किस बात का डर लगा है चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को, 600 दिनों से नहीं कर रहे कोई विदेश यात्रा

What is the fear of Chinese President Xi Jinping: चीन से खबर आ रही है कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का स्वास्थ्य अभी कुछ दिनों से ठीक नहीं चल रहा है. जिस वजह से वह पिछले 600 दिनों से किसी भी विदेश यात्रा पर नहीं गए हैं. आखिरी बार वह 18 जनवरी, 2020 को म्यांमार के दौरे पर गए थे. इसके बाद से वह देश से बाहर नहीं निकले हैं. इतना ही नहीं, जिनपिंग सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी उपस्थित होने से परहेज कर रहे हैं. उन्होंने खुद को वर्चुअल बैठकों तक ही सीमित कर लिया है. मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) विदेश दौरे के बजाए दूसरे देशों के लीडर्स से फोन पर ही बातचीत कर रहे हैं. बीते शुक्रवार को भी उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) से बात की थी. हाल ही उन्होंने ब्रिक्स देशों के शिखर सम्मेलन में भी वर्चुअली भाग लिया था, जो बेहद चौंकाने वाला था. हालांकि, अब जब कोरोना महामारी को लेकर पहले जैसे हालात नहीं है, तब भी जिनपिंग का विदेश जाने से बचना यही इशारा करता है कि सबकुछ ठीक नहीं है. सूत्रों के मुताबिक, कुछ वक्त पहले जिनपिंग तिब्बत पहुंचे थे, जो किसी चीनी राष्ट्रपति का पहला तिब्बत दौरा था. चूंकि चीन तिब्बत पर अपना दावा करता रहा है, लिहाजा इसे विदेश दौरा नहीं कहा जा सकता. वहीं, एक अन्य सूत्रों से यह जानकारी मिली है कि शी जिनपिंग किसी विदेशी नेता से व्यक्तिगत रूप से नहीं मिल रहे हैं. ऐसा कोई भी विदेशी लीडर दौरा नहीं कर रहा, जिसका चीनी राष्ट्रपति से मिलने का कार्यक्रम हो. इस समय यदि दूसरे देश का कोई नेता चीन का दौरा करता भी है, तो वह बीजिंग के अलावा अन्य शहरों में पहुंचता है, जिससे जिनपिंग का उनसे मिलना जरूरी नहीं रह जाता. रिपोर्ट बताती है कि राष्ट्रपति जिनपिंग अब अधिक से अधिक टेलीफोन पर बात कर रहे हैं. अभी हाल ही में कुछ वक्त पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल और फ्रांसीसी राष्ट्रपति एमैनुअल मैक्रों सहित करीब 60 राष्ट्राध्यक्षों से टेलीफोन पर बात की थी. गौरतलब है कि, यह भी बताया जा रहा है कि जिनपिंग हाल ही में विदेशी नेताओं के साथ कई बैठकों को बिना कोई कारण बताए स्थगित कर चुके हैं. चीन की तरफ से इन कयासों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. विश्लेषकों का कहना है कि जिनपिंग का इतने दिनों तक देश से बाहर नहीं निकलना, वो भी तब जब पश्चिमी देश चीन के खिलाफ घेरा कसने में लगे हैं, हैरान करने वाला है. साथ ही इससे उनके स्वास्थ्य को लेकर उठ रहीं आशंकाओं को भी बल मिलता है.
 

किस बात का डर लगा है चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को, 600 दिनों से नहीं कर रहे कोई विदेश यात्रा

What is the fear of Chinese President Xi Jinping: चीन से खबर आ रही है कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का स्वास्थ्य अभी कुछ दिनों से ठीक नहीं चल रहा है. जिस वजह से वह पिछले 600 दिनों से किसी भी विदेश यात्रा पर नहीं गए हैं. आखिरी बार वह 18 जनवरी, 2020 को म्यांमार के दौरे पर गए थे. इसके बाद से वह देश से बाहर नहीं निकले हैं. इतना ही नहीं, जिनपिंग सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी उपस्थित होने से परहेज कर रहे हैं. उन्होंने खुद को वर्चुअल बैठकों तक ही सीमित कर लिया है. मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ( Xi Jinping) विदेश दौरे के बजाए दूसरे देशों के लीडर्स से फोन पर ही बातचीत कर रहे हैं. बीते शुक्रवार को भी उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ( Joe Biden) से बात की थी. हाल ही उन्होंने ब्रिक्स देशों के शिखर सम्मेलन में भी वर्चुअली भाग लिया था, जो बेहद चौंकाने वाला था. हालांकि, अब जब कोरोना महामारी को लेकर पहले जैसे हालात नहीं है, तब भी जिनपिंग का विदेश जाने से बचना यही इशारा करता है कि सबकुछ ठीक नहीं है. सूत्रों के मुताबिक, कुछ वक्त पहले जिनपिंग तिब्बत पहुंचे थे, जो किसी चीनी राष्ट्रपति का पहला तिब्बत दौरा था. चूंकि चीन तिब्बत पर अपना दावा करता रहा है, लिहाजा इसे विदेश दौरा नहीं कहा जा सकता. वहीं, एक अन्य सूत्रों से यह जानकारी मिली है कि शी जिनपिंग किसी विदेशी नेता से व्यक्तिगत रूप से नहीं मिल रहे हैं. ऐसा कोई भी विदेशी लीडर दौरा नहीं कर रहा, जिसका चीनी राष्ट्रपति से मिलने का कार्यक्रम हो. इस समय यदि दूसरे देश का कोई नेता चीन का दौरा करता भी है, तो वह बीजिंग के अलावा अन्य शहरों में पहुंचता है, जिससे जिनपिंग का उनसे मिलना जरूरी नहीं रह जाता. रिपोर्ट बताती है कि राष्ट्रपति जिनपिंग अब अधिक से अधिक टेलीफोन पर बात कर रहे हैं. अभी हाल ही में कुछ वक्त पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल और फ्रांसीसी राष्ट्रपति एमैनुअल मैक्रों सहित करीब 60 राष्ट्राध्यक्षों से टेलीफोन पर बात की थी. गौरतलब है कि, यह भी बताया जा रहा है कि जिनपिंग हाल ही में विदेशी नेताओं के साथ कई बैठकों को बिना कोई कारण बताए स्थगित कर चुके हैं. चीन की तरफ से इन कयासों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. विश्लेषकों का कहना है कि जिनपिंग का इतने दिनों तक देश से बाहर नहीं निकलना, वो भी तब जब पश्चिमी देश चीन के खिलाफ घेरा कसने में लगे हैं, हैरान करने वाला है. साथ ही इससे उनके स्वास्थ्य को लेकर उठ रहीं आशंकाओं को भी बल मिलता है.