2022 चुनाव में हिन्दू सिख लड़ा कर चुनाव जितना चाहती है AAP: कांग्रेस

पंजाब कांग्रेस के ऑफिसियल ट्विटर अकाउंट पर आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता कुमार विश्वास का एक वीडियो पोस्ट किया गया हैं. इस वीडियो में आप देख सकते है की, कैसे आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता कुमार विश्वास बता रहें हैं की आम आदमी पार्टी पंजाब की जीत पक्की मान रही थी. इसके साथ ही वह दिल्ली का मुख्यमंत्री पद को मनीष सिसोदिया के हवाले कर खुद पंजाब के मुख्यमंत्री बनने जा रहे थे. कुमार विश्वास अपने इंटरव्यू में कहते हैं की, "मैंने कहा ये गलत काम मत करो। आग मत लगाओ. वहाँ भावनाओं को मत भड़काओ. पंजाब में कोई नहीं चाहता है कि वहाँ शांति भंग हो. हिंदू नहीं चाहते, सिख भी नहीं चाहते. वहाँ के किसी हिंदू ने नहीं कहा कि हम मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं. दुर्गियाना मंदिर और दरबार साहिब के प्रति श्रद्धा बराबर है वहाँ के हिंदुओ में. इसको (अरविन्द केजरीवाल) ये लग गया था कि वहाँ 90 सीट आएँगी और वो मुख्यमंत्री बन जाएँगे वहाँ के. मैंने कहा कि पंजाब के लोग आपको स्वीकार नहीं करेंगे." कुमार विश्वास यही नहीं रुके उन्होंने अरविन्द केजरीवाल को लेकर और खुलासे करते हुए कहा की, "मैंने कहा कि पंजाब में लोग बिना पगड़ी वाले आदमी को स्वीकार नहीं करेंगे. पंजाब सूबा नहीं बल्कि वो एक इमोशन है, वो भी पूरी दुनिया के लिए. पूरी दुनिया में जो पंजाबी और सिख फैले हुए हैं उनके लिए पंजाब एक इमोशन है. मैंने अरविंद से पूछा कि कैसे बनेगा कैसे? वह 200% सीएम बनना चाहता था. मैंने पूछा क्या फॉर्मूला है सीएम बनने का? तो उन्होंने (केजरीवाल) बताया कि जब 90 सीटें आ जाएँगी तो हम फुल्का ग्रुप और भगवंत मान ग्रुप में फूट डलवाएँगे." फुल्का और भगवंत मान दोनों ही आम आदमी पार्टी के कद्दावर नेता हैं और दोनों ही मुख्यमंत्री पद का सपना लेकर बैठे हैं और इसी सन्दर्भ में वह आगे कहते हैं की, "जब मैंने पूछा कि बनेगा कैसे सीएम तो उसने बोला- वहाँ जब नब्बे सीट आ जाएँगी तो उनको लगेगा कि फुल्का बनेगा तो दूसरी तरफ लगेगा कि भगवंत मान बनेगा. फिर तीन-चार दिन न्यूज चलेगी, झगड़ा होगा. फिर तू (विश्वास) चला जाना, आशुतोष चला जाएगा. तुम दोनों वहाँ जाकर केंद्र के पर्यवेक्षक के तौर पर विधायकों से बात करना और फिर ये कहना कि वो (विधायक) कह रहे हैं कि या तो अरविंद को बनाओ या फिर हमारे कैंडिडेट को बनाओ. मैं भारी मन से दिल्ली को छोड़ दूँगा और मनीष को दिल्ली सौंप के पंजाब चला जाऊँगा. मनीष को लोग पंसद भी कर रहे हैं. फिर धीरे-धीरे वहाँ जमा भी लेंगे." खुद का मुख्यमंत्री बनना तय समझने वाले अरविन्द केजरीवाल को कुमार आगे कहते हैं की, "मैंने कहा कि ये होगा नहीं. वो बॉर्डर स्टेट है, केंद्र से तु्म्हारी बनती नहीं है वहाँ बहुत मुश्किलें होंगी और जिन लोगों को तुम तुष्टिकरण कर सीएम बनना चाह रहे हो वो चरस बो देंगे जान की. बहुत बुरा हाल हो जाएगा. इसके बाद उसने कहा कि सर जी आप चुप रहो आपको शपथ ग्रहण में बुलाऊँगा और दोनों भाई साथ चलेंगे. मैंने कहा कि अच्छी बात है और मैं पंजाब नहीं गया." Kejriwal's plans for Punjab being exposed by Kumar Vishwas. pic.twitter.com/8OYhn4pMq1 — Punjab Congress (@INCPunjab) January 13, 2021 ऐसे में अब जिस प्रकार से आम आदमी पार्टी पंजाब में हिन्दुवों के प्रति किसान आंदोलन के जरिये पंजाब के सिखों में जिस प्रकार से नफरत का बीज बो रही हैं. उसे देखते हुए कहीं न कहीं साफ़ लग रहा हैं की आम आदमी पार्टी जो काम 2017 विधानसभा चुनाव में करना चाहती थी, वो काम वह 2022 विधानसभा में करके मुख्यमंत्री पद हासिल करना चाहते हैं.
 

2022 चुनाव में हिन्दू सिख लड़ा कर चुनाव जितना चाहती है AAP: कांग्रेस

पंजाब कांग्रेस के ऑफिसियल ट्विटर अकाउंट पर आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता कुमार विश्वास का एक वीडियो पोस्ट किया गया हैं. इस वीडियो में आप देख सकते है की, कैसे आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता कुमार विश्वास बता रहें हैं की आम आदमी पार्टी पंजाब की जीत पक्की मान रही थी. 2022 चुनाव में हिन्दू सिख लड़ा कर चुनाव जितना चाहती है AAP: कांग्रेस इसके साथ ही वह दिल्ली का मुख्यमंत्री पद को मनीष सिसोदिया के हवाले कर खुद पंजाब के मुख्यमंत्री बनने जा रहे थे. कुमार विश्वास अपने इंटरव्यू में कहते हैं की, "मैंने कहा ये गलत काम मत करो। आग मत लगाओ. वहाँ भावनाओं को मत भड़काओ. पंजाब में कोई नहीं चाहता है कि वहाँ शांति भंग हो. हिंदू नहीं चाहते, सिख भी नहीं चाहते. वहाँ के किसी हिंदू ने नहीं कहा कि हम मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं. दुर्गियाना मंदिर और दरबार साहिब के प्रति श्रद्धा बराबर है वहाँ के हिंदुओ में. इसको (अरविन्द केजरीवाल) ये लग गया था कि वहाँ 90 सीट आएँगी और वो मुख्यमंत्री बन जाएँगे वहाँ के. मैंने कहा कि पंजाब के लोग आपको स्वीकार नहीं करेंगे." कुमार विश्वास यही नहीं रुके उन्होंने अरविन्द केजरीवाल को लेकर और खुलासे करते हुए कहा की, "मैंने कहा कि पंजाब में लोग बिना पगड़ी वाले आदमी को स्वीकार नहीं करेंगे. पंजाब सूबा नहीं बल्कि वो एक इमोशन है, वो भी पूरी दुनिया के लिए. पूरी दुनिया में जो पंजाबी और सिख फैले हुए हैं उनके लिए पंजाब एक इमोशन है. मैंने अरविंद से पूछा कि कैसे बनेगा कैसे? वह 200% सीएम बनना चाहता था. मैंने पूछा क्या फॉर्मूला है सीएम बनने का? तो उन्होंने (केजरीवाल) बताया कि जब 90 सीटें आ जाएँगी तो हम फुल्का ग्रुप और भगवंत मान ग्रुप में फूट डलवाएँगे." फुल्का और भगवंत मान दोनों ही आम आदमी पार्टी के कद्दावर नेता हैं और दोनों ही मुख्यमंत्री पद का सपना लेकर बैठे हैं और इसी सन्दर्भ में वह आगे कहते हैं की, "जब मैंने पूछा कि बनेगा कैसे सीएम तो उसने बोला- वहाँ जब नब्बे सीट आ जाएँगी तो उनको लगेगा कि फुल्का बनेगा तो दूसरी तरफ लगेगा कि भगवंत मान बनेगा. फिर तीन-चार दिन न्यूज चलेगी, झगड़ा होगा. फिर तू (विश्वास) चला जाना, आशुतोष चला जाएगा. तुम दोनों वहाँ जाकर केंद्र के पर्यवेक्षक के तौर पर विधायकों से बात करना और फिर ये कहना कि वो (विधायक) कह रहे हैं कि या तो अरविंद को बनाओ या फिर हमारे कैंडिडेट को बनाओ. मैं भारी मन से दिल्ली को छोड़ दूँगा और मनीष को दिल्ली सौंप के पंजाब चला जाऊँगा. मनीष को लोग पंसद भी कर रहे हैं. फिर धीरे-धीरे वहाँ जमा भी लेंगे." खुद का मुख्यमंत्री बनना तय समझने वाले अरविन्द केजरीवाल को कुमार आगे कहते हैं की, "मैंने कहा कि ये होगा नहीं. वो बॉर्डर स्टेट है, केंद्र से तु्म्हारी बनती नहीं है वहाँ बहुत मुश्किलें होंगी और जिन लोगों को तुम तुष्टिकरण कर सीएम बनना चाह रहे हो वो चरस बो देंगे जान की. बहुत बुरा हाल हो जाएगा. इसके बाद उसने कहा कि सर जी आप चुप रहो आपको शपथ ग्रहण में बुलाऊँगा और दोनों भाई साथ चलेंगे. मैंने कहा कि अच्छी बात है और मैं पंजाब नहीं गया." ऐसे में अब जिस प्रकार से आम आदमी पार्टी पंजाब में हिन्दुवों के प्रति किसान आंदोलन के जरिये पंजाब के सिखों में जिस प्रकार से नफरत का बीज बो रही हैं. उसे देखते हुए कहीं न कहीं साफ़ लग रहा हैं की आम आदमी पार्टी जो काम 2017 विधानसभा चुनाव में करना चाहती थी, वो काम वह 2022 विधानसभा में करके मुख्यमंत्री पद हासिल करना चाहते हैं.