लूट, डकैती और हत्या की साजिश के आरोप में 200 से ज्यादा सिख गिरफ्तार

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दिल्ली में हुए दंगों के बाद दिल्ली पुलिस (Delhi Police) इस संबंध में डकैती, लूट आपराधिक साजिश की कई धाराओं में केस दर्ज किए. उसके बाद सिख इधर-उधर भागने लगे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने छापेमारी कर 200 से अधिक उग्रवादियों को गिरफ्तार कर लिया हैं. दिल्ली पुलिस अन्य दोषियों की तलाश भी कर रही हैं जो अपने ट्रैक्टर तक छोड़कर भाग चुके हैं.

इसके इलावा दिल्ली पुलिस ने योगेंद्र यादव (Yogendra Yadav), राकेश टिकैत (Rakesh Tikait), गुरनाम सिंह चढूनी (Gurnam Singh Chaduni) आदि नेता जो की ट्रैक्टर रैली से पहले कह रहे थे की अगर किसी ने ट्रैक्टर रोकने की कोशिश की तो हम उसके ऊपर से ट्रैक्टर ले जाएंगे. ऐसे लोगों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज़ हो चुकी हैं और इनकी भी जल्द गिरफ्तारी हो सकती हैं.

इन सबके बीच किसान मजदूर संघर्ष कमेटी (Kisan Majdoor Sangharsh Committee) ने किसान आंदोलन से खुद को पीछे कर लिया हैं. यानी उनका कहना है की अब हमारा इस आंदोलन से कोई लेना देना नहीं हैं. उधर पुलिस ने इन सिखों पर IPC की धारा 395 (डकैती), 397 (लूट या डकैती, मारने या चोट पहुँचाने की कोशिश), 120बी (आपराधिक साजिश की सजा) और अन्य धाराओं के तहत FIR दर्ज करके मामला क्राइम ब्रांच (Crime Branch) को सौंप दिया हैं.

दरअसल लाल किले पर सिखों ने कब्ज़ा करने के बाद वैसे ही तोड़ फोड़ मचाई थी जैसे इतिहास में मुग़ल मंदिरों में कब्ज़ा करने के बाद मचाते थे. इसके इलावा लाल किले में काम करने वाले कर्मियों को भी जान से मारने की कोशिश की गयी थी जिस वजह से इन पर हत्या की कोशिश और साजिश रचने के तहत मामले दर्ज़ हुए हैं.

शांतिपूर्वक मार्च के नाम पर सिखों ने दिल्ली में जो दंगा फैलाया उस वजह से 300 से अधिक पुलिस कर्मी घायल हो गए. इन सबके बावजूद किसान संगठनों (Kisan Union) के नेताओं ने अपनी गलती नहीं मानी और उनका कहना था की पुलिस ने इनको आगे जाने ही क्यों दिया. अगर यही पुलिस इन रोकने के लिए गोली चला देती तो कहते हां सिख मार दिया, किसान मार दिया और मीडिया महीनों तक उस मरे हुए उग्रवादी के घरवालों को टीवी पर बैठकर उनसे इंटरव्यू लेती.

खैर पुलिस ने कुल 2000 लोगों की पहचान की है और उनपर आईपीसी की धारा 186, 332, 353, 307, 427 और नेशनल हाईवे एक्ट (The National Highway Act) की धारा 8 के तहत मुकदमा दर्ज़ किया हैं. फिलहाल दिल्ली और हरियाणा के कई इलाकों में इंटरनेट सेवा बंद हैं और धारा 144 भी लागु हैं.

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