मेरठ: 20 रूपए को लेकर हुआ विवाद तो ‘मकान बिकाऊ’ के लगा दिए पोस्टर

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20 रूपए में आज के समय में किसी गरीब के लिए मुश्किल से एक वक़्त की रोटी भी खरीद पाना मुश्किल हैं. लेकिन क्या हो जब 20 रूपए के लिए विवाद इतना बढ़ जाये की पुरे इलाके में “यह घर बिकाऊ है” के पोस्टर लग जाये. जाहिर है मन में ख्याल आएगा की यह क्या ‘बेवकूफी है’.

बताया जा रहा है की उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले का गाँव मवीमीरा में 20 रूपए के लिए विवाद इतना बढ़ गया की, इस विवाद को सांप्रदायिक रंग देते हुए समुदाय विशेष के 40 परिवारों ने “यह घर बिकाऊ हैं” के पोस्टर अपने घरों के बाहर चिपका दिए. दौराला थाना क्षेत्र के इस गाँव में बताया जा रहा है की 20 रूपए की सिगरेट को लेकर दो युवकों में उधार हुआ था.

सिगरेट लेने वाला हिन्दू था और उधार देने वाला मुस्लिम. सिगरेट उधार देने वाले युवक ने जब पैसे मांगे तो उनका झगड़ा हो गया इस झगडे में उधार लेने वाले युवक ने उधार देने वाले युवक की पिटाई कर दी. उसके बाद गाँव में यह विवाद इतना बढ़ गया की मुस्लिम समुदाय के लोगों ने गाँव से पलायन करने का मन बना लिया.

पलायन की खबर जब प्रशासन को पड़ी तो पुलिस ने गांववालों को समझाने का भरपूर प्रयास किया. लेकिन मुस्लिम समाज के लोगों ने पोस्टर हटाने और पलायन न करने से मना कर दिया. मुस्लिम समाज के लोगों का कहना है की पुलिस आरोपी पर कार्यवाही करे, पुलिस का कहना है की मामूली हाथापाई और 20 रूपए के लिए कैसे कार्यवाही करें.

पीड़ित परिवार ने आरोपी के खिलाफ पुलिस में मारपीट और 20 रूपए के उधार का मामला दर्ज़ कर दिया हैं. दौराला के इंस्पेक्टर किरणपाल सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा की, “दो पक्षों में मारपीट हुई थी और पुलिस ने दोनों पक्षों के करीब एक दर्जन लोगों को मुचलका पाबंद किया है. किसी भी पक्ष ने तहरीर नहीं दी है. ग्राम प्रधान चुनाव को लेकर कुछ लोग विवाद को तूल दे रहे हैं.”

इससे साफ़ है की इस मामले को मीडिया में उछालकर मुस्लिम परिवार या तो मुआवजे लेने के प्रयास में है या फिर वह उत्तर प्रदेश की राजनीती को प्रभावित करने के प्रयास में हैं. पुलिस का भी कहना है की यह मामला इतना बड़ा नहीं था जितना पंचायती चुनावों के मध्यनज़र इस मामले को बढ़ाया जा रहा हैं.

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