तो इसलिए ऑस्ट्रेलिया के हाई कमिश्नर ने की मोहन भागवत से मुलाक़ात

ऑस्ट्रेलिया के भारत में मजूद उच्चायुक्त बैरी ओ फरेल एओ महामारी के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा चलाये गए सेवा अभियान से इतने ज्यादा प्रभावित हुए की उन्होंने संघ मुख्यालय पहुंचकर सरसंघचालक मोहन भागवत जी से भेंट कर डाली और उन्होंने स्मृति मंदिर में माथा भी टेका. बताया जा रहा है की, ऑस्ट्रेलिया के भारत में मजूद उच्चायुक्त बैरी ओ फरेल एओ संघ के अन्य अभियानों के बारे में जानने के लिए भी उत्सुक थे. उनकी उत्सुकता को विराम लगाते हुए मोहन भागवत ने संघ द्वारा पूर्व में चलाये गए और अभी चल रहे सभी राहत कार्यों के बारे में विस्तार से बात की. मोहन भागवत से हुई इस मुलाक़ात के बाद उच्चायुक्त बैरी ओ फरेल एओ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ट्विटर पर एक पोस्ट करते हुए कहा की, "कोविड-19 के दौरान आरएसएस लगाार सक्रिय रहा है. मैने सरसंघचालक मोहन भागवत से भेंट की, जिन्होंने इन चुनौतीपूर्ण समय के दौरान राहत उपायों को साझा किया." आपको बता दें की यह कोई पहला मौका नहीं था जब संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत से कोई विदेशी राजदूत मिलने पहुंचा हो. इससे पहले जुलाई, 2019 में जर्मन राजदूत वाल्टर जे लिंडनर ने नागपुर के संघ मुख्यालय में मोहन भागवत से मुलाकात की थी. संघ मुख्यालय में काम करने वाले एक सूत्र का कहना है की, "संगठन इस दिशा में व्यापक आउटरीच कार्यक्रम चला आ रहा है. विदेशी पत्रकारों और राजनयिकों के साथ संघ संवाद पर जोर दे रहा है. ताकि संघ के बारे में दुनिया के लोग अधिक से अधिक जान सकें. इससे संघ को लेकर विरोधियों की ओर से फैलाई गईं गलतफहमियां भी दूर होंगी." जैसा की आप सब जानते हैं भारत में संघ को लेकर समाज दो भागों में बटा हुआ हैं, एक भाग संघ के किसी भी काम से खुश नहीं होता और उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर बिना किसी तथ्य या सचाई जाने दुरप्रचार करता हैं. वहीँ दूसरी तरफ ऐसे लोग हैं जो संघ से जुड़े तो नहीं हुए लेकिन उनके द्वारा किये जाने वाले कार्यों की वह सराहना करते हैं. ऐसे में संघ अब अपने प्रति फैली हुई गलत धारणाओं को दूर करने का प्रयास कर रहा हैं, ताकि बिखरा हुआ समाज फिर से एकजुट हो सके.
 

तो इसलिए ऑस्ट्रेलिया के हाई कमिश्नर ने की मोहन भागवत से मुलाक़ात

ऑस्ट्रेलिया के भारत में मजूद उच्चायुक्त बैरी ओ फरेल एओ महामारी के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा चलाये गए सेवा अभियान से इतने ज्यादा प्रभावित हुए की उन्होंने संघ मुख्यालय पहुंचकर सरसंघचालक मोहन भागवत जी से भेंट कर डाली और उन्होंने स्मृति मंदिर में माथा भी टेका. तो इसलिए ऑस्ट्रेलिया के हाई कमिश्नर ने की मोहन भागवत से मुलाक़ात बताया जा रहा है की, ऑस्ट्रेलिया के भारत में मजूद उच्चायुक्त बैरी ओ फरेल एओ संघ के अन्य अभियानों के बारे में जानने के लिए भी उत्सुक थे. उनकी उत्सुकता को विराम लगाते हुए मोहन भागवत ने संघ द्वारा पूर्व में चलाये गए और अभी चल रहे सभी राहत कार्यों के बारे में विस्तार से बात की. मोहन भागवत से हुई इस मुलाक़ात के बाद उच्चायुक्त बैरी ओ फरेल एओ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ट्विटर पर एक पोस्ट करते हुए कहा की, "कोविड-19 के दौरान आरएसएस लगाार सक्रिय रहा है. मैने सरसंघचालक मोहन भागवत से भेंट की, जिन्होंने इन चुनौतीपूर्ण समय के दौरान राहत उपायों को साझा किया." आपको बता दें की यह कोई पहला मौका नहीं था जब संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत से कोई विदेशी राजदूत मिलने पहुंचा हो. इससे पहले जुलाई, 2019 में जर्मन राजदूत वाल्टर जे लिंडनर ने नागपुर के संघ मुख्यालय में मोहन भागवत से मुलाकात की थी. संघ मुख्यालय में काम करने वाले एक सूत्र का कहना है की, "संगठन इस दिशा में व्यापक आउटरीच कार्यक्रम चला आ रहा है. विदेशी पत्रकारों और राजनयिकों के साथ संघ संवाद पर जोर दे रहा है. ताकि संघ के बारे में दुनिया के लोग अधिक से अधिक जान सकें. इससे संघ को लेकर विरोधियों की ओर से फैलाई गईं गलतफहमियां भी दूर होंगी." तो इसलिए ऑस्ट्रेलिया के हाई कमिश्नर ने की मोहन भागवत से मुलाक़ात जैसा की आप सब जानते हैं भारत में संघ को लेकर समाज दो भागों में बटा हुआ हैं, एक भाग संघ के किसी भी काम से खुश नहीं होता और उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर बिना किसी तथ्य या सचाई जाने दुरप्रचार करता हैं. वहीँ दूसरी तरफ ऐसे लोग हैं जो संघ से जुड़े तो नहीं हुए लेकिन उनके द्वारा किये जाने वाले कार्यों की वह सराहना करते हैं. ऐसे में संघ अब अपने प्रति फैली हुई गलत धारणाओं को दूर करने का प्रयास कर रहा हैं, ताकि बिखरा हुआ समाज फिर से एकजुट हो सके.