अनिल देशमुख ने सचिन वाजे को हर माह ₹100 करोड़ की वसूली का दिया था लक्ष्य: परमबीर सिंह

महाराष्ट्र की राजनीती में इस वक़्त सबसे बड़ी खलबली मच चुकी हैं, जिस सचिन वाजे को राज्य के मुख्यमंत्री निर्दोष साबित करने में जुटे हुए थे उस सचिन वाजे के गुनाह की पोल खुद मुंबई के पूर्व कमिशनर परमबीर सिंह ने खोल डाली हैं. इस खुलासे के बाद से महाराष्ट्र की राजनीती में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता हैं. परमबीर सिंह ने राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखते हुए बताया है की सचिन वाजे को राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने प्रत्येक माह 100 करोड़ रूपए की वसूली का लक्ष्य दिया हुआ था. यानी अगर यह सरकार 5 साल पुरे करती तो अनिल देशमुख अपना पद छोड़ने से पहले कम से कम 5000 करोड़ रूपए के मालिक होते. मुंबई के पूर्व कमिशनर परमबीर सिंह ने अपनी चिट्ठी में लिखा है की महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच के क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट के हेड सचिन वाजे को कुछ महीने पहले ही अपने सरकारी आवास ज्ञानेश्वर में बुलाया था. परमबीर सिंह ने खुलासा किया है की सचिन वाजे से जब मेरी बातचीत हुई थी तो उसने बताया था की अनिल देशमुख ने जेल से, रेस्ट्रां, होटल, बार आदि जगहों से हर महीने मुझे 100 करोड़ रूपए की वसूली करने को कहा है. परमबीर सिंह ने बताया की इस वसूली के लिए अनिल देशमुख में पूरा प्लान भी तैयार किया हुआ था. अनिल देशमुख का कहना था की मुंबई में 1750 बार, रेस्ट्रां और अन्य सार्वजानिक जगह हैं जिससे प्रत्येक महीने लगभग 1.5 से 2 लाख महीना वसुले जा सकते हैं. जिसका मतलब हुआ की इन जगहों से 45 से 50 करोड़ की वसूली हर महीने हो जाया करेगी, इसी के साथ बड़े बिज़नेस उद्योगपतियों से भी कुछ वसूली कर कुल 100 करोड़ रूपए जुटाए जा सकते हैं. फिलहाल इस राज्य के गृहमंत्री के प्रवेश रजिस्टर की जांच नहीं हुई हैं, जिससे अभी फिलहाल इस मुलाकात पर पुष्टि नहीं की गयी. लेकिन परमबीर सिंह का दावा है की फरवरी के मध्य में हुई इस मुलाकात के दौरान गृह मंत्री के एक-दो कर्मचारी और उनके निजी सचिव भी सरकारी आवास पर मजूद थे. उधर अनिल देशमुख में सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है की सभी आरोप बेबुनियाद हैं और परमबीर सिंह खुद को बचाने के लिए मुझ पर ऐसे इल्जाम लगा रहें हैं. आपको बता दें की मनसुख हिरेन के हत्याकांड में जैसे जैसे सचिन वाजे की संलिप्तता स्पष्ट हो रही है. वैसे-वैसे इस साजिश में परमबीर सिंह भी इस पुरे घटनाक्रम में दोषी होने के नजदीक होते जा रहें हैं. मामला सिर्फ मनसुख हिरेन के हत्याकांड का ही नहीं हैं, बल्कि मुंबई में एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति को मारने के लिए आतंकी हमले की तरह एक प्लान योजना का भी हैं. अगर पुलिस ही आतंकी हमलों की तरह योजना बनाकर काम करना शुरू कर देगी तो आम जनता का क्या होगा?
 

अनिल देशमुख ने सचिन वाजे को हर माह ₹100 करोड़ की वसूली का दिया था लक्ष्य: परमबीर सिंह

महाराष्ट्र की राजनीती में इस वक़्त सबसे बड़ी खलबली मच चुकी हैं, जिस सचिन वाजे को राज्य के मुख्यमंत्री निर्दोष साबित करने में जुटे हुए थे उस सचिन वाजे के गुनाह की पोल खुद मुंबई के पूर्व कमिशनर परमबीर सिंह ने खोल डाली हैं. इस खुलासे के बाद से महाराष्ट्र की राजनीती में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता हैं. अनिल देशमुख ने सचिन वाजे को हर माह ₹100 करोड़ की वसूली का दिया था लक्ष्य: परमबीर सिंह परमबीर सिंह ने राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखते हुए बताया है की सचिन वाजे को राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने प्रत्येक माह 100 करोड़ रूपए की वसूली का लक्ष्य दिया हुआ था. यानी अगर यह सरकार 5 साल पुरे करती तो अनिल देशमुख अपना पद छोड़ने से पहले कम से कम 5000 करोड़ रूपए के मालिक होते. मुंबई के पूर्व कमिशनर परमबीर सिंह ने अपनी चिट्ठी में लिखा है की महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच के क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट के हेड सचिन वाजे को कुछ महीने पहले ही अपने सरकारी आवास ज्ञानेश्वर में बुलाया था. परमबीर सिंह ने खुलासा किया है की सचिन वाजे से जब मेरी बातचीत हुई थी तो उसने बताया था की अनिल देशमुख ने जेल से, रेस्ट्रां, होटल, बार आदि जगहों से हर महीने मुझे 100 करोड़ रूपए की वसूली करने को कहा है. परमबीर सिंह ने बताया की इस वसूली के लिए अनिल देशमुख में पूरा प्लान भी तैयार किया हुआ था. अनिल देशमुख का कहना था की मुंबई में 1750 बार, रेस्ट्रां और अन्य सार्वजानिक जगह हैं जिससे प्रत्येक महीने लगभग 1.5 से 2 लाख महीना वसुले जा सकते हैं. जिसका मतलब हुआ की इन जगहों से 45 से 50 करोड़ की वसूली हर महीने हो जाया करेगी, इसी के साथ बड़े बिज़नेस उद्योगपतियों से भी कुछ वसूली कर कुल 100 करोड़ रूपए जुटाए जा सकते हैं. फिलहाल इस राज्य के गृहमंत्री के प्रवेश रजिस्टर की जांच नहीं हुई हैं, जिससे अभी फिलहाल इस मुलाकात पर पुष्टि नहीं की गयी. लेकिन परमबीर सिंह का दावा है की फरवरी के मध्य में हुई इस मुलाकात के दौरान गृह मंत्री के एक-दो कर्मचारी और उनके निजी सचिव भी सरकारी आवास पर मजूद थे. उधर अनिल देशमुख में सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है की सभी आरोप बेबुनियाद हैं और परमबीर सिंह खुद को बचाने के लिए मुझ पर ऐसे इल्जाम लगा रहें हैं. आपको बता दें की मनसुख हिरेन के हत्याकांड में जैसे जैसे सचिन वाजे की संलिप्तता स्पष्ट हो रही है. अनिल देशमुख ने सचिन वाजे को हर माह ₹100 करोड़ की वसूली का दिया था लक्ष्य: परमबीर सिंह वैसे-वैसे इस साजिश में परमबीर सिंह भी इस पुरे घटनाक्रम में दोषी होने के नजदीक होते जा रहें हैं. मामला सिर्फ मनसुख हिरेन के हत्याकांड का ही नहीं हैं, बल्कि मुंबई में एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति को मारने के लिए आतंकी हमले की तरह एक प्लान योजना का भी हैं. अगर पुलिस ही आतंकी हमलों की तरह योजना बनाकर काम करना शुरू कर देगी तो आम जनता का क्या होगा?