चालबाज़ चीन का USB कनेक्टर पूरी दुनिया के लिए बन चूका है सरदर्द

चीन और अमेरिका भले ही कूटनीतिक नजरिए से लगभग 42 साल से एक दूसरे के साथ अच्छे से रिश्ते कायम किये हुए हैं. लेकिन जब बात विश्व शक्ति बनाने की आती है तो दुनिया की यह दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं वैश्विक स्तर एक दूसरे के सामने ही खड़ी नज़र आती हैं. 5G की Technology हम इंसानों के लिए एक नए युग से कम नहीं हैं. 5G आने के साथ ही 4G और उससे जुड़े Products तेज़ी से कबाड़ बनने शुरू हो जाएंगे. 5G केवल Internet की तेज़ स्पीड के साथ-साथ इंसानों को Technology के और पास लाकर खड़ा कर देगी, उदाहरण के लिए Self Driving Vehicle, Voice Control Lights, Bulb, Switch, Fans आदि. यह चीज़े आज भी उपलब्ध है लेकिन अभी इंटरनेट की टेक्नोलॉजी उस स्तर पर काम नहीं करती की यह सारे उपकरण बिना किसी दिक्कत के चल सके. ऐसे में 5G टेक्नोलॉजी के आने के साथ ही हम जल्द ही इन उपकरणों को घर-घर में आम होते हुए देख सकेंगे. 5G के बाद इन उपकरणों की डिमांड भी बढ़ेगी ऐसे में चीन उसी काम को दुबारा दोहराना चाहता है जो उसने 4G के समय पर किया था. 4G टेक्नोलॉजी आने के साथ ही दुनिया भर में मजूद 70 प्रतिशत मोबाइल मार्किट में अपना कब्ज़ा कर चूका था. लेकिन 5G के साथ केवल मोबाइल ही नहीं, वह वॉइस कंट्रोल उपकरण जैसे पंखे, लाइट, बल्ब, स्विच आदि की मार्किट पर नज़रे गड़ाए बैठा हैं. अब यह कैसे हो सकता है? और पूरी दुनिया किस तरह से चीन से परेशान है, उसका उदहारण हम एक USB से समझ सकते हैं. दुनिया भर में तमाम तरह के देश और कंपनियां है जो तरह-तरह के उपकरण बनाती हैं. लेकिन मोबाइल से लैपटॉप या फिर कंप्यूटर में आपको डाटा ट्रांसफर करना हो तो आप सबसे पहले USB पोर्ट को खोजेंगे. जिस वजह से दूसरी कंपनियों को भी अपने प्रोडक्ट ऐसे बनाने पड़ते हैं, जिनमे USB का पोर्ट हो. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और 5G जैसे क्षेत्रों के लिए चाइना स्टैंडर्ड 2035 की तैयारी में जुट चूका हैं. अमेरिका के तमाम प्रतिबन्ध लगाए जाने के बावजूद चीन की हुवावे (Huawei) नाम की कंपनी 5G के सबसे ज्यादा पेटेंट रजिस्टर करने वाली कंपनी बन चुकी हैं. यानी अगर आप हुवावे (Huawei) का सामान न भी लें, लेकिन उसकी पेटेंट रजिस्टर टेक्नोलॉजी को इस्तेमाल करने के लिए आपको उसे रॉयल्टी तो देनी ही पड़ेगी.
 

चालबाज़ चीन का USB कनेक्टर पूरी दुनिया के लिए बन चूका है सरदर्द

चीन और अमेरिका भले ही कूटनीतिक नजरिए से लगभग 42 साल से एक दूसरे के साथ अच्छे से रिश्ते कायम किये हुए हैं. लेकिन जब बात विश्व शक्ति बनाने की आती है तो दुनिया की यह दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं वैश्विक स्तर एक दूसरे के सामने ही खड़ी नज़र आती हैं. चालबाज़ चीन का USB कनेक्टर पूरी दुनिया के लिए बन चूका है सरदर्द 5G की Technology हम इंसानों के लिए एक नए युग से कम नहीं हैं. 5G आने के साथ ही 4G और उससे जुड़े Products तेज़ी से कबाड़ बनने शुरू हो जाएंगे. 5G केवल Internet की तेज़ स्पीड के साथ-साथ इंसानों को Technology के और पास लाकर खड़ा कर देगी, उदाहरण के लिए Self Driving Vehicle, Voice Control Lights, Bulb, Switch, Fans आदि. यह चीज़े आज भी उपलब्ध है लेकिन अभी इंटरनेट की टेक्नोलॉजी उस स्तर पर काम नहीं करती की यह सारे उपकरण बिना किसी दिक्कत के चल सके. ऐसे में 5G टेक्नोलॉजी के आने के साथ ही हम जल्द ही इन उपकरणों को घर-घर में आम होते हुए देख सकेंगे. 5G के बाद इन उपकरणों की डिमांड भी बढ़ेगी ऐसे में चीन उसी काम को दुबारा दोहराना चाहता है जो उसने 4G के समय पर किया था. 4G टेक्नोलॉजी आने के साथ ही दुनिया भर में मजूद 70 प्रतिशत मोबाइल मार्किट में अपना कब्ज़ा कर चूका था. लेकिन 5G के साथ केवल मोबाइल ही नहीं, वह वॉइस कंट्रोल उपकरण जैसे पंखे, लाइट, बल्ब, स्विच आदि की मार्किट पर नज़रे गड़ाए बैठा हैं. अब यह कैसे हो सकता है? और पूरी दुनिया किस तरह से चीन से परेशान है, उसका उदहारण हम एक USB से समझ सकते हैं. दुनिया भर में तमाम तरह के देश और कंपनियां है जो तरह-तरह के उपकरण बनाती हैं. लेकिन मोबाइल से लैपटॉप या फिर कंप्यूटर में आपको डाटा ट्रांसफर करना हो तो आप सबसे पहले USB पोर्ट को खोजेंगे. जिस वजह से दूसरी कंपनियों को भी अपने प्रोडक्ट ऐसे बनाने पड़ते हैं, जिनमे USB का पोर्ट हो. चालबाज़ चीन का USB कनेक्टर पूरी दुनिया के लिए बन चूका है सरदर्द आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और 5G जैसे क्षेत्रों के लिए चाइना स्टैंडर्ड 2035 की तैयारी में जुट चूका हैं. अमेरिका के तमाम प्रतिबन्ध लगाए जाने के बावजूद चीन की हुवावे (Huawei) नाम की कंपनी 5G के सबसे ज्यादा पेटेंट रजिस्टर करने वाली कंपनी बन चुकी हैं. यानी अगर आप हुवावे (Huawei) का सामान न भी लें, लेकिन उसकी पेटेंट रजिस्टर टेक्नोलॉजी को इस्तेमाल करने के लिए आपको उसे रॉयल्टी तो देनी ही पड़ेगी.