किसान आंदोलन के बीच चीन कर रहा है युद्ध की तैयारी, तो क्या यही चाहते है वामपंथी

एक तरफ भारत में किसान आंदोलन के नाम पर दिल्ली का संसद भवन घेरने की तैयारी हो रही हैं. दूसरी तरफ चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) अपनी सेना को हर प्रकार के युद्ध के लिए तैयार रहने को बोल दिया हैं. अमेरिका पहले ही दंगों की चपेट में आ चूका हैं, ऐसे में वह अपना देश देखेगा या भारत की मदद करेगा. भारत के साथ सीमा विवाद के चलते न चीनी पीछे हटने को तैयार हैं और न ही भारतीय सेना अपनी भूमि का एक इंच छोड़ने को तैयार हैं. कुछ दिन पहले भारतीय सरकार ने भी युद्ध के मध्यनज़र सेना को 50000 करोड़ रूपए का बजट दिया था और हथ्यार खरीदने की छूट प्रदान की थी. आपको बता दें की हांगकांग के अखबार साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने साफ़ तौर पर सन्देश देते हुए कहा है की चीन के राष्ट्रपति ने अपनी सेना PLA को हर प्रकार के और हर समय युद्ध के लिए खुद को तैयार रखने के लिए कहा हैं. चीन के राष्ट्रपति ने प्रशिक्षण में टेक्नॉलजी के इस्तेमाल को लेकर भी बात कही हैं. बताया जा रहा है की दक्षिण चीन सागर में चीन ताइवान को डराने और अमेरिका को रोकने के लिए युद्ध अभ्यास पर जोर दे रहा हैं. इन युद्ध अभ्यासों में वह अपनी ताकत दिखाकर भारत और अमेरिका को चीनी सागर में अपना दबदबा कम करने का सन्देश दे रहा हैं. तो सवाल उठता है की क्या चीन सच में भारत पर हमला करने की योजना बना रहा हैं. तो रक्षा विशेषज्ञों का कहना है की हो सकता हैं, दरअसल अमेरिका इस वक़्त दंगों की चपेट में हैं, भारत में भी किसान आंदोलन के नाम पर हिंसा भड़काने की योजना शुरू है. जिसका पहला चरण 26 जनवरी को संसद घेराव में देखने को मिल सकता हैं. ऐसे में भारत जब अपनी कानूनी स्थिति बरकरार रखने के लिए सेना को भारत के अंदरूनी मामलों में उतारना पड़ेगा तो चीन इसका फायदा बॉर्डर पर उठा सकता हैं. इस स्थिति में भारत के पास दो ही रास्ते होंगे या तो वह सेना को बॉर्डर पर भेजे या फिर भारत में गृह युद्ध छिड़ने से रोके. दरअसल रक्षा विषेशज्ञों का मानना है की जब भी युद्ध होगा भारत को पाकिस्तान और चीन दोनों का एक साथ सामना करना पड़ेगा, ऐसे में स्थितियां नाज़ुक बनी हुई हैं.
 

किसान आंदोलन के बीच चीन कर रहा है युद्ध की तैयारी, तो क्या यही चाहते है वामपंथी

एक तरफ भारत में किसान आंदोलन के नाम पर दिल्ली का संसद भवन घेरने की तैयारी हो रही हैं. दूसरी तरफ चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) अपनी सेना को हर प्रकार के युद्ध के लिए तैयार रहने को बोल दिया हैं. अमेरिका पहले ही दंगों की चपेट में आ चूका हैं, ऐसे में वह अपना देश देखेगा या भारत की मदद करेगा. किसान आंदोलन के बीच चीन कर रहा है युद्ध की तैयारी, तो क्या यही चाहते है वामपंथी भारत के साथ सीमा विवाद के चलते न चीनी पीछे हटने को तैयार हैं और न ही भारतीय सेना अपनी भूमि का एक इंच छोड़ने को तैयार हैं. कुछ दिन पहले भारतीय सरकार ने भी युद्ध के मध्यनज़र सेना को 50000 करोड़ रूपए का बजट दिया था और हथ्यार खरीदने की छूट प्रदान की थी. आपको बता दें की हांगकांग के अखबार साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने साफ़ तौर पर सन्देश देते हुए कहा है की चीन के राष्ट्रपति ने अपनी सेना PLA को हर प्रकार के और हर समय युद्ध के लिए खुद को तैयार रखने के लिए कहा हैं. चीन के राष्ट्रपति ने प्रशिक्षण में टेक्नॉलजी के इस्तेमाल को लेकर भी बात कही हैं. बताया जा रहा है की दक्षिण चीन सागर में चीन ताइवान को डराने और अमेरिका को रोकने के लिए युद्ध अभ्यास पर जोर दे रहा हैं. इन युद्ध अभ्यासों में वह अपनी ताकत दिखाकर भारत और अमेरिका को चीनी सागर में अपना दबदबा कम करने का सन्देश दे रहा हैं. तो सवाल उठता है की क्या चीन सच में भारत पर हमला करने की योजना बना रहा हैं. तो रक्षा विशेषज्ञों का कहना है की हो सकता हैं, दरअसल अमेरिका इस वक़्त दंगों की चपेट में हैं, भारत में भी किसान आंदोलन के नाम पर हिंसा भड़काने की योजना शुरू है. जिसका पहला चरण 26 जनवरी को संसद घेराव में देखने को मिल सकता हैं. ऐसे में भारत जब अपनी कानूनी स्थिति बरकरार रखने के लिए सेना को भारत के अंदरूनी मामलों में उतारना पड़ेगा तो चीन इसका फायदा बॉर्डर पर उठा सकता हैं. किसान आंदोलन के बीच चीन कर रहा है युद्ध की तैयारी, तो क्या यही चाहते है वामपंथी इस स्थिति में भारत के पास दो ही रास्ते होंगे या तो वह सेना को बॉर्डर पर भेजे या फिर भारत में गृह युद्ध छिड़ने से रोके. दरअसल रक्षा विषेशज्ञों का मानना है की जब भी युद्ध होगा भारत को पाकिस्तान और चीन दोनों का एक साथ सामना करना पड़ेगा, ऐसे में स्थितियां नाज़ुक बनी हुई हैं.