योगी के मुरीद हुए पाकिस्तानी, पाक मीडिया में जमकर हुई तारीफ

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Yogi are praised by Pakistani media: चीन से जो (COVID-19) वायरस आया हैं, उसने पूरी दुनिया भर में हाहाकार मचाके रखा है। इस वायरस के कुल 71 हजार से ज्यादा लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं और इसमें से 40 हजार से ज्यादा लोगो की मौ’त भी हो चुकी हैं। इस वायरस ने पाकिस्तान में भी कोहराम मचा रखा है, और यहां पर भी संसद में दो की तादाद बढ़ती जा रही हैं। COVID-19 इमरान खान पाकिस्तान में और चीन के खिलाफ रोष बढ़ता ही जा रहा हैं। लोग वायरस के लिए इमरान खान के साथ साथ चीन को भी जिम्मेदार ठहरा रही हैं। क्योकि चीन की लापरवाही के कारण ही ये वायरस चीन से आया हैं, इसलिए इसका कारण भी इमरान खान और चीन ही हैं।

इसी बिच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ही नारे लगाए जा रहे हैं। पाकिस्तान के अंदर हर जगह टीवी, अख़बार से लेकर आम पाकिस्तान तक सीएम योगी के ही नारे लगाए जा रहे हैं, और हर जगह उत्तर प्रदेश के सीएम आदित्यनाथ की चर्चाएँ हो रही हैं, क्योंकि इस महामारी की जंग में योगी के कामों को काफी पसंद किया जा रहा है। इसलिए इस महामारी की जंग में योगी सीएम की जमकर तारीफ हो रही है। द डॉन के संपादन पाकिस्तान के प्रमुख अख़बार ने प्रदेश और महाराष्ट्र की तुलना अपने देश की हालत से की और लिखा है। कि महाराष्ट्र की गलतियों से और उत्तर प्रदेशो के फेसलो से सीखना होगा।

फेहद हुसैन जो द डॉन के सम्पादक है, उन्होंने इस संक्रमण को लेकर उत्तर प्रदेश की तुलना पाकिस्तान से की और उन्होंने एक ग्राफ को शेयर किया है, और उसे शेयर करते हुए लिखा की, ‘इसे गौर से देखे क्योकि इसमें पाकिस्तान और भारत में जितने भी राज्य है, उनमे उत्तर प्रदेश की मृ’त्यु दर की तुलना कर ले जबकि इसकी जनसँख्या और साक्षरता दर लगभग समान हैं।’ गौर करने वाली बात ये है की इसमें पाकिस्तान का प्रति किलीमीटर जनसँख्या का घनत्व उत्तर प्रदेश से कम है, और जीडीपी प्रति कैपिटा अधिक भी है।

इसलिए उनका कहना हैं, कि हम लॉकडाउन का पालन अच्छे से नहीं कर रहे है, जबकि उत्तर प्रदेश में इस लॉकडाउन का पालन बहुत कड़ाई से हो रहा है और उन्होंने अपने ट्वीट में विदेशी संपादक में भारत की तुलना भी की है और साथ ही यह लिखा है, कि उत्तर प्रदेश में मृ’त्यु दर जहाँ पाकिस्तान से कम हैं, वही महाराष्ट्र में ज्यादा है, जबकि वहाँ पर युवा की आबादी और जीडीपी पर कैपिटा भी अधिक है। इसलिए हमे ये जानने की जरूरत है कि उत्तर प्रदेश में कौन-कौन से सही फैसले लिए गए है और महाराष्ट्र में कौन -कौन से गलत फैसले लिए गए है और कौन -कौन सी गलती हुई हैं।