अगर आप RTI के दीवाने हो तो जरूर पढ़ ले क्योकि इस एग्जाम में अब इसका प्रयोग नहीं कर पाओगे…

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RTI Mystery: अगर आप RTI के दीवाने हो तो जरूर पढ़ ले क्योकि इस एग्जाम में अब इसका प्रयोग नहीं कर पाओगे… सिविल सेवा परीक्षाओं (Civil exam) के स्केल किए गए अंक अब जांच के अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत नहीं बताए जा सकेंगे! SC (Supreme court) ने दिल्ली हाईकोर्ट के एक पांच साल पुराने फैसले को खारिज़ कर दिया है! दिल्ली HC (High court) के इस फैसले में संघ लोक सेवा आयोग को निर्देश दिया था! कि वो सिविल सर्विस के प्रिलिम्स परीक्षा में परिक्षार्थियों की ओर से अर्जित अंकों को सार्वजनिक करे!

RTI Mystery-

जस्टिस आदर्श के गोयल (Justic adrash k. goyal) और उदय यू ललित (Udau U. Lalit) की बेंच ने इस मामले पर अपना पक्ष रखते हुए कहा! कि अंकों को सार्वजनिक करने का गहरा नक़रात्मक (Negative) असर मूल्यांकन प्रक्रिया पर पड़ सकता है! इससे ना केवल प्रतिष्ठा बल्कि सिस्टम की अखंडता के साथ समझौता करने के बराबर होगा!

अन्य शैक्षणिक निकायों की परीक्षाओं की स्थिति अलग-अलग स्तर पर खड़ी हो सकती है! कच्चे अंक प्रस्तुत करने से UPSC (Union Public staff commission) द्वारा उपरोक्त जाहिर किए गए मुद्दों की वजह से समस्याएं पैदा हो सकती हैं जो कि सार्वजनिक हित में नहीं होगी!’

हालांकि, खंडपीठ ने कहा कि अगर कोई मामला सामने आया है, जहां न्यायालय को पता चलता है! कि सार्वजनिक हित में जानकारी देने की आवश्यकता है, तो court निश्चित रूप से ऐसा करने के लिए हकदार है!

दिल्ली HC के नज़रिए को खारिज़ करते हुए बेंच ने कहा, ‘अगर नियम या कार्यप्रणाली के तहत ऐसा जरूरी है! ज़ाहिर है कि ऐसे नियम या प्रक्रिया लागू की जा सकती है! लेकिन इस मामले में सभी पहलुओं पर विचार किए बगैर निर्देश जारी किए गए हैं!’

SC ने कहा, ‘सूचना का अधिकार, जनहित, सरकार के कुशल कामकाज, वित्तीय संसाधनों का बेहतर उपयोग और संवेदनशील जानकारी की गोपनीयता में संतुलन बनाना ज़रूरी है! और ये मार्गदर्शक कारक हो सकता है! लेकिन HC ने इन मापदंडों को ध्यान में नहीं रखा!’

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