स्कूल में पढ़ती बच्चियों को गन्दी फ़िल्में दिखाकर दुष्कर्म करता था हेडमास्टर

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दुष्कर्म करने वाले हैवान बिना कानून और समाज के डर के अपनी हवस का शिकार लगातार लड़कियों को बनाते जा रहे हैं. कानून अनेक बनाये गए लेकिन एक कानून में जब 100 लूपहोल हों तो कानून काम ही कैसे करेगा. ऐसे में इंसानियत को फिर से एक बार शर्मसार करने वाली घटना हमें तेलंगाना के भद्राद्री कोथागुडेम जिले के सरकारी प्राथमिक विद्यालय में देखने को मिली.

यहां पर हेडमास्टर बच्चियों को गन्दी फ़िल्में दिखाकर उनको अपनी हवस का शिकार बनाता था. अगस्त महीने से लेकर आरोप लगने तक 40 वर्षीय हेडमास्टर ने 5 लड़कियों को अपनी हवस का शिकार बनाया था. जब इस 40 वर्षीय हेडमास्टर के खिलाफ पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज़ करवाई गयी तो यह फरार हो गया.

तेलंगाना पुलिस ने इस हेडमास्टर के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 और POCSO अधिनियम के तहत मामला दर्ज़ किया हैं. यह मामला उस समय खुला जब एक पीड़िता बीमार हो गयी और उसे हॉस्पिटल लेजाना पड़ा. हॉस्पिटल में इलाज़ के दौरान लड़की ने अपने साथ हुई दरिंदगी के बारे में बताया.

यह लड़की कक्षा 2 में पढ़ने वाली है और इसकी उम्र मात्र 7 साल की हैं, माँ ने कहा की मेरी बेटी अक्सर स्कूल जाने के नाम से सहम जाया करती थी लेकिन हम इसकी वजह का पता नहीं लगा सके. खैर मामला पुलिस स्टेशन में पहुंचा रिपोर्ट हुई लक्ष्मीदेवपल्ली के सब-इंस्पेक्टर अंजिया ने जब मामले की जाँच शुरू की तो चार और बच्चियों ने अपने साथ हुई इस घटना का जिक्र किया.

बताया जा रहा है की स्कूल तो रोटेशन फॉर्मेट पर चल रहे थे. न तो स्कूल में कक्षा ठीक ठंग से लग रही थी और न ही पढ़ाई हो रही थी. ऐसे में हेडमास्टर किसी न किसी लड़की को पढाई करवाने के बहाने स्कूल के बाद अपने घर ले जाता. उस समय वह इस घटना को अंजाम देता, डरी हुई पीड़िता अपने माँ बाप से सीधा यह बात करने से कतराती रही जिससे आरोपी का हौंसला बढ़ता चला गया.

यह घटना अपने आप में इतनी शर्मसार और तकलीफ देने वाली हैं की जो भी व्यक्ति अपनी बच्ची को स्कूल छोड़ने जाता हैं. उसका अध्यापकों के प्रति नजरिया बदल जाएगा, जो की दुर्भाग्यपूर्ण होगा. समय और हालात की मांग यही है की माँ बाप को शायद अब अपने बच्चों से बॉडी के प्राइवेट पार्ट्स को लेकर जागरूक कर देना चाहिए. उन्हें इस बात के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए की अगर कोई आपके प्राइवेट पार्ट को टच करे तो सीधा आकर माँ बाप को बताये, डरे नहीं.

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