शुभेंदु अधिकारी के इस खुलासे ने पश्चिम बंगाल में बदल दी पूरी राजनीती

पश्चिम बंगाल में अगले कुछ महीनों में चुनाव होने वाले हैं, इन विधानसभा चुनावों में ममता बनर्जी की हार फिलहाल तय मानी जा रही हैं. बीजेपी (BJP) एक बड़ी जीत की और बढ़ रही हैं, अगर सब कुछ सही रहा तो बीजेपी पहली बार पश्चमी बंगाल (West Bengal) में कमल का फूल खिलाने में कामयाब हो सकती हैं. ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को बाहर से कांग्रेस (Congress) और लेफ्ट (Left) का भी साथ मिल रहा हैं. लेकिन ममता बनर्जी के लिए दिक्कत असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) खड़ी कर रहा हैं जो मुस्लिम वोट सीधे तौर पर काटने की तैयारी में हैं. हिन्दू वोट की काट के लिए शिवसेना (Shivsena) ने भी पश्चमी बंगाल में विधानसभा चुनाव में उतरने का फैसला किया हैं, लेकिन उससे इतना फरक नहीं पड़ेगा जितना ओवैसी की पार्टी से ममता बनर्जी को पड़ रहा हैं. ऐसे में पश्चमी बंगाल के अमित शाह (Amit Shah) कहे जाने वाले पश्चिम बंगाल ने ऐसा ब्यान दिया है की पश्चमी बंगाल की राजनीती में यह मास्टर स्ट्रोक बन सकता हैं. तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) से भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) में आने वाले शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) ने ममता बनर्जी द्वारा 'जय श्री राम' के नारों पर क्रोधित होने पर जमकर आलोचना की हैं. बंगाल के पूर्वी मिदनापुर की सड़क पर एक रैली में शुभेंदु अधिकारी ने ब्यान देते हुए कहा है की, "पश्चमी बंगाल के जिन इलाकों में हिन्दुवों की संख्या कम हैं, वहां गुंडागर्दी यानी अराजकता ज्यादा हैं." शुभेंदु अधिकारी का यह ब्यान दर्शाता है की पश्चमी बंगाल में मुस्लिम तुष्टिकरण की वजह से राज्य के हालात क्या हैं. शुभेंदु अधिकारी ने अपने ब्यान में आगे कहा की, "बंगाल में हिन्दुओं को टारगेट किया जा रहा है. बंगाल में हालात ठीक नहीं है, ऐसे में यहां अभी की अभी सेंट्रल फोर्सेज तैनात की जाए." उन्होंने ममता बनर्जी द्वारा 'जय श्री राम' के नारे के विरोध को भी मुस्लिम तुष्टिकरण ठहरा दिया हैं. उन्होंने कहा की तृणमूल कांग्रेस के नेता के आदेश पर मुस्लिम गुंडों पर एफआईआर (FIR) तक दर्ज़ नहीं होने दी जाती कार्यवाही करनी तो दूर की बात हैं. शुभेंदु अधिकारी और ममता बनर्जी की जोड़ी अमित शाह और नरेंद्र मोदी जी की तरह थी, लेकिन भतीजावाद और तुष्टिकरण की राजनीती से तंग आकर उन्होंने चुनाव से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी का दामन धाम लिया था.
 

शुभेंदु अधिकारी के इस खुलासे ने पश्चिम बंगाल में बदल दी पूरी राजनीती

पश्चिम बंगाल में अगले कुछ महीनों में चुनाव होने वाले हैं, इन विधानसभा चुनावों में ममता बनर्जी की हार फिलहाल तय मानी जा रही हैं. बीजेपी (BJP) एक बड़ी जीत की और बढ़ रही हैं, अगर सब कुछ सही रहा तो बीजेपी पहली बार पश्चमी बंगाल (West Bengal) में कमल का फूल खिलाने में कामयाब हो सकती हैं. शुभेंदु अधिकारी के इस खुलासे ने पश्चिम बंगाल में बदल दी पूरी राजनीती ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को बाहर से कांग्रेस (Congress) और लेफ्ट (Left) का भी साथ मिल रहा हैं. लेकिन ममता बनर्जी के लिए दिक्कत असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) खड़ी कर रहा हैं जो मुस्लिम वोट सीधे तौर पर काटने की तैयारी में हैं. हिन्दू वोट की काट के लिए शिवसेना (Shivsena) ने भी पश्चमी बंगाल में विधानसभा चुनाव में उतरने का फैसला किया हैं, लेकिन उससे इतना फरक नहीं पड़ेगा जितना ओवैसी की पार्टी से ममता बनर्जी को पड़ रहा हैं. ऐसे में पश्चमी बंगाल के अमित शाह (Amit Shah) कहे जाने वाले पश्चिम बंगाल ने ऐसा ब्यान दिया है की पश्चमी बंगाल की राजनीती में यह मास्टर स्ट्रोक बन सकता हैं. तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) से भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) में आने वाले शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) ने ममता बनर्जी द्वारा 'जय श्री राम' के नारों पर क्रोधित होने पर जमकर आलोचना की हैं. बंगाल के पूर्वी मिदनापुर की सड़क पर एक रैली में शुभेंदु अधिकारी ने ब्यान देते हुए कहा है की, "पश्चमी बंगाल के जिन इलाकों में हिन्दुवों की संख्या कम हैं, वहां गुंडागर्दी यानी अराजकता ज्यादा हैं." शुभेंदु अधिकारी का यह ब्यान दर्शाता है की पश्चमी बंगाल में मुस्लिम तुष्टिकरण की वजह से राज्य के हालात क्या हैं. शुभेंदु अधिकारी ने अपने ब्यान में आगे कहा की, "बंगाल में हिन्दुओं को टारगेट किया जा रहा है. बंगाल में हालात ठीक नहीं है, ऐसे में यहां अभी की अभी सेंट्रल फोर्सेज तैनात की जाए." उन्होंने ममता बनर्जी द्वारा 'जय श्री राम' के नारे के विरोध को भी मुस्लिम तुष्टिकरण ठहरा दिया हैं. शुभेंदु अधिकारी के इस खुलासे ने पश्चिम बंगाल में बदल दी पूरी राजनीती उन्होंने कहा की तृणमूल कांग्रेस के नेता के आदेश पर मुस्लिम गुंडों पर एफआईआर (FIR) तक दर्ज़ नहीं होने दी जाती कार्यवाही करनी तो दूर की बात हैं. शुभेंदु अधिकारी और ममता बनर्जी की जोड़ी अमित शाह और नरेंद्र मोदी जी की तरह थी, लेकिन भतीजावाद और तुष्टिकरण की राजनीती से तंग आकर उन्होंने चुनाव से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी का दामन धाम लिया था.