खेल रतन पुरस्कार का नाम बदलने से नाखुश हुई शिवसेना, बोली- राजीव गांधी और इंदिरा गांधी के बलिदान का मजाक मत उड़ाओ

जैसा कि आप सब लोगों को मालूम है राजीव गांधी खेल रतन पुरस्कार का नाम बदलकर मेजर ध्यानचंद के नाम पर रख दिया गया है यह फैसला मोदी सरकार ने लिया है लेकिन इस फैसले पर फिर से ना कुछ खासी खुश नजर नहीं आ रही है! शनिवार को शिवसेना का कहना है कि राजीव गांधी खेल रतन पुरस्कार का नाम बदलकर हॉकी के महान खिलाड़ी ध्यानचंद के नाम पर रखने का फैसला लोगों की इच्छा नहीं है बल्कि एक राजनीतिक खेल है! शिवसेना पार्टी ने अपने मुखपत्र सामना में आज प्रकाशित एक संपादक का पूछा कि क्रिकेट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का क्या योगदान है जो अहमदाबाद में स्टेडियम का नाम उनके नाम पर रखा गया है! भारत में खेल जगत के सर्वोच्च सम्मान खेल रतन पुरस्कार का नाम पहले पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम पर हुआ करता था जिसे टोक्यो ओलंपिक में पुरुष और महिला हॉकी टीम के सराहनीय प्रदर्शन के बाद शुक्रवार को बदलकर हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम पर दिया गया! प्रधानमंत्री ने इसकी घोषणा करते हुए कहा था कि देश भर से नागरिकों ने उनसे खेल रतन के नाम को बदले जाने का आग्रह किया था तो ऐसे में शिवसेना का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी आतंकवादी हमलों का शिकार हुए थे नेताओं ने राजनीतिक मतभेद हो सकता है लेकिन देश के विकास के लिए उनके बलिदान इस तरीके का मजाक नहीं उड़ाया जा सकता! शिवसेना के मुखपत्र सामना में कहा गया है कि राजीव गांधी खेल रतन ध्यानचंद लोगों की इच्छा नहीं बल्कि राजनीतिक खेल है राजीव गांधी के बलिदान का अपमान किए बिना भी किया जा सकता था लेकिन देश में इस तरीके की परंपरा और संस्कृति समाप्त हो गई है इससे ध्यानचंद भी स्वर्ग में दुखी हुए होंगे! वहीं शिवसेना का कहना है कि मोदी सरकार के पुरस्कार का नाम बदलने का मतलब तो यह नहीं है कि पूर्ववर्ती सरकारों को ध्यान का ध्यान ही नहीं था यह ध्यान चंद के लिए सम्मान की बात नहीं है कि राजीव गांधी का नाम हटाकर उनके नाम का इस्तेमाल किया जाए!
 

खेल रतन पुरस्कार का नाम बदलने से नाखुश हुई शिवसेना, बोली- राजीव गांधी और इंदिरा गांधी के बलिदान का मजाक मत उड़ाओ

जैसा कि आप सब लोगों को मालूम है राजीव गांधी खेल रतन पुरस्कार का नाम बदलकर मेजर ध्यानचंद के नाम पर रख दिया गया है यह फैसला मोदी सरकार ने लिया है लेकिन इस फैसले पर फिर से ना कुछ खासी खुश नजर नहीं आ रही है! शनिवार को शिवसेना का कहना है कि राजीव गांधी खेल रतन पुरस्कार का नाम बदलकर हॉकी के महान खिलाड़ी ध्यानचंद के नाम पर रखने का फैसला लोगों की इच्छा नहीं है बल्कि एक राजनीतिक खेल है! शिवसेना पार्टी ने अपने मुखपत्र सामना में आज प्रकाशित एक संपादक का पूछा कि क्रिकेट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का क्या योगदान है जो अहमदाबाद में स्टेडियम का नाम उनके नाम पर रखा गया है! भारत में खेल जगत के सर्वोच्च सम्मान खेल रतन पुरस्कार का नाम पहले पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम पर हुआ करता था जिसे टोक्यो ओलंपिक में पुरुष और महिला हॉकी टीम के सराहनीय प्रदर्शन के बाद शुक्रवार को बदलकर हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम पर दिया गया! प्रधानमंत्री ने इसकी घोषणा करते हुए कहा था कि देश भर से नागरिकों ने उनसे खेल रतन के नाम को बदले जाने का आग्रह किया था तो ऐसे में शिवसेना का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी आतंकवादी हमलों का शिकार हुए थे नेताओं ने राजनीतिक मतभेद हो सकता है लेकिन देश के विकास के लिए उनके बलिदान इस तरीके का मजाक नहीं उड़ाया जा सकता! शिवसेना के मुखपत्र सामना में कहा गया है कि राजीव गांधी खेल रतन ध्यानचंद लोगों की इच्छा नहीं बल्कि राजनीतिक खेल है राजीव गांधी के बलिदान का अपमान किए बिना भी किया जा सकता था लेकिन देश में इस तरीके की परंपरा और संस्कृति समाप्त हो गई है इससे ध्यानचंद भी स्वर्ग में दुखी हुए होंगे! वहीं शिवसेना का कहना है कि मोदी सरकार के पुरस्कार का नाम बदलने का मतलब तो यह नहीं है कि पूर्ववर्ती सरकारों को ध्यान का ध्यान ही नहीं था यह ध्यान चंद के लिए सम्मान की बात नहीं है कि राजीव गांधी का नाम हटाकर उनके नाम का इस्तेमाल किया जाए!