इको पार्क पहुंचे तेजस्वी से हो गयी बड़ी चूक, अब हो सकती है कार्यवाही

बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) एक बार फिर से विवादों के घेरे में आ गए हैं. आम जनता अक्सर इस बात को लेकर सरकार से सवाल करती है की आम इंसान और राजनेता के लिए कानून अलग अलग क्यों होते हैं. इसी सन्दर्भ में कल शिक्षक अभ्यर्थियों की मदद के लिए इको पार्क में पहुंचे थे, ECO Park में हथियार लेजाना वर्जित था लेकिन तेजस्वी यादव अपने ऑटोमैटिक हथियार लिए बॉडीगार्ड्स के साथ पार्क में घुस गए. आपको बता दें की मंगलवार को गर्दनीबाग (Gardanibagh) धरना स्थल पर कुछ शिक्षक अभ्यर्थियों को पुलिस ने खदेड़ दिया था. इसके बाद बुधवार को वह फिर धरना देने लिए गर्दनीबाग में पहुंचे और पुलिस ने उन्हें दुबारा भगा दिया. इसके बाद शिक्षक अभ्यर्थियों ने ECO Park में धरना देने का प्लान बनाया लेकिन यहां से भी खदेड़े जाने के डर से उन्होंने तेजस्वी यादव को मदद के लिए बुला लिया. दरअसल पार्क एक ऐसा पब्लिक प्लेस (Public Place) होता हैं जहाँ बच्चे, बूढ़े, जवान सभी सैर या फिर खेलने के लिए इक्कठा होते हैं. हत्यारों के साथ पार्क में जाना वो भी ऐसे मुद्दे के दौरान कितना घातक हो सकता हैं, सभी जानते हैं. आप ऐसा समझ लीजिए की मौके पर धरना दे रहे शिक्षक अभ्यर्थी अचानक हिंसक हो जाते तो पार्क में तेजस्वी यादव के बॉडीगार्ड्स क्या करते? अब यह विवाद काफी बढ़ गया है की, क्या तेजस्वी यादव को गेट पर लगा वह बोर्ड नहीं दिखा जहां लिखा था पार्क में हथियार लेकर आना वर्जित हैं? या फिर उन्हें लोगों की जान से ज्यादा अपनी जान की चिंता थी? फिलहाल ECO Park के अधिकारी इस मामले में कोई बयान नहीं दे रहे, आखिर दे भी कैसे राज्य का नेता प्रतिपक्ष (Opposition Leader) हैं और मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार भी था. इस मामले पर राजनीति गरमा चुकी हैं, ऐसे में अगर एफआईआर रजिस्टर (FIR Register) होती हैं तो फिर कानून कार्यवाही करते समय नेता प्रतिपक्ष नहीं देखेगा. हालाँकि इस कार्यवाही को राजनितिक कार्यवाही जरूर करार दिया जाएगा लेकिन सच्चाई यही हैं की, भारत में नेता खुद कानूनों की धज्जियाँ उड़ाते हुए बाज़ नहीं आते.
 

इको पार्क पहुंचे तेजस्वी से हो गयी बड़ी चूक, अब हो सकती है कार्यवाही

बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) एक बार फिर से विवादों के घेरे में आ गए हैं. आम जनता अक्सर इस बात को लेकर सरकार से सवाल करती है की आम इंसान और राजनेता के लिए कानून अलग अलग क्यों होते हैं. इसी सन्दर्भ में कल शिक्षक अभ्यर्थियों की मदद के लिए इको पार्क में पहुंचे थे, ECO Park में हथियार लेजाना वर्जित था लेकिन तेजस्वी यादव अपने ऑटोमैटिक हथियार लिए बॉडीगार्ड्स के साथ पार्क में घुस गए. इको पार्क पहुंचे तेजस्वी से हो गयी बड़ी चूक, अब हो सकती है कार्यवाही आपको बता दें की मंगलवार को गर्दनीबाग (Gardanibagh) धरना स्थल पर कुछ शिक्षक अभ्यर्थियों को पुलिस ने खदेड़ दिया था. इसके बाद बुधवार को वह फिर धरना देने लिए गर्दनीबाग में पहुंचे और पुलिस ने उन्हें दुबारा भगा दिया. इसके बाद शिक्षक अभ्यर्थियों ने ECO Park में धरना देने का प्लान बनाया लेकिन यहां से भी खदेड़े जाने के डर से उन्होंने तेजस्वी यादव को मदद के लिए बुला लिया. दरअसल पार्क एक ऐसा पब्लिक प्लेस (Public Place) होता हैं जहाँ बच्चे, बूढ़े, जवान सभी सैर या फिर खेलने के लिए इक्कठा होते हैं. हत्यारों के साथ पार्क में जाना वो भी ऐसे मुद्दे के दौरान कितना घातक हो सकता हैं, सभी जानते हैं. आप ऐसा समझ लीजिए की मौके पर धरना दे रहे शिक्षक अभ्यर्थी अचानक हिंसक हो जाते तो पार्क में तेजस्वी यादव के बॉडीगार्ड्स क्या करते? अब यह विवाद काफी बढ़ गया है की, क्या तेजस्वी यादव को गेट पर लगा वह बोर्ड नहीं दिखा जहां लिखा था पार्क में हथियार लेकर आना वर्जित हैं? या फिर उन्हें लोगों की जान से ज्यादा अपनी जान की चिंता थी? फिलहाल ECO Park के अधिकारी इस मामले में कोई बयान नहीं दे रहे, आखिर दे भी कैसे राज्य का नेता प्रतिपक्ष (Opposition Leader) हैं और मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार भी था. इको पार्क पहुंचे तेजस्वी से हो गयी बड़ी चूक, अब हो सकती है कार्यवाही इस मामले पर राजनीति गरमा चुकी हैं, ऐसे में अगर एफआईआर रजिस्टर (FIR Register) होती हैं तो फिर कानून कार्यवाही करते समय नेता प्रतिपक्ष नहीं देखेगा. हालाँकि इस कार्यवाही को राजनितिक कार्यवाही जरूर करार दिया जाएगा लेकिन सच्चाई यही हैं की, भारत में नेता खुद कानूनों की धज्जियाँ उड़ाते हुए बाज़ नहीं आते.