भारत बंद Vs नोटबंदी : अब तक देश को हो चुका है करोड़ो का नुक्सान, जानिए पूरी बात इस रिपोर्ट में

Bharat Band Vs Notebandi Analysis loss Profit India: आज हमारी रिपोर्ट में आपको काफी कुछ जानने के लिए मिलेगा तो हम आपसे गुजारिस करते है! हमारी इस रिपोर्ट को आखरी तक बड़े ध्यान से पढ़े! क्योकि नतीजा लेन के लिए धर्येपूर्ण होना बहुत जरुरी है! नतीजा भी ऐसा कि आखिर कौन सी पार्टी के अनुसार विकास बड़ा हो रहा है और किसके अनुसार पागल हो रहा है! पार्टी बस दो जिनके बिच जुंग छिड़ी हुई है! कांग्रेस ने तो जैसे मेह्गाई और विकास से पलड़ा सा झाड़ दिया है! भारत बंद के बाद अब सिर्फ महगाई की बात भूल गयी! लोकसभा की बाते कर रही है! Bharat Band Vs Notebandi Analysis loss Profit India - चलिए सबसे पहले बात करते भारतीय जनता पार्टी के पहले बड़े फैसले की! जिसने पुरे देश को लाइन में लगा दिया! इसी दौरान हर किसी को लगने लगा था! मार्किट से तो पैसा गायब हो गया मतलब अब विकास दर घाट जाएगी व्ही ये भी मन्ना था कि मार्किट में वापस पैसा 40 दिनों के अंदर आने से विकास दर ऊपर उठ जाएगी! आप सब लोग जानते ही है किस तरह पूरा देश लाइन में खड़ा हुआ! कई मासूमो ने अपनी जान भी गवा दी! इसी स्ट्रेटेजी का फायदा उठाने में कांग्रेस ने कोई कसर नह छोड़ी थी! उस समय लग रहा था जैसे सच में जनता की तकलीफ देखकर कांग्रेस को पीड़ा हो रही हो! वही दूसरी और बीजेपी तो मानो नोटबंदी के गुणगानो से पूरी तरह भरी हुई थी! अब ये होगा, वो होगा, विकास होगा! जो कोई इसमें अपनी जान गवा बैठा उस पर तो कुछ कहाँ ही नहीं! अब आते है असली मुद्दे पर हाल ही के भारत बंद मुद्दे को देखा जाये तो कांग्रेस का भी असली चेहरा सामने आ गया! कांग्रेस ने भी कोई कमी नी छोड़ी अपने अधिकारों का गलत तरिके से खुलकर उपयोग किया! ऐसा हम इस इसलिए कह रहे है क्योकि भारत बंद का मुद्दा था महगाई! जिसके विरोध में आम जनता भी साथ देना चाहती थी! लेकिन कई ऐसे वाकये देखने को मिले जहाँ लगा कांग्रेस ने जबरन भारत बंद आंदोलन करवाया हो! जैसा मध्यप्रदेश में देखने को मिला, बिहार में मौत हुई, उत्तराखंड में बस सर्विस टप्प! यानी सब कछ टप्प हो गया! अब आपके दिमाग में चल रहा होगा कि जब भारत बंद ही है तो ऐसे हादसे होना तो लाज़मी है! लेकिन कांग्रेस को ये हक़ किसने दिया जो इंसान इस आंदोलन में हिस्सा नहीं लेना चाहता तो उससे जबरदस्ती क्यों! कई जगहों पर आम जनता और कांग्रेसी कार्यकर्ता के बीच में मुठभेड़ भी हुई! कांग्रेस ने सारी हाडे पार कर दी उसने दुकानों को जबरन बंद करवाया, रेल यातायात रोक दिए, सड़के जबरन जाम क्र दी क्यों भाई जिसे हिस्सा नहीं लेना उसके साथ क्या जबरदस्ती है तुम्हारी! उसको क्या गोल्ड मैडल दिलवाओगे! चलिए 40 दिन के पश्चात् नोटबंदी से तो ग्रोथ हो गया था! भारत बंद के बाद कौन सा विकास करोंगे! अगर कांग्रेस पार्टी भारत की पार्टी है तो जब अभी भारत बंद हुआ था तो दूसरी बार भारत बंद का किस्सा क्यों! क्या इन मुद्दों से भारत की ग्रोथ प्रभावित नहीं होगी क्या! अब बेरोजगारी नहीं बढ़ेगी! जिनके पास रोजगार है तुम तो उन्हें भी टप्प करने पर लगे हो! हालांकि हम आपको जानकारी दे इस भारत बंद में ग्रामीण छेत्र में करोड़ो का नुक्सान हुआ है जोकि नोटबंदी के नजरिये से देखा जाये तो ये नुक्सान की भरपाई कौन करेंगा! और जब इन सब कांडो के बाद कांग्रेसी नेताओ के भाषण सुने तो लग रहा था कि महगाई का बहाना बनाकर सत्ता हासिल करने की सीढिया तैयार की हो! अब हम आपको बताते है दोनों पहलू से जुड़े कुछ आकड़े - आरबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, नोटबंदी के बाद नए नोटों की छपाई की अनुमानित लागत 7,965 करोड़ रुपये आई है, जोकि साल 2016 में नोटों की छपाई की लागत 3,421 करोड़ रुपये के मुकाबले में दोगुने से भी ज्यादा है! मगर, वास्तविकता में 15.28 लाख करोड़ रुपये के पुराने नोट बैंकों में लौट आए. आरबीआई के आंकड़ों के हिसाब से 15.44 लाख करोड़ रुपए के ही पुराने नोट जारी किए गए थे. इस हिसाब से करीब 99.3 फीसदी पैसा वापिस लौट आया। हालांकि, असलियत में नकली नोटों की संख्या में 20 फीसदी का इजाफा देखने को मिला. मगर पकड़े गए नकली नोटों की संख्या कुल नोटों की 0.0007 फीसदी ही निकली. 2000 के नए नोट की नकल आने में भी ज्यादा देर नहीं लगी. इनकी संख्या 638 रही, जिसका मतलब है कि 12.76 लाख रुपये के 2,000 के नकली नोट पकड़े गए! आपकी जानकारी के लिए बता दे इससे पहले भी 6 देश नोटबंदी कर चुके थे मगर वे उभरने में नाकाम रहे ! उन देशो का नाम कुछ इस प्रकार है सोवियत संघ, नॉर्थ कोरिया , म्यांमार , जायर , घाना , नाइजीरिया जो नोटबंदी के बाद उभर नहीं पाए। लेकिन भारत नोटबंदी करने के बाद उभरने में सफल रहा है! अब हम आपको बताता है जब जब भारत बंद हुआ तो देश को कितना नुक्सान हुआ - सितंबर 2015 में देश के ट्रेड यूनियनों ने एक दिन के बंद का आह्वान किया था. इस एक दिन के बंद में देश की बैंकिंग व्यवस्था समेत ट्रांस्पोर्टशन और अन्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई थी. इस एक दिन के बंद के बाद चैंबर ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज (सीआईआई) ने आकलन किया कि देश की अर्थव्यवस्था को कुल 25 हजार करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा! एक बार फिर सितंबर 2016 में सेंट्रल ट्रेड यूनियन ने एक दिन के भारत बंद का आह्वान किया. इस एक दिन के दौरान देशभर में ट्रांस्पोर्ट, मैन्यूफैक्चरिंग और बैंकिंग सेवा बुरी तरह प्रभावित हुई और इंडस्ट्री चैंबर एसोचैम ने इस एक दिन के बंद से अर्थव्यवस्था को 18 हजार करोड़ रुपये के नुकसान पहुंचने का दावा किया! वहीं जनवरी 2018 में दलित संगठनों ने एक दिन के महाराष्ट्र बंद का आह्वान किया और बंद के दौरान जहां राज्य में कारोबार समेट ट्रांस्पोर्टेशन पूरी तरह ठप पड़ गया था वहीं बंद में हिंसा के चलते राज्य की संपत्ति को बड़ा नुकसान पहुंचा था. इस बंद के बाद राज्य में रीटेल कारोबार ने 700 करोड़ रुपये के नुकसान का दावा किया तो राज्य के होटल और रेस्तरां ने 100 करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान का दावा किया था! हाल ही में जुलाई 2018 के दौरान देश में 8 दिनों तक ट्रक चालकों की हड़ताल रही. इन आठ दिनों के दौरान अर्थव्यवस्था को लगभग 50 हजार करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया गया. इस हड़ताल के चलते 20 जुलाई से लेकर 28 जुलाई तक देशभर में लगभग 90 लाख ट्रक सड़कों पर खड़े हो गए और इसका सीधा असर सरकारी और निजी क्षेत्र के कामकाज के साथ-साथ देश में खाने-पीने की वस्तुओं से लेकर फैक्ट्रियों के उत्पाद पर पड़ा! लिहाजा, महज ट्रक की हड़ताल के चलते अर्थव्यवस्था को प्रतिदिन 6 से 7 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. तो दोस्तों उम्मीद करते है हमारी इस जानकारी से आपको पता चल ही गया होगा ये सब राजनीती है ! जिस कांग्रेस को नोटेबंदी के समय तकलीफ हो रही थी भारत बंद का उतना ही मजा लुटा गया । सिर्फ सत्ता हाशिल करने के लिए ये सब खेल खेले जाते है! पर शायद अब इन नेताओ को ये नहीं पता कि आम जनता भी इनकी पॉलिसी को समझने लगी है । आपसे गुजारिश करते है देश की भागदौड़ को समभालने वाले राजनेता को ही वोट दे ! ताकि हम आज का रूस बन सके वर्ल्ड में चारो तरफ हमारा गुणगान हो ! अगर आप्को हमारी इस रिपोर्ट में कही कोई कमी लगी हो तो हमे कमेंट करके जरूर बताये ताकि आने वाले टॉपिक को ज्यादा अच्छे से समझा सके । और अगर आपको पोस्ट पसंद आयी तो ज्यादा से ज्यादा शेयर करे ताकि हर हिंदुस्तानी जान सके कौन कितने पानी में है ! और देखें - दुनिया में छिपा भगवान् भोलेनाथ और हनुमान जी एक ऐसा रहस्य, जिसे जान कर हैरान हो जाओगे ! 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भारत बंद Vs नोटबंदी : अब तक देश को हो चुका है करोड़ो का नुक्सान, जानिए पूरी बात इस रिपोर्ट में

Bharat Band Vs Notebandi Analysis loss Profit India: आज हमारी रिपोर्ट में आपको काफी कुछ जानने के लिए मिलेगा तो हम आपसे गुजारिस करते है! हमारी इस रिपोर्ट को आखरी तक बड़े ध्यान से पढ़े! क्योकि नतीजा लेन के लिए धर्येपूर्ण होना बहुत जरुरी है! नतीजा भी ऐसा कि आखिर कौन सी पार्टी के अनुसार विकास बड़ा हो रहा है और किसके अनुसार पागल हो रहा है! पार्टी बस दो जिनके बिच जुंग छिड़ी हुई है! कांग्रेस ने तो जैसे मेह्गाई और विकास से पलड़ा सा झाड़ दिया है! भारत बंद के बाद अब सिर्फ महगाई की बात भूल गयी! लोकसभा की बाते कर रही है!

Bharat Band Vs Notebandi Analysis loss Profit India -

चलिए सबसे पहले बात करते भारतीय जनता पार्टी के पहले बड़े फैसले की! जिसने पुरे देश को लाइन में लगा दिया! इसी दौरान हर किसी को लगने लगा था! मार्किट से तो पैसा गायब हो गया मतलब अब विकास दर घाट जाएगी व्ही ये भी मन्ना था कि मार्किट में वापस पैसा 40 दिनों के अंदर आने से विकास दर ऊपर उठ जाएगी! आप सब लोग जानते ही है किस तरह पूरा देश लाइन में खड़ा हुआ! कई मासूमो ने अपनी जान भी गवा दी! इसी स्ट्रेटेजी का फायदा उठाने में कांग्रेस ने कोई कसर नह छोड़ी थी! उस समय लग रहा था जैसे सच में जनता की तकलीफ देखकर कांग्रेस को पीड़ा हो रही हो! वही दूसरी और बीजेपी तो मानो नोटबंदी के गुणगानो से पूरी तरह भरी हुई थी! अब ये होगा, वो होगा, विकास होगा! जो कोई इसमें अपनी जान गवा बैठा उस पर तो कुछ कहाँ ही नहीं! भारत बंद Vs नोटबंदी : अब तक देश को हो चुका है करोड़ो का नुक्सान, जानिए पूरी बात इस रिपोर्ट में अब आते है असली मुद्दे पर हाल ही के भारत बंद मुद्दे को देखा जाये तो कांग्रेस का भी असली चेहरा सामने आ गया! कांग्रेस ने भी कोई कमी नी छोड़ी अपने अधिकारों का गलत तरिके से खुलकर उपयोग किया! ऐसा हम इस इसलिए कह रहे है क्योकि भारत बंद का मुद्दा था महगाई! जिसके विरोध में आम जनता भी साथ देना चाहती थी! लेकिन कई ऐसे वाकये देखने को मिले जहाँ लगा कांग्रेस ने जबरन भारत बंद आंदोलन करवाया हो! जैसा मध्यप्रदेश में देखने को मिला, बिहार में मौत हुई, उत्तराखंड में बस सर्विस टप्प! यानी सब कछ टप्प हो गया! भारत बंद Vs नोटबंदी : अब तक देश को हो चुका है करोड़ो का नुक्सान, जानिए पूरी बात इस रिपोर्ट में अब आपके दिमाग में चल रहा होगा कि जब भारत बंद ही है तो ऐसे हादसे होना तो लाज़मी है! लेकिन कांग्रेस को ये हक़ किसने दिया जो इंसान इस आंदोलन में हिस्सा नहीं लेना चाहता तो उससे जबरदस्ती क्यों! कई जगहों पर आम जनता और कांग्रेसी कार्यकर्ता के बीच में मुठभेड़ भी हुई! कांग्रेस ने सारी हाडे पार कर दी उसने दुकानों को जबरन बंद करवाया, रेल यातायात रोक दिए, सड़के जबरन जाम क्र दी क्यों भाई जिसे हिस्सा नहीं लेना उसके साथ क्या जबरदस्ती है तुम्हारी! उसको क्या गोल्ड मैडल दिलवाओगे! चलिए 40 दिन के पश्चात् नोटबंदी से तो ग्रोथ हो गया था! भारत बंद के बाद कौन सा विकास करोंगे! भारत बंद Vs नोटबंदी : अब तक देश को हो चुका है करोड़ो का नुक्सान, जानिए पूरी बात इस रिपोर्ट में अगर कांग्रेस पार्टी भारत की पार्टी है तो जब अभी भारत बंद हुआ था तो दूसरी बार भारत बंद का किस्सा क्यों! क्या इन मुद्दों से भारत की ग्रोथ प्रभावित नहीं होगी क्या! अब बेरोजगारी नहीं बढ़ेगी! जिनके पास रोजगार है तुम तो उन्हें भी टप्प करने पर लगे हो! हालांकि हम आपको जानकारी दे इस भारत बंद में ग्रामीण छेत्र में करोड़ो का नुक्सान हुआ है जोकि नोटबंदी के नजरिये से देखा जाये तो ये नुक्सान की भरपाई कौन करेंगा! और जब इन सब कांडो के बाद कांग्रेसी नेताओ के भाषण सुने तो लग रहा था कि महगाई का बहाना बनाकर सत्ता हासिल करने की सीढिया तैयार की हो!

अब हम आपको बताते है दोनों पहलू से जुड़े कुछ आकड़े -

आरबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, नोटबंदी के बाद नए नोटों की छपाई की अनुमानित लागत 7,965 करोड़ रुपये आई है, जोकि साल 2016 में नोटों की छपाई की लागत 3,421 करोड़ रुपये के मुकाबले में दोगुने से भी ज्यादा है! भारत बंद Vs नोटबंदी : अब तक देश को हो चुका है करोड़ो का नुक्सान, जानिए पूरी बात इस रिपोर्ट में मगर, वास्तविकता में 15.28 लाख करोड़ रुपये के पुराने नोट बैंकों में लौट आए. आरबीआई के आंकड़ों के हिसाब से 15.44 लाख करोड़ रुपए के ही पुराने नोट जारी किए गए थे. इस हिसाब से करीब 99.3 फीसदी पैसा वापिस लौट आया। हालांकि, असलियत में नकली नोटों की संख्या में 20 फीसदी का इजाफा देखने को मिला. मगर पकड़े गए नकली नोटों की संख्या कुल नोटों की 0.0007 फीसदी ही निकली. 2000 के नए नोट की नकल आने में भी ज्यादा देर नहीं लगी. इनकी संख्या 638 रही, जिसका मतलब है कि 12.76 लाख रुपये के 2,000 के नकली नोट पकड़े गए! भारत बंद Vs नोटबंदी : अब तक देश को हो चुका है करोड़ो का नुक्सान, जानिए पूरी बात इस रिपोर्ट में आपकी जानकारी के लिए बता दे इससे पहले भी 6 देश नोटबंदी कर चुके थे मगर वे उभरने में नाकाम रहे ! उन देशो का नाम कुछ इस प्रकार है सोवियत संघ, नॉर्थ कोरिया , म्यांमार , जायर , घाना , नाइजीरिया जो नोटबंदी के बाद उभर नहीं पाए। लेकिन भारत नोटबंदी करने के बाद उभरने में सफल रहा है!

अब हम आपको बताता है जब जब भारत बंद हुआ तो देश को कितना नुक्सान हुआ -

सितंबर 2015 में देश के ट्रेड यूनियनों ने एक दिन के बंद का आह्वान किया था. इस एक दिन के बंद में देश की बैंकिंग व्यवस्था समेत ट्रांस्पोर्टशन और अन्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई थी. इस एक दिन के बंद के बाद चैंबर ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज (सीआईआई) ने आकलन किया कि देश की अर्थव्यवस्था को कुल 25 हजार करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा! भारत बंद Vs नोटबंदी : अब तक देश को हो चुका है करोड़ो का नुक्सान, जानिए पूरी बात इस रिपोर्ट में एक बार फिर सितंबर 2016 में सेंट्रल ट्रेड यूनियन ने एक दिन के भारत बंद का आह्वान किया. इस एक दिन के दौरान देशभर में ट्रांस्पोर्ट, मैन्यूफैक्चरिंग और बैंकिंग सेवा बुरी तरह प्रभावित हुई और इंडस्ट्री चैंबर एसोचैम ने इस एक दिन के बंद से अर्थव्यवस्था को 18 हजार करोड़ रुपये के नुकसान पहुंचने का दावा किया! वहीं जनवरी 2018 में दलित संगठनों ने एक दिन के महाराष्ट्र बंद का आह्वान किया और बंद के दौरान जहां राज्य में कारोबार समेट ट्रांस्पोर्टेशन पूरी तरह ठप पड़ गया था वहीं बंद में हिंसा के चलते राज्य की संपत्ति को बड़ा नुकसान पहुंचा था. इस बंद के बाद राज्य में रीटेल कारोबार ने 700 करोड़ रुपये के नुकसान का दावा किया तो राज्य के होटल और रेस्तरां ने 100 करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान का दावा किया था! भारत बंद Vs नोटबंदी : अब तक देश को हो चुका है करोड़ो का नुक्सान, जानिए पूरी बात इस रिपोर्ट में हाल ही में जुलाई 2018 के दौरान देश में 8 दिनों तक ट्रक चालकों की हड़ताल रही. इन आठ दिनों के दौरान अर्थव्यवस्था को लगभग 50 हजार करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया गया. इस हड़ताल के चलते 20 जुलाई से लेकर 28 जुलाई तक देशभर में लगभग 90 लाख ट्रक सड़कों पर खड़े हो गए और इसका सीधा असर सरकारी और निजी क्षेत्र के कामकाज के साथ-साथ देश में खाने-पीने की वस्तुओं से लेकर फैक्ट्रियों के उत्पाद पर पड़ा! लिहाजा, महज ट्रक की हड़ताल के चलते अर्थव्यवस्था को प्रतिदिन 6 से 7 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. तो दोस्तों उम्मीद करते है हमारी इस जानकारी से आपको पता चल ही गया होगा ये सब राजनीती है ! जिस कांग्रेस को नोटेबंदी के समय तकलीफ हो रही थी भारत बंद का उतना ही मजा लुटा गया । सिर्फ सत्ता हाशिल करने के लिए ये सब खेल खेले जाते है! पर शायद अब इन नेताओ को ये नहीं पता कि आम जनता भी इनकी पॉलिसी को समझने लगी है । आपसे गुजारिश करते है देश की भागदौड़ को समभालने वाले राजनेता को ही वोट दे ! ताकि हम आज का रूस बन सके वर्ल्ड में चारो तरफ हमारा गुणगान हो ! अगर आप्को हमारी इस रिपोर्ट में कही कोई कमी लगी हो तो हमे कमेंट करके जरूर बताये ताकि आने वाले टॉपिक को ज्यादा अच्छे से समझा सके । और अगर आपको पोस्ट पसंद आयी तो ज्यादा से ज्यादा शेयर करे ताकि हर हिंदुस्तानी जान सके कौन कितने पानी में है ! और देखें - दुनिया में छिपा भगवान् भोलेनाथ और हनुमान जी एक ऐसा रहस्य, जिसे जान कर हैरान हो जाओगे !