मंगल गृह पर दिखा इंद्रधनुष, जानिए बिना बारिश के यह कैसे हुआ मुमकिन

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मंगल गृह एक ऐसा गृह है जो पृथ्वी के सबसे नज़दीक है और कुछ वैज्ञानिकों को लगता है की मंगल गृह इंसानों का अगला घर बन सकता हैं. अगर इंसानी जीवन की बात करें तो हमें सबसे पहले चाहिए ऑक्सीजन और पानी. मंगल गृह के उत्तरी छोर पर इतनी बर्फ है की अगर उसे पिघला दिया जाये तो पूरा मंगल गृह पानी से भर सकता हैं.

लेकिन वहां का वातावरण इतना पतला है की पानी ज्यादा देर वहां नहीं टिकेगा. ऐसे में हमें वहां पेड़ पौधे भी लगाने पड़ेंगे, इसके लिए बहुत सारे शोधों पर काम चल रहा हैं और नासा इन्हीं शोधों के लिए मंगल पर अपने रोवर भेज रहा हैं. यह रोवर्स मंगल गृह से जानकारियां इकठ्ठा कर धरती पर भेजते है, जिससे मंगल पर जीवन की संभावनाओं पर काम किया जा सके.

अभी नासा द्वारा मंगल भर भेजा गए रोवर ने पृथ्वी पर ऐसी तस्वीर भेजी है जिसे देखकर वैज्ञानिक भी हैरान रह गया. जैसा की हम सभी जानते है मंगल गृह पर तरल अवस्था में पानी सतह के ऊपर मजूद नहीं हैं. ऐसे में वहां बादल नहीं बनते क्योंकि बादल बनने के लिए पानी को भाप बनना होगा और फिर बिना बादलों के बारिश नहीं हो सकती.

पृथ्वी पर आपने देखा होगा की बारिश के बाद या बारिश के दौरान हमें इंद्रधनुष बनते दिखाई देता हैं. लेकिन नासा के रोवर ने मंगल गृह से जो तस्वीर भेजी है उसमें भी इंद्रधनुष बना हुआ हैं. इस तस्वीर के सामने आते ही वैज्ञानिकों की पूरी टीम हैरान रह गयी. आखिर बिना बादलों और बारिश के मंगल गृह पर इंद्रधनुष बना कैसे.

मंगल गृह का तापमान -90 से -160 डिग्री तक चला जाता है यह तापमान कितना कम होता है इसका अंदाज़ा आप इसी से लगा लें की बर्फ 0 डिग्री पर जमनी शुरू हो जाती है. इसीलिए वैज्ञानिकों ने इस तस्वीर को लेकर बताया है की इस तस्वीर में मजूद इंद्रधनुष आसमान का नहीं बल्कि कैमरा के लैंस का होगा.

नासा का यह रोवर मंगल गृह के जेजीरो ग्रेटर पर उतरा है, वैज्ञानिकों का दावा है की किसी समय पर यहाँ नदी बहा करती होगी. यह पूरा इलाका पथरीला और बड़ी बड़ी पहाड़ियों से घिरा हुआ हैं. नासा द्वारा भेजा गया यह रोवर मुख्य तौर मंगल पर तरल पानी का पता लगाने और जीवन की तलाश में अपना अभियान आगे कुछ सालों तक जारी रखेगा.

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