2021 में पूरी तरह से बदल जाएगी इन नेताओं की किस्मत

2020 का साल ऐसा साल रहा है जिसकों बच्चों से लेकर बूढ़े तक अपने जीते जी भुला नहीं पाएंगे. जहां बच्चों को इस साल स्कूल जाने का मौका तक नहीं मिला वहीं बड़ों को लगभग छह महीने काम पर जाने का मौका नहीं मिला. देश और दुनिया में लोग जबरदस्त तरीके से बेरोज़गार भी हुए, इसके इलावा बहुत सारे परिवारों ने अपनों को भी खो दिया. इसी के चलते अब हर कोई 2021 को लेकर संभावित भविष्य को लेकर जानने का इच्छुक है की 2021 में क्या होगा. ऐसे में हम बात करने जा रहें हैं देश भर में सबसे लोकप्रिय राजनेताओं की. इससे पहले 2020 में देश में कोरोना की वजह से उत्त्पन्न हुई परेशानियों की बात करें तो बेरोज़गारी, जीडीपी और किसान आंदोलन एक बड़ी समस्या के रूप में उभरा हैं. ज्योतिषियों का कहना हैं की 2021 का साल भी देश और दुनिया के लिए कुछ ख़ास नहीं रहने वाला. दरअसल गृह और नक्षत्र कुछ ऐसे बन रहें हैं, जैसे 2020 में बने थे. शनि-गुरू की महायुति और राहु के वृष राशि में गोचर के चलते साल 2021 भी 2020 की तरह समस्यायों से भरा हुआ रहेगा. ऐसे में आज हम आपको कुछ लोकप्रिय नेताओं और उनके राजनीतिक जीवन से जुडी ज्योतिषी भविष्यवाणी के बारे में बताने जा रहे हैं. सबसे पहले हम राहुल गाँधी की बात करने जा रहें हैं, जिनके पार्टी अध्यक्ष रहते हुए देश भर के लोगों ने 2019 में कांग्रेस को 12 करोड़ से अधिक वोट दिए थे. राहुल गाँधी का जन्म 19 जून 1970 को हुआ था और अब उनके वर्तमान जीवन में साढ़ेसाती चल रही हैं. इसीलिए उनके हाथ असफलता के इलावा कुछ नहीं आ रहा. इसके बावजूद राहु-राहु-शुक्र की दशा में वर्ष 2021 के पहले 6 महीने राजनीतिक दृष्टिकोण से लाभदायक होंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्म 17 दिसंबर 1950 को हुआ था और इसी वजह से 2020 के अंत में ही इनकी कुंडली में मंगल की दशा के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए 2021 के शुरूआती कुछ महीने मुश्किल भरे होंगे. जिसका नुक्सान हमने पहली छमाही में देखने को मिलेगा. इसके बावजूद जनकल्याण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आने वाले समय में ऐसा सख्त कदम उठाएंगे जिसकी महत्वता शुरुआत में लोग समझ नहीं पाएंगे और बड़े पैमाने पर विरोध करेंगे. अमित शाह का जन्म 22 अक्टूबर 1964 को हुआ था इसी वजह से इनकी कुंडली में चंद्रमा मेष राशि में अष्टम भाव में बैठा है, इस भाव को रहस्य भाव भी कहा जाता है. इसके अतिरिक्त राहु और मंगल उनकी कुंडली में दूसरे और बारहवें स्थान पर अपना योग बना रहा है. इस वजह से अमित शाह ऐसे बिल संसद में पेश करेंगे और पास भी करेंगे जिनकी कल्पना अभी विपक्ष भी न कर रहा हो, लेकिन इसका विरोध भी बहुत बड़े पैमाने पर होगा. योगी आदित्यनाथ का जन्म 5 जून 1972 को हुआ था और इनकी कुंडली में अभी केतु में राहु की अशुभ विंशोत्तरी दशा चल रही हैं. इसके साथ साथ इनकी कुंडली में मकर राशि में गोचर कर रहे शनि उनके जन्मकालीन चंद्र से बारहवें घर में होकर साढ़ेसाती चला रहे हैं. कुंडली में राहु का छठे भाव में होना विवाद और लड़ाई झगड़े का भाव पैदा करेगा. इस वजह से 2021 में विपक्षी दल साल पर योगी आदित्यनाथ पर हावी रहने वाला हैं, जिस वजह से इनकी लोकप्रियता पर भी सवाल उठने शुरू हो जायेंगे. कुल मिलकर कहें तो भारतीय राजनीतिक के मुख्य चेहरों के लिए 2021 का साल कुछ ज्यादा अच्छा नहीं रहेगा. क्षेत्रीय पार्टियां अपना दबदबा बनाने में कामयाब रहेंगी और इस वजह से केरल, बंगाल, असम, तमिलनाडु में होने वाले आगामी चुनावों में लोगों की उम्मीदों के उलट परिणाम आने की संभावना भी बनती दिखाई देगी.
 

2021 में पूरी तरह से बदल जाएगी इन नेताओं की किस्मत

2020 का साल ऐसा साल रहा है जिसकों बच्चों से लेकर बूढ़े तक अपने जीते जी भुला नहीं पाएंगे. जहां बच्चों को इस साल स्कूल जाने का मौका तक नहीं मिला वहीं बड़ों को लगभग छह महीने काम पर जाने का मौका नहीं मिला. देश और दुनिया में लोग जबरदस्त तरीके से बेरोज़गार भी हुए, इसके इलावा बहुत सारे परिवारों ने अपनों को भी खो दिया. 2021 में पूरी तरह से बदल जाएगी इन नेताओं की किस्मत इसी के चलते अब हर कोई 2021 को लेकर संभावित भविष्य को लेकर जानने का इच्छुक है की 2021 में क्या होगा. ऐसे में हम बात करने जा रहें हैं देश भर में सबसे लोकप्रिय राजनेताओं की. इससे पहले 2020 में देश में कोरोना की वजह से उत्त्पन्न हुई परेशानियों की बात करें तो बेरोज़गारी, जीडीपी और किसान आंदोलन एक बड़ी समस्या के रूप में उभरा हैं. ज्योतिषियों का कहना हैं की 2021 का साल भी देश और दुनिया के लिए कुछ ख़ास नहीं रहने वाला. दरअसल गृह और नक्षत्र कुछ ऐसे बन रहें हैं, जैसे 2020 में बने थे. शनि-गुरू की महायुति और राहु के वृष राशि में गोचर के चलते साल 2021 भी 2020 की तरह समस्यायों से भरा हुआ रहेगा. ऐसे में आज हम आपको कुछ लोकप्रिय नेताओं और उनके राजनीतिक जीवन से जुडी ज्योतिषी भविष्यवाणी के बारे में बताने जा रहे हैं. सबसे पहले हम राहुल गाँधी की बात करने जा रहें हैं, जिनके पार्टी अध्यक्ष रहते हुए देश भर के लोगों ने 2019 में कांग्रेस को 12 करोड़ से अधिक वोट दिए थे. राहुल गाँधी का जन्म 19 जून 1970 को हुआ था और अब उनके वर्तमान जीवन में साढ़ेसाती चल रही हैं. इसीलिए उनके हाथ असफलता के इलावा कुछ नहीं आ रहा. इसके बावजूद राहु-राहु-शुक्र की दशा में वर्ष 2021 के पहले 6 महीने राजनीतिक दृष्टिकोण से लाभदायक होंगे. 2021 में पूरी तरह से बदल जाएगी इन नेताओं की किस्मत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्म 17 दिसंबर 1950 को हुआ था और इसी वजह से 2020 के अंत में ही इनकी कुंडली में मंगल की दशा के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए 2021 के शुरूआती कुछ महीने मुश्किल भरे होंगे. जिसका नुक्सान हमने पहली छमाही में देखने को मिलेगा. इसके बावजूद जनकल्याण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आने वाले समय में ऐसा सख्त कदम उठाएंगे जिसकी महत्वता शुरुआत में लोग समझ नहीं पाएंगे और बड़े पैमाने पर विरोध करेंगे. अमित शाह का जन्म 22 अक्टूबर 1964 को हुआ था इसी वजह से इनकी कुंडली में चंद्रमा मेष राशि में अष्टम भाव में बैठा है, इस भाव को रहस्य भाव भी कहा जाता है. इसके अतिरिक्त राहु और मंगल उनकी कुंडली में दूसरे और बारहवें स्थान पर अपना योग बना रहा है. इस वजह से अमित शाह ऐसे बिल संसद में पेश करेंगे और पास भी करेंगे जिनकी कल्पना अभी विपक्ष भी न कर रहा हो, लेकिन इसका विरोध भी बहुत बड़े पैमाने पर होगा. योगी आदित्यनाथ का जन्म 5 जून 1972 को हुआ था और इनकी कुंडली में अभी केतु में राहु की अशुभ विंशोत्तरी दशा चल रही हैं. इसके साथ साथ इनकी कुंडली में मकर राशि में गोचर कर रहे शनि उनके जन्मकालीन चंद्र से बारहवें घर में होकर साढ़ेसाती चला रहे हैं. कुंडली में राहु का छठे भाव में होना विवाद और लड़ाई झगड़े का भाव पैदा करेगा. इस वजह से 2021 में विपक्षी दल साल पर योगी आदित्यनाथ पर हावी रहने वाला हैं, जिस वजह से इनकी लोकप्रियता पर भी सवाल उठने शुरू हो जायेंगे. 2021 में पूरी तरह से बदल जाएगी इन नेताओं की किस्मत कुल मिलकर कहें तो भारतीय राजनीतिक के मुख्य चेहरों के लिए 2021 का साल कुछ ज्यादा अच्छा नहीं रहेगा. क्षेत्रीय पार्टियां अपना दबदबा बनाने में कामयाब रहेंगी और इस वजह से केरल, बंगाल, असम, तमिलनाडु में होने वाले आगामी चुनावों में लोगों की उम्मीदों के उलट परिणाम आने की संभावना भी बनती दिखाई देगी.