मौत की भी क्या मौत हो जायेजी आज की दुनिया में.

Death became dead today's world somewhere. आप लोगो इस्राइल का मृत का नाम तो सुना होगा. इस्राइल का मृत सागर अब असली मौत मरने लगा है. दुनिया भर में मशहूर इस अजूबे का दक्षिणी हिस्सा पानी की कमी के कारण सिकुड़ रहा है. जगह-जगह टापू उभर आए हैं. पर्यटकों का जमावड़ा अब भी रहता है, लेकिन जलवायु परिवर्तन का असर इस खारे समुद्र पर साफ दिख रहा है. इस्राइल के रेगिस्तान में यह समुद्र वर्षों से पर्यटकों को अपनी ओर खींचता रहा है. इसके जल से बनी दवाएं और सौंदर्य प्रसाधन दुनिया भर में मशहूर हैं। इस खारे पानी को त्वचा संबंधी रोगों और अन्य बीमारियों के लिए भी रामबाण माना जाता है. Read also : दुनिया की सबसे तेज रफ्तार सुपरसोनिक मिसाइल क्या तैयार है. Death became dead today's world somewhere. यरुशलम से अलमोग जंक्शन होते हुए मृत सागर तक की यात्रा रेगिस्तान का सफर है. रास्ते में जार्डन नदी के पास वाले इलाके में ही कुछ देर तक हरियाली है. बाकी पूरा रास्ता गेरुआ रंग वाली सख्त मिट्टी-पत्थरों से बने पहाड़ों से घिरा है. कुछ स्थानों पर अब खजूर की खेती की जाने लगी है. इसके लिए पताल तोड़ कुएं के पानी का इस्तेमाल होता है. Read also : नींद दुनिया की एक सबसे बड़ी Exercise इस्राइल और जार्डन में हुए युद्ध के बाद से लगभग 48 साल से इन चर्चों में प्रार्थना नहीं होती. जार्डन नदी के जल को पवित्र माना जाता है. कई पर्यटक इस जल को बोतलों में अपने साथ ले जाते हैं. नदी छोटी है लेकिन इस मरुभूमि में इसका वजूद एक वरदान जैसा है. इस्राइल ने जार्डन नदी के पानी को अब अपने दक्षिणी हिस्से वाली आबादी के लिए उपयोग करना शुरू कर दिया है. Read also : गुड़ खाने के फायदे टॉप-5 पहले जार्डन नदी का पानी मृत सागर में जाता था और उसे नया जीवन देता था. अब इसे मृत सागर में जाने से रोक दिया गया है. इससे मीठे और खारे पानी का अद्भुत मिलन खत्म हो गया है. मृत सागर के सिकुड़ने का यह भी एक बड़ा कारण है. इस रेगिस्तान में पहले भी कम बारिश होती थी. अब जलवायु परिवर्तन के प्रभावों ने बारिश को और घटा दिया है. Read also : दुनिआ का सबसे ठंडा पठार अंटार्कटिका अत्यधिक नमक की मौजूदगी ने मृत सागर के पानी से जीवन तत्व छीन लिया है. इसमें कोई समुद्री जीवजंतु और मछलियां नहीं हैं. इस पानी का घनत्व ज्यादा है. इसलिए इसमें उतरने पर शरीर पानी के ऊपर तैरने लगता है. पर्यटन तैरते हुए अखबार पढ़ते हुए देखे जा सकते हैं. Read also : Follow @Indiavirals
 

मौत की भी क्या मौत हो जायेजी आज की दुनिया में.

Death became dead today's world somewhere. आप लोगो इस्राइल का मृत का नाम तो सुना होगा. इस्राइल का मृत सागर अब असली मौत मरने लगा है. दुनिया भर में मशहूर इस अजूबे का दक्षिणी हिस्सा पानी की कमी के कारण सिकुड़ रहा है. जगह-जगह टापू उभर आए हैं. पर्यटकों का जमावड़ा अब भी रहता है, लेकिन जलवायु परिवर्तन का असर इस खारे समुद्र पर साफ दिख रहा है. मौत की भी क्या मौत हो जायेजी आज की दुनिया में. इस्राइल के रेगिस्तान में यह समुद्र वर्षों से पर्यटकों को अपनी ओर खींचता रहा है. इसके जल से बनी दवाएं और सौंदर्य प्रसाधन दुनिया भर में मशहूर हैं। इस खारे पानी को त्वचा संबंधी रोगों और अन्य बीमारियों के लिए भी रामबाण माना जाता है. मौत की भी क्या मौत हो जायेजी आज की दुनिया में. Read also : दुनिया की सबसे तेज रफ्तार सुपरसोनिक मिसाइल क्या तैयार है.

Death became dead today's world somewhere.

यरुशलम से अलमोग जंक्शन होते हुए मृत सागर तक की यात्रा रेगिस्तान का सफर है. रास्ते में जार्डन नदी के पास वाले इलाके में ही कुछ देर तक हरियाली है. बाकी पूरा रास्ता गेरुआ रंग वाली सख्त मिट्टी-पत्थरों से बने पहाड़ों से घिरा है. कुछ स्थानों पर अब खजूर की खेती की जाने लगी है. इसके लिए पताल तोड़ कुएं के पानी का इस्तेमाल होता है. मौत की भी क्या मौत हो जायेजी आज की दुनिया में. Read also :  नींद दुनिया की एक सबसे बड़ी Exercise इस्राइल और जार्डन में हुए युद्ध के बाद से लगभग 48 साल से इन चर्चों में प्रार्थना नहीं होती. जार्डन नदी के जल को पवित्र माना जाता है. कई पर्यटक इस जल को बोतलों में अपने साथ ले जाते हैं. नदी छोटी है लेकिन इस मरुभूमि में इसका वजूद एक वरदान जैसा है. इस्राइल ने जार्डन नदी के पानी को अब अपने दक्षिणी हिस्से वाली आबादी के लिए उपयोग करना शुरू कर दिया है. मौत की भी क्या मौत हो जायेजी आज की दुनिया में. Read also : गुड़ खाने के फायदे टॉप-5 पहले जार्डन नदी का पानी मृत सागर में जाता था और उसे नया जीवन देता था. अब इसे मृत सागर में जाने से रोक दिया गया है. इससे मीठे और खारे पानी का अद्भुत मिलन खत्म हो गया है. मृत सागर के सिकुड़ने का यह भी एक बड़ा कारण है. इस रेगिस्तान में पहले भी कम बारिश होती थी. अब जलवायु परिवर्तन के प्रभावों ने बारिश को और घटा दिया है. मौत की भी क्या मौत हो जायेजी आज की दुनिया में. Read also : दुनिआ का सबसे ठंडा पठार अंटार्कटिका अत्यधिक नमक की मौजूदगी ने मृत सागर के पानी से जीवन तत्व छीन लिया है. इसमें कोई समुद्री जीवजंतु और मछलियां नहीं हैं. इस पानी का घनत्व ज्यादा है. इसलिए इसमें उतरने पर शरीर पानी के ऊपर तैरने लगता है. पर्यटन तैरते हुए अखबार पढ़ते हुए देखे जा सकते हैं. Read also :