Delhi से आधी आबादी वाला यह देश बड़ों-बड़ों को दे रहा कड़ी टक्कर

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इजरायल के नए प्रधानमंत्री नाफ्ताली बेनेट ने भारत के साथ अपने संबंध बेहतर करने की इच्छा जताई है भारत के साथ इजरायल के अच्छे राजनीतिक संबंध होने के बीच नाफ्ताली बेनेट के इस बयान के बाद यह उम्मीद और बढ़ गई है कि इजराइल में सत्ता परिवर्तन का कोई असर भारत के साथ उसके संबंधों पर नहीं पड़ेगा. इजराइल में हुए हालिया सत्ता परिवर्तन के साथ ही आबादी और आकार में भारत से अपेक्षाकृत बहुत छोटे किंतु ताकतवर देश से संबंधित बहुत से तथ्यों को जानना काफी जरूरी है.

सर्च इजराइल की यात्रा के बाद यह पता चलता है कि एक बार इस के पासवर्ड को इस यहूदी देश का ठप्पा लग जाता है उसके लिए मुस्लिम देशों की यात्रा करना काफी मुश्किल हो जाती है. अगर आपने इजरायल की यात्रा की है तो आपको कई देशों में संदेह की दृष्टि से देखा जाता है.मुङो एक ऐसा देश है जिसने अपने सामने आने वाली हर बाधा को ना सिर्फ पार किया बल्कि पहले से ज्यादा ताकतवर बनकर उभरा गौरतलब है कि यहूदियों को पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा प्रताड़ितकी गई कॉम के रूप में जाना जाता है. अपने ही वतन से बेदखल किए जाने के बाद यहूदियों ने भारत, ब्रिटेन, अमेरिका, रूस, पोलैंड और जर्मनी में शरण ली, अपनी योग्यता और दक्षता के दम पर उन्होंने पूरी दुनिया में नाम और शोहरत कमाई और फिर धीरे-धीरे इजरायल लौटकर जमीन वापस खरीदी और अपना देश बनाया जिससे फिर 1948 में अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिली,

इजरायल इतना छोटा और चारों तरफ से दुश्मन देशों से घिरे रहने के बावजूद जितनी प्रगति की है, उसकी मिसाल नहीं मिलती. इस का कुल क्षेत्रफल लगभग दिल्ली एनसीआर के आदेश से विकास की जनसंख्या भी दिल्ली से भी आधी है. लेकिन यह बड़े और साधन संपन्न देशों से टक्कर ले रहा है. रक्षा और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में दुनिया की सबसे उन्नत तकनीक के पास है.

बात तकनीक और रक्षा को छोड़कर कृषि पर की जाए तो इस क्षेत्र में भी इस देश का कोई सानी नहीं है. कम संसाधनों में ज्यादा उत्पादन उन्हें लंबे समय तक सुरक्षित रखने पर शोध पानी और खाद का संतुलित उपयोग सिंचाई के किफायती प्रणालियों के विकास जैसी कई क्षेत्र हैं जिनमें इसराइल ने पूरी दुनिया में अपना नाम कर रखा है. वहां के गांव में खेती. पशुपालन से जुड़े सभी लोग सामुदायिक रसोई में खाना खाते हैं. उनके बच्चों की पढ़ाई और करियर की चिंता भी सामुदायिक रूप से की जाती है. वही पर उनके जरूरत के हर चीज उपलब्ध गौरतलब है कि जिस ग्राम स्वराज की कल्पना भारत में की गई उसका एक रूप वहां देखने को मिलती है.

 

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