राहुल गांधी को कांग्रेस भी गंभीरता से नहीं लेती तो देश क्या लेगा: नरेंद्र सिंह तोमर

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और भविष्य में बनने वाले अध्यक्ष राहुल गांधी पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर तंज़ कसा हैं. आपको बता दें राहुल गांधी नए कृषि कानूनों और किसान आंदोलन को लेकर मोदी सरकार को घेरने का प्रयास कर रहे थे. ऐसे में वह राष्ट्रपति भवन से बाहर आने के बाद उन्होंने किसानों के समर्थन में कहा था की, "भारत के किसान ऐसी त्रासदी से बचने के लिए कृषि-विरोधी कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं. इस सत्याग्रह में हम सबको देश के अन्नदाता का साथ देना होगा." राहुल गांधी के इस बयान का पलटवार करते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा की, "अब मैं राहुल गांधी को कहना चाहता हूं कि 2019 में आपने जब अपना घोषणापत्र जारी किया उस समय आप झूठ बोल रहे थे या आप आज झूठ बोल रहे हैं. यह कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए." दरअसल 2019 में राहुल गांधी की पार्टी कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में लिखते हुए किसानों को आश्वासन दिया था की, "अगर राहुल गांधी को किसानों की इतनी चिंता थी तो जब उनकी सरकार थी, तब वह सरकार के माध्यम से कुछ न कुछ कर सकते थे. कांग्रेस का हमेशा से चरित्र किसान विरोधी रहा है. एपीएमसी को खत्म करेंगे और बिना टैक्स के किसानों की फसलों की खरीद हो यह सुनिश्चित करेंगे. कांट्रैक्ट फार्मिग को बढ़ावा दिया जाएगा और आवश्यक वस्तु अधिनियम को समाप्त करके उसको नया बनाया जाएगा." 20000 लोगों की भीड़ जुटाने में नाकाम रहने वाला पूरा विपक्ष और इस विपक्ष में सबसे बड़ी पार्टी बनी कांग्रेस यह दावा करती हुई नज़र आई की देश के 2 करोड़ किसानों ने उन्हें पत्र लिखकर इस बिल को वापिस करवाने की मांग की हैं. इसपर भी नरेंद्र सिंह तोमर ने बयान दिया की, "आज जब राहुल गांधी राष्ट्रपति के पास विरोध व्यक्त करने गए, तब मैंने इन किसानों से पूछा तो इन्होंने कहा कि कांग्रेस का कोई सदस्य इनसे दस्तखत कराने नहीं आया था." केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने विपक्षी पार्टियों की अफवाहों पर एक बार फिर से विराम लगाते हुए कहा की, "अगर राहुल गांधी को किसानों की इतनी चिंता थी तो जब उनकी सरकार थी, तब वह सरकार के माध्यम से कुछ न कुछ कर सकते थे. कांग्रेस का हमेशा से चरित्र किसान विरोधी रहा है."
 

राहुल गांधी को कांग्रेस भी गंभीरता से नहीं लेती तो देश क्या लेगा: नरेंद्र सिंह तोमर

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और भविष्य में बनने वाले अध्यक्ष राहुल गांधी पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर तंज़ कसा हैं. आपको बता दें राहुल गांधी नए कृषि कानूनों और किसान आंदोलन को लेकर मोदी सरकार को घेरने का प्रयास कर रहे थे. ऐसे में वह राष्ट्रपति भवन से बाहर आने के बाद उन्होंने किसानों के समर्थन में कहा था की, "भारत के किसान ऐसी त्रासदी से बचने के लिए कृषि-विरोधी कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं. इस सत्याग्रह में हम सबको देश के अन्नदाता का साथ देना होगा." राहुल गांधी को कांग्रेस भी गंभीरता से नहीं लेती तो देश क्या लेगा: नरेंद्र सिंह तोमर राहुल गांधी के इस बयान का पलटवार करते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा की, "अब मैं राहुल गांधी को कहना चाहता हूं कि 2019 में आपने जब अपना घोषणापत्र जारी किया उस समय आप झूठ बोल रहे थे या आप आज झूठ बोल रहे हैं. यह कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए." दरअसल 2019 में राहुल गांधी की पार्टी कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में लिखते हुए किसानों को आश्वासन दिया था की, "अगर राहुल गांधी को किसानों की इतनी चिंता थी तो जब उनकी सरकार थी, तब वह सरकार के माध्यम से कुछ न कुछ कर सकते थे. कांग्रेस का हमेशा से चरित्र किसान विरोधी रहा है. एपीएमसी को खत्म करेंगे और बिना टैक्स के किसानों की फसलों की खरीद हो यह सुनिश्चित करेंगे. कांट्रैक्ट फार्मिग को बढ़ावा दिया जाएगा और आवश्यक वस्तु अधिनियम को समाप्त करके उसको नया बनाया जाएगा." 20000 लोगों की भीड़ जुटाने में नाकाम रहने वाला पूरा विपक्ष और इस विपक्ष में सबसे बड़ी पार्टी बनी कांग्रेस यह दावा करती हुई नज़र आई की देश के 2 करोड़ किसानों ने उन्हें पत्र लिखकर इस बिल को वापिस करवाने की मांग की हैं. इसपर भी नरेंद्र सिंह तोमर ने बयान दिया की, "आज जब राहुल गांधी राष्ट्रपति के पास विरोध व्यक्त करने गए, तब मैंने इन किसानों से पूछा तो इन्होंने कहा कि कांग्रेस का कोई सदस्य इनसे दस्तखत कराने नहीं आया था." राहुल गांधी को कांग्रेस भी गंभीरता से नहीं लेती तो देश क्या लेगा: नरेंद्र सिंह तोमर केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने विपक्षी पार्टियों की अफवाहों पर एक बार फिर से विराम लगाते हुए कहा की, "अगर राहुल गांधी को किसानों की इतनी चिंता थी तो जब उनकी सरकार थी, तब वह सरकार के माध्यम से कुछ न कुछ कर सकते थे. कांग्रेस का हमेशा से चरित्र किसान विरोधी रहा है."