डासना की सच्चाई से आप भी अनजान होंगे देखिए यह ग्राउंड रिपोर्टिंग, यति नरसिंहानंद सरस्वती के साथ

गाजियाबाद की डासना मंदिर का मामला तूल पकड़ता जा रहा है! हाल ही में मंदिर के पुजारियों ने बताया था कि आखिरकार आसिफ पानी पीने के लिए अंदर ही क्यों जा रहा था जब मंदिर के बाहर पानी की व्यवस्था थी! यही नहीं बल्कि पुजारी ने यहां तक बताया था कि यह लो पहले मंदिर में घुस आते हैं और फिर कुछ कीमती सामान उठाकर ले जाते हैं! वहीं इसके बाद बहुजन समाज पार्टी के विधायक असलम चौधरी की भी प्रतिक्रिया सामने आई थी जिन्होंने जुम्मे की नमाज के बाद मंदिर में आने का दावा किया था! हालांकि उसके बाद असलम चौधरी अपने बयान से पलट गए उनका कहना था कि उनका इस प्रकार का कोई भी मकसद नहीं है और राज्य के अंदर शांति भंग करने का उनका कोई इरादा नहीं है! लेकिन इस बीच हमारे पार्टनर Onews ने इस मामले में राउंड रिपोर्टिंग की है! रिपोर्टिंग में यति नरसिंहानंद सरस्वती के साथ वार्तालाप की गई है और इस पूरे मुद्दे को अच्छे से समझा गया है! जिसमें कि उनका कहना है कि कुछ अंधे लोग हैं जो कि सच्चाई को देखना ही नहीं चाहते और उन्हें हमें यहां पर षड्यंत्र कारी सिद्ध करना है! यही नहीं बल्कि सरस्वती जी ने लगाए गए बोर्ड के लिए भी अपनी प्रतिक्रिया दी है आखिरकार ऐसा क्यों किया गया? तो सुन लीजिए उन्ही के मुंह से- [embed]https://www.youtube.com/watch?v=H6VBFkx8t0g[/embed]
 

डासना की सच्चाई से आप भी अनजान होंगे देखिए यह ग्राउंड रिपोर्टिंग, यति नरसिंहानंद सरस्वती के साथ

गाजियाबाद की डासना मंदिर का मामला तूल पकड़ता जा रहा है! हाल ही में मंदिर के पुजारियों ने बताया था कि आखिरकार आसिफ पानी पीने के लिए अंदर ही क्यों जा रहा था जब मंदिर के बाहर पानी की व्यवस्था थी! यही नहीं बल्कि पुजारी ने यहां तक बताया था कि यह लो पहले मंदिर में घुस आते हैं और फिर कुछ कीमती सामान उठाकर ले जाते हैं! वहीं इसके बाद बहुजन समाज पार्टी के विधायक असलम चौधरी की भी प्रतिक्रिया सामने आई थी जिन्होंने जुम्मे की नमाज के बाद मंदिर में आने का दावा किया था! हालांकि उसके बाद असलम चौधरी अपने बयान से पलट गए उनका कहना था कि उनका इस प्रकार का कोई भी मकसद नहीं है और राज्य के अंदर शांति भंग करने का उनका कोई इरादा नहीं है! लेकिन इस बीच हमारे पार्टनर Onews ने इस मामले में राउंड रिपोर्टिंग की है! रिपोर्टिंग में यति नरसिंहानंद सरस्वती के साथ वार्तालाप की गई है और इस पूरे मुद्दे को अच्छे से समझा गया है! जिसमें कि उनका कहना है कि कुछ अंधे लोग हैं जो कि सच्चाई को देखना ही नहीं चाहते और उन्हें हमें यहां पर षड्यंत्र कारी सिद्ध करना है! यही नहीं बल्कि सरस्वती जी ने लगाए गए बोर्ड के लिए भी अपनी प्रतिक्रिया दी है आखिरकार ऐसा क्यों किया गया? तो सुन लीजिए उन्ही के मुंह से- [embed]https://www.youtube.com/watch?v=H6VBFkx8t0g[/embed]