26 जनवरी को बड़े हमले की तैयारी करके आये तीनों आतंकी मार गिराए गए

जम्मू कश्मीर में पिछले 16 घंटे चली मुठभेड़ में सेना के जवानों ने 3 आतंकियों को मार गिराया. सेना ने खुलासा किया है की यह आतंकी 26 जनवरी के आस-पास एक बड़े हमले की तैयारी में जुटे हुए थे. आज यानी 30 दिसंबर को जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी किलो फोर्स) एचएस साही ने मीडिया को इसकी पूरी जानकारी दी. पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने बयान देते हुए कहा की, "ये आतंकी किस संगठन से हैं और इनकी पहचान क्या है, पुलिस इसका पता लगा रही है और जल्द ही इनकी पहचान बता दी जाएगी." उन्होंने बताया की हमें ख़ुफ़िया जांच एजेंसियों से रिपोर्ट मिली थी की श्रीनगर-बारामुला हाईवे पर कुछ आतंकी हमले की ताक में बैठे हुए हैं और इन्हें हाइवे के आस पास देखा भी गया हैं. उन्होंने बताया की हमने इस जानकारी को हलके में ना लेते हुए, सर्च अभियान शुरू किया. उसके बाद हमें पता चला की श्रीनगर बारामुला हाईवे पर स्थित एचएमटी क्षेत्र के लवेपोरा इलाके में नूरा अस्पताल के ठीक सामने वाले घर पर वह आतंकी छुपे हुए हैं. उन्होंने कहा हमने सेना की 2 आरआर बटालियन, पुलिस और सीआरपीएफ का संयुक्त दल नियुक्त कर मौके पर भेजा. इसके बाद सबसे पहले हमने आतंकियों को आत्मसमर्पण करने का मौका दिया, लेकिन आतंकियों ने आत्मसमर्पण करने की बजाए अंधाधुंध गोली दागना शुरू कर दिया. रात के अँधेरे में हमने ऑपरेशन रोक दिया लेकिन घेराव कम नहीं किया फिर सुबह होते ही हमने जवाबी कार्यवाही शुरू कर दी. जिसके बाद 11 बजकर 30 मिनट तक सभी तीन आतंकी मार गिराए. एचएस साही ने बताया की आतंकी हाइवे के पास की जगह इस लिए चुनते है ताकि हमले के बाद वह आसानी से भागकर भीड़भाड़ वाले इलाके में छुप सके. उन्होंने आगे बयान दिया की, "26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) आ रही है. आतंकी इस बीच बड़े हमले की योजना बना अपनी उपस्थिति जाहिर करना चाहते हैं लेकिन हम सतर्क हैं. उनकी सभी योजनाओं को विफल कर देंगे. मारे गए आतंकवादियों के पास से एक एके-47 राइफल, दो पिस्तौल और कुछ हथगोले बरामद किए गए हैं." जम्मू कश्मीर में इससे कुछ दिन पहले ही मेंढर सब डिवीजन में बालाकोट सेक्टर के डब्बी गाँव में एलओसी पर झाड़ियों में पड़े हुए 2 पिस्टल, 70 कारतूस और 2 ग्रेनेड अपने कब्ज़े में ले लिए थे. यह हथियार पाकिस्तानी थे, जिससे यह तो साफ़ है की हमले के पीछे बैठे आतंकियों के आका पाकिस्तान से कुछ प्लान बना रहें हैं.
 

26 जनवरी को बड़े हमले की तैयारी करके आये तीनों आतंकी मार गिराए गए

जम्मू कश्मीर में पिछले 16 घंटे चली मुठभेड़ में सेना के जवानों ने 3 आतंकियों को मार गिराया. सेना ने खुलासा किया है की यह आतंकी 26 जनवरी के आस-पास एक बड़े हमले की तैयारी में जुटे हुए थे. आज यानी 30 दिसंबर को जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी किलो फोर्स) एचएस साही ने मीडिया को इसकी पूरी जानकारी दी. 26 जनवरी को बड़े हमले की तैयारी करके आये तीनों आतंकी मार गिराए गए पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने बयान देते हुए कहा की, "ये आतंकी किस संगठन से हैं और इनकी पहचान क्या है, पुलिस इसका पता लगा रही है और जल्द ही इनकी पहचान बता दी जाएगी." उन्होंने बताया की हमें ख़ुफ़िया जांच एजेंसियों से रिपोर्ट मिली थी की श्रीनगर-बारामुला हाईवे पर कुछ आतंकी हमले की ताक में बैठे हुए हैं और इन्हें हाइवे के आस पास देखा भी गया हैं. उन्होंने बताया की हमने इस जानकारी को हलके में ना लेते हुए, सर्च अभियान शुरू किया. उसके बाद हमें पता चला की श्रीनगर बारामुला हाईवे पर स्थित एचएमटी क्षेत्र के लवेपोरा इलाके में नूरा अस्पताल के ठीक सामने वाले घर पर वह आतंकी छुपे हुए हैं. उन्होंने कहा हमने सेना की 2 आरआर बटालियन, पुलिस और सीआरपीएफ का संयुक्त दल नियुक्त कर मौके पर भेजा. इसके बाद सबसे पहले हमने आतंकियों को आत्मसमर्पण करने का मौका दिया, लेकिन आतंकियों ने आत्मसमर्पण करने की बजाए अंधाधुंध गोली दागना शुरू कर दिया. रात के अँधेरे में हमने ऑपरेशन रोक दिया लेकिन घेराव कम नहीं किया फिर सुबह होते ही हमने जवाबी कार्यवाही शुरू कर दी. जिसके बाद 11 बजकर 30 मिनट तक सभी तीन आतंकी मार गिराए. एचएस साही ने बताया की आतंकी हाइवे के पास की जगह इस लिए चुनते है ताकि हमले के बाद वह आसानी से भागकर भीड़भाड़ वाले इलाके में छुप सके. उन्होंने आगे बयान दिया की, "26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) आ रही है. आतंकी इस बीच बड़े हमले की योजना बना अपनी उपस्थिति जाहिर करना चाहते हैं लेकिन हम सतर्क हैं. उनकी सभी योजनाओं को विफल कर देंगे. मारे गए आतंकवादियों के पास से एक एके-47 राइफल, दो पिस्तौल और कुछ हथगोले बरामद किए गए हैं." 26 जनवरी को बड़े हमले की तैयारी करके आये तीनों आतंकी मार गिराए गए जम्मू कश्मीर में इससे कुछ दिन पहले ही मेंढर सब डिवीजन में बालाकोट सेक्टर के डब्बी गाँव में एलओसी पर झाड़ियों में पड़े हुए 2 पिस्टल, 70 कारतूस और 2 ग्रेनेड अपने कब्ज़े में ले लिए थे. यह हथियार पाकिस्तानी थे, जिससे यह तो साफ़ है की हमले के पीछे बैठे आतंकियों के आका पाकिस्तान से कुछ प्लान बना रहें हैं.