पर रोक लगाने की मांग की है. विवाद बढ़ा तो पोस्टर हटाने की बात कही गई, लेकिन अब भी AIMIM के ट्विटर हैंडल पर वही पोस्टर ट्वीट किया गया है, जिसमें अयोध्या को फैजाबाद लिखा गया है.

ओवैसी के दौरे का कार्यक्रम

बता दें कि AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) आज (7 सितंबर) अयोध्या से अपने तीन दिवसीय दौरे की शुरुआत करेंगे. ओवैसी आज अयोध्या के रूदौली कस्बे में वंचित शोषित सम्मेलन को संबोधित करेंगे. इसके बाद असदुद्दीन ओवैसी 8 सितंबर को सुल्तानपुर जाएंगे. यूपी दौरे के आखिरी दिन यानी 9 सितंबर को ओवैसी बाराबंकी जाएंगे.

परमहंस आचार्य ने जिन्ना से की ओवैसी की तुलना

गौरतलब है कि हाल ही में तपस्वी छावनी के महंत जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने ओवैसी को लेकर बड़ा बयान दिया है. तपस्वी छावनी के महंत परमहंस आचार्य ने कहा कि ओवैसी हमेशा नफरत भरा बयान देते हैं. वह देश के संविधान और अदालत को नहीं मानते हैं. देश में नफरत की राजनीति करना चाहते हैं. इतना ही नहीं, परमहंस आचार्य ने ओवैसी की तुलना दूसरे जिन्ना के रूप में करते हुए कहा कि ओवैसी देश में दूसरा जिन्ना बनना चाहते हैं, लेकिन यह संभव नहीं है.

ओवैसी ने राम मंदिर को लेकर कई बार सवाल उठाए

नवंबर 2019: मुझे मेरी मस्जिद वापस चाहिए. नवंबर 2019: सुप्रीम कोर्ट सर्वोच्च है, लेकिन अचूक नहीं है. नवंबर 2019: अगर बाबरी मस्जिद नहीं गिराई जाती, तो क्या सुप्रीम कोर्ट का फैसला यही होता. अगस्त 2020: बाबरी मस्जिद थी और रहेगी. जुलाई 2020: राम मंदिर के भूमि पूजन में पीएम का शामिल होना संवैधानिक शपथ का उल्लंघन.