जनसंख्या नियंत्रण बिल की मांग को लेकर आरजेडी विधायक एवं दल के नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विपरीत सुर

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RJD MLA and party leader and Bihar Chief Minister Nitish Kumar on: बिहार (Bihar) की राजनीति में कुछ ना कुछ ऐसा होता ही रहता है या कहे तो हो ही जाता है जो विश्वास से परे होता है. सदन के अंदर इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ जब आरजेडी के विधायकों ने राज्य में जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करने का अनुरोध किया. जेडीयू (JDU) के विधायकों के साथ-साथ बीजेपी के विधायकों ने भी यह मुद्दा सदन में उठाया कि उत्तर प्रदेश के तर्ज पर ही बिहार में भी जनसंख्या नियंत्रण कानून लाया जाना चाहिए. इन विधायकों ने यह मुद्दा तब उठाया है जब बिहार के मुख्यमंत्री स्वयं जनसंख्या नियंत्रण कानून के विरोध में खुलेआम बोल रहे हैं.

हम देख रहे हैं कि देश के विकास में बढ़ती हुई जनसंख्या एक बाधक का काम कर रही है, जिसको लेकर कई राज्यों ने अपनी राज्यकी जनसंख्या पर काबू पाने के लिए नए-नए प्रावधान ला रहे हैं. इस कड़ी में उत्तर प्रदेश ऐसा पहला राज्य है, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने हाल ही में जनसंख्या नियंत्रण को लेकर एक ड्राफ्ट जनता के समक्ष रखा है और जिस पर उन्होंने राज्य की जनता से सुझाव मांगा है.

पूरे देश में बिहार ही एकमात्र ऐसा राज्य है जहां बीजेपी को अपने ही घटक दल से विरोधी मत प्राप्त हो रहे हैं. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनसंख्या नियंत्रण बिल को बिहार के लिए गैर जरूरी बता दिया था. वही उनके विधायक सदन में नीतीश कुमार के बयान से एकदम उलट मांग कर रहे हैं. विधायकों की मांग है कि जनसंख्या नियंत्रण बिल को शीघ्र अति शीघ्र लाकर उसे पास किया जाए.

सदन में विधायकों ने जनसंख्या नियंत्रण बिल की मांग के साथ-साथ जनसंख्या पर ही साल 1999 के करुणाकरण कमेटी के सुझावों को भी लागू करने की मांग की. यह बिहार की सदन में पहली दफा है कि जेडीयू एवं बीजेपी के विधायकों ने जनसंख्या नियंत्रण को लेकर कानून बनाने की मांग की है.

अब आने वाले समय में यह देखना रोचक होगा कि नीतीश कुमार जनसंख्या नियंत्रण बिल को लेकर अपने मत पर अडिग रहते हैं या विधायकों के अनुसार अपना मत बदलते हैं.

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