शिवसेना नेता, बीएमसी ठेकेदार दे रहे धमकियाँ सोशल मीडिया पर वायरल हुआ क्लिप

जिस राज्य में राजनेता ही अधिकारीयों को धमकी देने लगे तो वहां के आम लोगों का क्या हाल होता होगा यह सोच कर भी डर लगता हैं. हालाँकि अगर वह राज्य बीजेपी शासित न हो तो वामपंथी मीडिया, लोकतंत्र बचाओ गैंग, आज़ादी गैंग, अवार्ड वापसी गैंग और टुकड़े टुकड़े गैंग आदि सब शांत बैठे रहते हैं. ऐसा ही एक और मामला महाराष्ट्र से आ रहा हैं, जहाँ पर शिवसेना नेता और बीएमसी में स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन यशवंत जाधव, BMC के एक ठेकेदार को को धमकियाँ दे रहें हैं. इन धमकियों का ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर पूरी तरह से वायरल हो गया हैं. ऊपर से 2022 की ही शुरुआत में BMC चुनाव भी हैं और इस वजह से बीजेपी ने इस ऑडियो क्लिप पर अपनी राजनीती भी तेज़ कर दी हैं. महाराष्ट्र में बीजेपी ने शिवसेना नेता यशवंत जाधव के इस्तीफे की मांग कर डाली हैं. शिवसेना का नेता यशवंत जाधव ऑडियो कॉल में कांट्रेक्टर को बोल रहा है की, "मेरा मैसेज मिला कि नहीं? आपको सिस्टम मालूम है कि नहीं? क्यों मेरे इधर काम कर रहे हो, आप विड्रॉ कर लो." यह पूरा ऑडियो क्लिप बीएमसी में स्टैंडिंग कमिटी के चेयरमैन यशवंत जाधव और बीएमसी में ठेकेदार यश कॉरपोरेशन के बीच में हुई वार्तालाप का हैं. आपको बता दें की यश कॉरपोरेशन को बीएमसी में ई-टेंडर के जरिए मुंबई के ई-वॉर्ड में 2.17 करोड़ रुपये का रोड कॉन्ट्रैक्ट मिला हैं. अब ई-टेंडर तो उसे ही मिलता है जिसने सबसे कम बिड किया हो, सरकार या फिर बीएमसी में स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन इसे सीधे तौर पर कैंसिल नहीं कर सकते वर्ना वह विपक्ष और जनता के सवालों से घिर जाएगी. लेकिन अगर क्या हो जिसे कॉन्ट्रैक्ट मिला वही काम करने से मना कर दे? ऐसे में BMC का चेयरमैन छाती चौड़ी करके कहेगा उन्होंने काम करने से मना कर दिया इसलिए हमने इस कॉन्ट्रैक्ट को अपने ईमानदार रिश्तेदार, दोस्त, जान पहचान वाले आदि को दे दिया हैं. न कोई सवाल होगा और न ही भ्रष्टाचार का जवाब देना होगा क्योंकि चयन तो ई-टेंडर के जरिये नियमों के अनुसार हुआ हैं. ऐसे में यह तो साफ़ है की जो बीएमसी में स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन, कांट्रेक्टर को धमकियाँ दे रहा हैं वह किसी अपने को वह काम सौंपना चाहता था. अब क्योंकि ई-टेंडर का जमाना है तो वह यह काम कर नहीं सका और इसीलिए उसने गुंडा स्टाइल में सीधा फ़ोन पर धमकी देते हुए कांट्रेक्टर को अपना नाम वापिस लेने के लिए कहा हैं.
 

शिवसेना नेता, बीएमसी ठेकेदार दे रहे धमकियाँ सोशल मीडिया पर वायरल हुआ क्लिप

जिस राज्य में राजनेता ही अधिकारीयों को धमकी देने लगे तो वहां के आम लोगों का क्या हाल होता होगा यह सोच कर भी डर लगता हैं. हालाँकि अगर वह राज्य बीजेपी शासित न हो तो वामपंथी मीडिया, लोकतंत्र बचाओ गैंग, आज़ादी गैंग, अवार्ड वापसी गैंग और टुकड़े टुकड़े गैंग आदि सब शांत बैठे रहते हैं. शिवसेना नेता, बीएमसी ठेकेदार दे रहे धमकियाँ सोशल मीडिया पर वायरल हुआ क्लिप ऐसा ही एक और मामला महाराष्ट्र से आ रहा हैं, जहाँ पर शिवसेना नेता और बीएमसी में स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन यशवंत जाधव, BMC के एक ठेकेदार को को धमकियाँ दे रहें हैं. इन धमकियों का ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर पूरी तरह से वायरल हो गया हैं. ऊपर से 2022 की ही शुरुआत में BMC चुनाव भी हैं और इस वजह से बीजेपी ने इस ऑडियो क्लिप पर अपनी राजनीती भी तेज़ कर दी हैं. महाराष्ट्र में बीजेपी ने शिवसेना नेता यशवंत जाधव के इस्तीफे की मांग कर डाली हैं. शिवसेना का नेता यशवंत जाधव ऑडियो कॉल में कांट्रेक्टर को बोल रहा है की, "मेरा मैसेज मिला कि नहीं? आपको सिस्टम मालूम है कि नहीं? क्यों मेरे इधर काम कर रहे हो, आप विड्रॉ कर लो." यह पूरा ऑडियो क्लिप बीएमसी में स्टैंडिंग कमिटी के चेयरमैन यशवंत जाधव और बीएमसी में ठेकेदार यश कॉरपोरेशन के बीच में हुई वार्तालाप का हैं. आपको बता दें की यश कॉरपोरेशन को बीएमसी में ई-टेंडर के जरिए मुंबई के ई-वॉर्ड में 2.17 करोड़ रुपये का रोड कॉन्ट्रैक्ट मिला हैं. अब ई-टेंडर तो उसे ही मिलता है जिसने सबसे कम बिड किया हो, सरकार या फिर बीएमसी में स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन इसे सीधे तौर पर कैंसिल नहीं कर सकते वर्ना वह विपक्ष और जनता के सवालों से घिर जाएगी. लेकिन अगर क्या हो जिसे कॉन्ट्रैक्ट मिला वही काम करने से मना कर दे? ऐसे में BMC का चेयरमैन छाती चौड़ी करके कहेगा उन्होंने काम करने से मना कर दिया इसलिए हमने इस कॉन्ट्रैक्ट को अपने ईमानदार रिश्तेदार, दोस्त, जान पहचान वाले आदि को दे दिया हैं. न कोई सवाल होगा और न ही भ्रष्टाचार का जवाब देना होगा क्योंकि चयन तो ई-टेंडर के जरिये नियमों के अनुसार हुआ हैं. शिवसेना नेता, बीएमसी ठेकेदार दे रहे धमकियाँ सोशल मीडिया पर वायरल हुआ क्लिप ऐसे में यह तो साफ़ है की जो बीएमसी में स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन, कांट्रेक्टर को धमकियाँ दे रहा हैं वह किसी अपने को वह काम सौंपना चाहता था. अब क्योंकि ई-टेंडर का जमाना है तो वह यह काम कर नहीं सका और इसीलिए उसने गुंडा स्टाइल में सीधा फ़ोन पर धमकी देते हुए कांट्रेक्टर को अपना नाम वापिस लेने के लिए कहा हैं.