किसान आंदोलन को गलत बताने वाले सिख को धारदार हथियार से गोदा गया

हरनेक सिंह नाम के एक हिंदुस्तानी सिख जो की न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में बतौर रेडियो जॉकी कार्यरत हैं उनपर कल धारदार हथ्यार से हमला हुआ हैं. 53 वर्षीय हरनेक सिंह बुधवार (दिसंबर 23, 2020) रात के 10:30 बजे रेडियो स्टेशन से अपने घर लौट रहे थे. उसी समय मजहबी कट्टरता से प्रेरित लोगों ने उनपर हमला कर दिया. इस वक़्त वह अपनी जिंदगी और मौत की लड़ाई हॉस्पिटल में लड़ रहें हैं. बताया जा रहा हैं की उनकी हालत काफी गंभीर हैं. 2020 में होने वाला यह उनपर दूसरा हमला हैं, पहला हमला जुलाई 2020 में भी उनके जन्मदिन के दिन ही ‘लव पंजाब’ रेस्टॉरेंट में हुआ था. हरनेक सिंह सिख समुदाय की सामाजिक और धार्मिक स्थितियों को लेकर अक्सर कड़े शब्दों में चर्चा करने के लिए जाने जाते हैं. हरनेक सिंह के ख़ास दोस्त बलविंदर सिंह ने बताया की उनके द्वारा ऐसी चर्चाओं के चलते उन्हें पहले भी कई बार धमकियाँ मिल चुकी हैं. वह न्यूजीलैंड के सिख समुदाय के साथ-साथ दुनिया भर में रह रहे हिंदुस्तानी सिखों को सही रास्ता दिखाने का प्रयास करते हैं. जिससे सिख समुदाय को लेकर कभी दुनिया भर के लोगों में गलत धारणा पैदा न हो. बलविंदर सिंह ने बताया की उन्होंने कुछ दिन पहले दिल्ली में चल रहे पंजाब के सिख किसानों के धरने को भी राजनीती से प्रेरित बताया था. उन्होंने सिखों से अपील करते हुए कहा था की, सिखों को भारत में इस तरह से राजनितिक पार्टियों की कठपुतली नहीं बनना चाहिए. इसके इलावा वह सिख धर्म से जुडी धार्मिक गलतफहमियों को दूर करने के लिए भी रेडियो शो पर चर्चा किया करते थे. पुलिस का कहना हैं की इस हमले के बाद भी हरनेक सिंह के फ़ोन और रेडियो स्टेशन में सैकड़ों कॉल और मैसेजों के द्वारा धमकियाँ मिल दी जा रही हैं. इससे यह तो साफ़ हो गया हैं की खालिस्तानी आतंकवादी फिर से अपना सर उठाने लगे हैं. 2020 खालिस्तान रेफेरंडम का प्लान जिस तरह से उनका फेल हुआ हैं, वह उससे बौखला कर भारत में कुछ ऐसा करना चाहते हैं. जिससे वह विदेशी धरती पर यह दिखा सके की देखो भारत सीखो के साथ कितना अत्याचार होता हैं और इसीलिए हमें खालिस्तान चाहिए.
 

किसान आंदोलन को गलत बताने वाले सिख को धारदार हथियार से गोदा गया

हरनेक सिंह नाम के एक हिंदुस्तानी सिख जो की न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में बतौर रेडियो जॉकी कार्यरत हैं उनपर कल धारदार हथ्यार से हमला हुआ हैं. 53 वर्षीय हरनेक सिंह बुधवार (दिसंबर 23, 2020) रात के 10:30 बजे रेडियो स्टेशन से अपने घर लौट रहे थे. उसी समय मजहबी कट्टरता से प्रेरित लोगों ने उनपर हमला कर दिया. किसान आंदोलन को गलत बताने वाले सिख को धारदार हथियार से गोदा गया इस वक़्त वह अपनी जिंदगी और मौत की लड़ाई हॉस्पिटल में लड़ रहें हैं. बताया जा रहा हैं की उनकी हालत काफी गंभीर हैं. 2020 में होने वाला यह उनपर दूसरा हमला हैं, पहला हमला जुलाई 2020 में भी उनके जन्मदिन के दिन ही ‘लव पंजाब’ रेस्टॉरेंट में हुआ था. हरनेक सिंह सिख समुदाय की सामाजिक और धार्मिक स्थितियों को लेकर अक्सर कड़े शब्दों में चर्चा करने के लिए जाने जाते हैं. हरनेक सिंह के ख़ास दोस्त बलविंदर सिंह ने बताया की उनके द्वारा ऐसी चर्चाओं के चलते उन्हें पहले भी कई बार धमकियाँ मिल चुकी हैं. वह न्यूजीलैंड के सिख समुदाय के साथ-साथ दुनिया भर में रह रहे हिंदुस्तानी सिखों को सही रास्ता दिखाने का प्रयास करते हैं. जिससे सिख समुदाय को लेकर कभी दुनिया भर के लोगों में गलत धारणा पैदा न हो. बलविंदर सिंह ने बताया की उन्होंने कुछ दिन पहले दिल्ली में चल रहे पंजाब के सिख किसानों के धरने को भी राजनीती से प्रेरित बताया था. उन्होंने सिखों से अपील करते हुए कहा था की, सिखों को भारत में इस तरह से राजनितिक पार्टियों की कठपुतली नहीं बनना चाहिए. इसके इलावा वह सिख धर्म से जुडी धार्मिक गलतफहमियों को दूर करने के लिए भी रेडियो शो पर चर्चा किया करते थे. पुलिस का कहना हैं की इस हमले के बाद भी हरनेक सिंह के फ़ोन और रेडियो स्टेशन में सैकड़ों कॉल और मैसेजों के द्वारा धमकियाँ मिल दी जा रही हैं. इससे यह तो साफ़ हो गया हैं की खालिस्तानी आतंकवादी फिर से अपना सर उठाने लगे हैं. 2020 खालिस्तान रेफेरंडम का प्लान जिस तरह से उनका फेल हुआ हैं, वह उससे बौखला कर भारत में कुछ ऐसा करना चाहते हैं. जिससे वह विदेशी धरती पर यह दिखा सके की देखो भारत सीखो के साथ कितना अत्याचार होता हैं और इसीलिए हमें खालिस्तान चाहिए.