ममता को झटका, वित्त मंत्री देंगे इस्तीफा, जानिए क्या है मामला

Shock to Mamta Finance Minister will resign: प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता अमित मित्रा पश्चिम बंगाल (West Bengal) के वित्त मंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं. यहां तक कि खराब स्वास्थ्य के कारण वे सक्रिय राजनीति में भी भाग नहीं ले पा रहे हैं और वह इस से संयास ले सकते हैं. सूत्रों की माने तो तृणमूल पार्टी नए रविवार को जानकारी दी है. गौरतलब है कि मित्रा 2011 से बंगाल के वित्त मंत्री हैं, जब टीएमसी वाम मोर्चे के 34 साल लंबे शासन को खत्म करने के बाद सत्ता में आई थी. मित्रा (73) ने इस साल विधानसभा चुनाव भी नहीं लड़ा था. टीएमसी के वरिष्ठ नेता ने गोपनीयता की शर्त पर पीटीआई को बताया कि अमित दा राज्य के वित्त मंत्री के पद पर नहीं बने रहेंगे. उन्हें चार नवंबर को निर्वाचित हुए बिना इस पद पर बने हुए छह महीने पूरे हो जाएंगे. उन्होंने कुछ दिनों पहले ही पार्टी नेतृत्व को सूचित कर दिया है कि वह खराब सेहत के कारण राजनीति और प्रशासन में बने नहीं रहना चाहते हैं. इस दौरान उन्होंने आगे कहा कि,'लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamta Banergee) के जोर देने पर मित्रा ने इस साल मई में तीसरी बार पार्टी के सत्ता में लौटने के बाद राज्य के वित्त मंत्री का प्रभार संभाल लिया था.' एक अन्य टीएमसी नेता ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि,'मित्रा के इस्तीफा देने के बाद मुख्यमंत्री अगला वित्त मंत्री नियुक्त होने तक कुछ समय के लिए इस विभाग को अपने पास रखेंगी.' दो बार रहे विधायक लेकिन लेखानुदान पेश करने के दौरान मौजूद नहीं रहे ध्यान देने वाली बात यह है कि मित्रा 2011 से उत्तर 24 परगना में खारदा निर्वाचन क्षेत्र से दो बार विधायक रहे. वित्त विभाग के अलावा उन्होंने 2014 से 2021 तक उद्योग विभाग भी संभाला। खराब स्वास्थ्य के कारण मित्रा फरवरी में लेखानुदान पेश किए जाने और पिछले हफ्ते राज्य का बजट पेश किए जाने के दौरान मौजूद नहीं रहे. हालांकि, बजट उन्होंने ही तैयार किया था लेकिन उनकी तरफ से फरवरी में मुख्यमंत्री ने लेखानुदान और पिछले हफ्ते राज्य के संसदीय कार्य मंत्री पार्थ चटर्जी ने बजट पेश किया था.
 

ममता को झटका, वित्त मंत्री देंगे इस्तीफा, जानिए क्या है मामला

Shock to Mamta Finance Minister will resign: प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और तृणमूल कांग्रेस ( TMC) के वरिष्ठ नेता अमित मित्रा पश्चिम बंगाल ( West Bengal) के वित्त मंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं. यहां तक कि खराब स्वास्थ्य के कारण वे सक्रिय राजनीति में भी भाग नहीं ले पा रहे हैं और वह इस से संयास ले सकते हैं. सूत्रों की माने तो तृणमूल पार्टी नए रविवार को जानकारी दी है. गौरतलब है कि मित्रा 2011 से बंगाल के वित्त मंत्री हैं, जब टीएमसी वाम मोर्चे के 34 साल लंबे शासन को खत्म करने के बाद सत्ता में आई थी. मित्रा (73) ने इस साल विधानसभा चुनाव भी नहीं लड़ा था. टीएमसी के वरिष्ठ नेता ने गोपनीयता की शर्त पर पीटीआई को बताया कि अमित दा राज्य के वित्त मंत्री के पद पर नहीं बने रहेंगे. उन्हें चार नवंबर को निर्वाचित हुए बिना इस पद पर बने हुए छह महीने पूरे हो जाएंगे. उन्होंने कुछ दिनों पहले ही पार्टी नेतृत्व को सूचित कर दिया है कि वह खराब सेहत के कारण राजनीति और प्रशासन में बने नहीं रहना चाहते हैं. इस दौरान उन्होंने आगे कहा कि,'लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ( Mamta Banergee) के जोर देने पर मित्रा ने इस साल मई में तीसरी बार पार्टी के सत्ता में लौटने के बाद राज्य के वित्त मंत्री का प्रभार संभाल लिया था.' एक अन्य टीएमसी नेता ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि,'मित्रा के इस्तीफा देने के बाद मुख्यमंत्री अगला वित्त मंत्री नियुक्त होने तक कुछ समय के लिए इस विभाग को अपने पास रखेंगी.'

दो बार रहे विधायक लेकिन लेखानुदान पेश करने के दौरान मौजूद नहीं रहे

ध्यान देने वाली बात यह है कि मित्रा 2011 से उत्तर 24 परगना में खारदा निर्वाचन क्षेत्र से दो बार विधायक रहे. वित्त विभाग के अलावा उन्होंने 2014 से 2021 तक उद्योग विभाग भी संभाला। खराब स्वास्थ्य के कारण मित्रा फरवरी में लेखानुदान पेश किए जाने और पिछले हफ्ते राज्य का बजट पेश किए जाने के दौरान मौजूद नहीं रहे. हालांकि, बजट उन्होंने ही तैयार किया था लेकिन उनकी तरफ से फरवरी में मुख्यमंत्री ने लेखानुदान और पिछले हफ्ते राज्य के संसदीय कार्य मंत्री पार्थ चटर्जी ने बजट पेश किया था.